Aamir Khan launches Dhoom 3' trailer

 Aamir Khan
धूम-3 का ट्रेलर हुआ लॉन्च, ये होगी बॉलीवुड की पहली आईमैक्स फिल्म
News in Hindiनई दिल्ली। दिवाली से ठीक पहले आमिर खान ने धूम-3 का ट्रेलर लॉन्च कर दिया। फिल्म के ट्रेलर में आमिर खान जबरदस्त स्टंट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह फिल्म अभी तक की बाकी हिंदी फिल्मों से बहुत खास है क्योंकि आईमैक्स फॉर्मेट में रिलीज होने वाली यह बॉलीवुड की पहली फिल्म होगी।
ट्रेलर में साहिर (आमिर खान) बिल्डिंग से कूदते-फांदते और बाइक पर शानदार स्टंट करते हुए दिखाई दे रहे हैं तो आलिया (कट्रीना कैफ) करतब करते एरोबिक्स के स्टाइल में डांस कर रही हैं। अभिषेक और उदय चोपड़ा इस सीरीज की पहले की दो फिल्मों की तरह अपने रोल में नजर आ रहे हैं। ट्रेलर में सिर्फ स्टंट ही नहीं, बल्कि तकनीक का भी तड़का लगाया गया है।
ट्रेलर लॉन्च के वक्त फिल्म की अभिनेत्री कट्रीना के मौजूद न होने की वजह आमिर को बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जानबूझकर कट्रीना को इस लॉन्च से दूर रखा गया, ताकि सारा फोकस कट्रीना पर रहे। अभिषेक ट्रेलर लॉन्च के वक्त मौजूद थे। इंटरनेट पर रिलीज होते ही यह ट्रेलर जमकर देखा जा रहा है।
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Modi to lay foundation stone of Sardar Patel statue today


 Sardar Patel
Hindi News: अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को सरदार पटेल की प्रतिमा 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' का शिलान्यास करेंगे। वहीं, मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार भी करेंगे। 31 अक्टूबर यानी आज सरदार पटेल का जन्म दिन भी है।
182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के करीब साधु बेत पर बननी है। निर्माण के बाद दुनिया की यह सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। मोदी ने इस प्रतिमा के लिए किसानों से लोहा दान करने की अपील की है। गुरुवार को ही मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। यह अमेरिका की मशहूर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुना ऊंची होगी।
मूर्ति का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ही 2000 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। चीन की 153 मीटर ऊंची स्प्रिंग टेंपल बुद्धा मूर्ति इसकी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी होगी। इस बीच स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखे जाने से पहले मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, इस साल सरदार पटेल की जयंती ज्यादा खास होगी क्योंकि हम स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखने जा रहे हैं। भारत के लौह पुरुष के सम्मान में बनाई गई यह मूर्ति 182 मीटर की होगी और दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में होगी।
Source- News in Hindi 
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Oddnews



 शादी के 77 साल बाद 99 वर्षीय बुजुर्ग ने मांगा तलाक - 

Odd News in Hindi: लंदन। बुढ़ापे में पति व पत्नी एकदूसरे के साथ समय व्यतीत करना चाहते हैं। अतीत में हुई गलतियों को वह हंस कर टाल देते हैं। मगर इटली में एक 99 वर्षीय वृद्ध को जब यह पता लगा कि उनकी 96 वर्षीया पत्नी का 60 साल पहले किसी के साथ अफेयर रहा था तो उन्होंने अदालत में तलाक की अर्जी लगा दी। यदि ऐसा हो जाता है तो वह दुनिया में सबसे उम्र में तलाक लेने वाले व्यक्ति बन जाएंगे। ब्रिटिश अखबार द डेली टेलीग्राफ के अनुसार, एंटोनियो सी ने इस साल क्रिसमस के कुछ दिन पहले ही तलाक के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। पत्नी रोजा सी के साथ बाद काफी लंबा समय गुजार लेने के बाद जब उन्हें पता लगा कि उनके साथ विश्वासघात हुआ है तो वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सके। दोनों ने 1934 में शादी की थी। रोजा ने अपने पुराने प्रेम प्रसंग की बात स्वीकार ली है। फिर भी वह पति को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए नहीं मना सकीं। इस दंपती के पांच बच्चे और एक दर्जन नाती-पोते तथा एक प्रपौत्र भी है। रोम की अदालत की ओर से इस सप्ताह जारी किए गए दस्तावेजों के अनुसार, 1940 में अपने गुप्त प्रेम प्रसंग के दौरान महिला ने अपने प्रेमी को खत भी लिखे थे। वैवाहिक जीवन में आठ दशक से ज्यादा का समय गुजार लेने के बावजूद अब यह जोड़ा अलग होने की तैयारी कर रहा है। मामले की सुनवाई आगामी मार्च में होगी। दोनों की मुलाकात 1930 में हुई थी, जब युवावस्था में एंटोनियो नेपल्स में एक अधिकारी के तौर पर नियुक्त हुए थे। यह मामला किसी भी दंपती के सर्वाधिक उम्र में तलाक लेने का एक नया रिकॉर्ड कायम कर सकता है। इससे पहले का रिकॉर्ड ब्रिटेन के बेर्टी और जेसी वुड के नाम है, जब उन्होंने तलाक लिया था तो दोनों की उम्र 98 वर्ष थी। इस जोड़े ने अपनी 36 साल पुरानी शादी का अंत 2009 में किया था।
Source- News in Hindi 
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Bigg boss 7 strong candidate tanisha

 bigg boss 7 latest news
क्या तनीषा के चाहने पर कुशाल के साथ यह सब हुआ?
News in Hindiनई दिल्ली। बिग बॉस में तनीषा का राज चलता है यह बात तो हम आपको पहले ही बता चुके हैं। पर क्या आप यह जानते हैं कि इन दिनों कुशाल के साथ जो कुछ भी हो रहा है उन सबके पीछे तनीषा का हाथ है। मंगलवार की रात बिग बॉस के घर में हाई वोल्टेज ड्रामा हुआ।
एंडी द्वारा गौहर से अभद्र व्यवहार से गुस्साए कुशाल ने उन्हें पीटने की कोशिश की और नतीजा बिग बॉस ने कुशाल को घर से बाहर निकलने का आदेश दे डाला। कुशाल को घर से निकलने का आदेश मिलते ही गौहर भी उनके साथ घर से बाहर आ गईं। इतना ही नहीं बाहर निकलते समय गौहर बेहोश हो गईं और फिर कुशाल उन्हें अपने हाथों में उठाकर लेकर आए।
इन दिनों बिग बॉस दर्शकों के लिए काफी दिलचस्प है पर कुशाल के साथ यह सब क्यों हो रहा है यह बात हम आपको बताते हैं। इस बार तनीषा के ईर्द-गिर्द ही बिग बॉस के घर की कहानी को रचा गया है। सलमान जिस तरीके से तनीषा की पक्ष लेते हुए नजर आते हैं उसे देखने के बाद यही लगता है कि वो हर हाल में तनीषा को विजय प्राप्त करते हुए देखना चाहते हैं।
बॉलीवुड सूत्रों के अनुसार ऐसा हो सकता है कि तनीषा के कहने पर ही कुशाल को बिग बॉस के घर से बाहर किया गया हो क्योंकि इन दिनों कुशाल ने तनीषा को काफी हद तक परेशान करके रखा हुआ था। ऐसे में हम कुशाल को यही कहेंगे कि यदि उन्होंने तनीषा को अरमान की तरह खुश रखा होता तो आज उन्हें बिग बॉस के घर से बाहर का रास्ता नहीं देखना पड़ता।
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LG heats up phablet race, launches G Pro Lite with Dual SIM and dedicated hot key for 22,990

LG
Hindi News: नई दिल्ली। एलजी ने मंगलवार को अपने आधुनिक स्मार्टफोन डिवाइस को लांच किया। 5.5 इंच डिसप्ले वाले इस नये एलजी प्रोडक्ट जी प्रो लाइट डुअल की कीमत 22, 990 रुपये रखी गयी है।
इसका नया फीचर हॉट की इस फोन का यूएसपी है। यह यूजर्स को एक फोन से दो नंबर को आसानी से मैनेज करने की सुविधा देता है। 5.5 इंच क्यूएचडी आइपीएस डिसप्ले वाले इस डुअल सिम फैबलेट में एंड्रायड जेली बीन व 1जीएचजेड डुअल कोर प्रोसेसर के साथ 1 जीबी रैम भी है। इसमें 3,140 एमएएच की रिमूवेबल बैटरी है। साथ ही इसमें 8 मेगापिक्सल रियर कैमरा व 1.3 मेगापिक्सल फ्रंट कैमरा मौजूद है। एलजी जी प्रो लाइट में कई एप्स पहले से मौजूद हैं जैसे- नॉक ऑन, पाउज एंड रिज्यूमे रिकार्डिग, क्यू स्लाइड, क्विक मेमो और क्यू ट्रांसलेटर।
एलजी इंडिया के एमडी सून नॉन ने कहा कि स्मार्टफोन के बाजार में पांच इंच के डिसप्ले वाले डिवाइसेज की खूब मांग है और एलजी इस होड़ में अभी तक अच्छे स्थान पर है।
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Politices on Sardar Patel Legacy

 Sardar Patel
Hindi Newsनई दिल्ली। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को नर्मदा नदी के सरदार सरोवर बांध पर उनको समर्पित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का शिलान्यास नरेंद्र मोदी ने किया। नरेंद्र मोदी द्वारा इसको जोर-शोर से प्रचारित करने और पटेल के प्रथम प्रधानमंत्री नहीं बन पाने का दुख प्रकट करने पर नाराज कांग्रेस ने भाजपा पर पटेल की विरासत हथियाने की कोशिशों का आरोप लगाया है।
भाजपा की कोशिश : भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शुरू से ही नेहरू परिवार के बगैर देश की कल्पना करता रहा है। उसी कड़ी में नेहरू के समानांतर पटेल को खड़ा करने की कोशिशें होती रही हैं।
गांधी से रिश्ता महात्मा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा थी। गांधी जी की हत्या से कुछ क्षण पहले निजी रूप से गांधी जी से बात करने वाले पटेल अंतिम व्यक्ति थे। उन्होंने सुरक्षा में चूक को गृह मंत्री होने के नाते अपनी गलती माना। उनकी हत्या के सदमे से वह उबर नहीं पाए। गांधी जी की मृत्यु के दो महीने के भीतर ही उनको दिल का दौरा पड़ा था।
नेहरू से नजदीकी- नेहरू कश्मीरी ब्राह्मण थे। पटेल गुजरात के कृषक समुदाय से ताल्ल़ुक रखते थे। दोनों ही गांधी के निकट थे।
- नेहरू समाजवादी विचारों से प्रेरित थे। पटेल बिजनेस के प्रति नरम रुख रखने वाले खांटी हिंदू थे।
- नेहरू से उनके संबंध मधुर थे। लेकिन कई मसलों पर दोनों के बीच मतभेद भी थे।
मतभेद : कश्मीर के मसले पर दोनों के विचार भिन्न थे। कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र को मध्यस्थ बनाने के सवाल पर पटेल ने नेहरू का कड़ा विरोध किया था। कश्मीर समस्या को सरदर्द मानते हुए वह भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय आधार पर मामले को निपटाना चाहते थे। इस मसले पर वह विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ थे।
Source- News in Hindi 
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Kirit Parikh panel recommends a hike of Rs 250 per LPG cylinder


 diesel

Hindi Newsनई दिल्ली। चुनावी साल में बड़े आर्थिक सुधारों का जोखिम लेना भले ही सरकार के लिए संभव न हो, लेकिन किरीट एस पारिख समिति ने डीजल व रसोई गैस मूल्यों में एकमुश्त भारी बढ़ोतरी की सिफारिश कर दी है। पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें तय करने के लिए बनी इस समिति के मुताबिक वक्त की जरूरत के हिसाब से डीजल में पांच रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस में 250 रुपये प्रति सिलेंडर की वृद्धि होनी चाहिए।
समिति ने केरोसिन की कीमत में भी एकमुश्त चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का सुझाव दिया है। योजना आयोग के पूर्व सदस्य पारिख ने पेट्रो उत्पादों की कीमत तय करने पर अपनी रिपोर्ट बुधवार को सरकार को सौंप दी। वैसे, इस रिपोर्ट का हश्र क्या होगा, इसे पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने खुद ही साफ कर दिया।
जून, 2013 में समिति गठित करने के समय उन्होंने कहा था, 'पारिख समिति की रिपोर्ट जैसी भी होगी, उसे स्वीकार किया जाएगा।' आज उन्होंने कहा, 'रिपोर्ट पर सरकार विचार करेगी और उचित कार्रवाई करेगी।' यह 'उचित कार्रवाई' कब तक होगी, इसकी समय सीमा भी उन्होंने नहीं बताई। समिति ने डीजल की खुदरा कीमत में एकमुश्त पांच रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करने के साथ ही इस पर सब्सिडी की सीमा छह रुपये तय करने की बात कही है। साथ ही एक निर्धारित समय सीमा के भीतर छह रुपये की सब्सिडी को भी धीरे-धीरे खत्म करने की बात कही गई है।
सरकार सैद्धांतिक तौर पर डीजल की कीमत बाजार के आधार पर तय करने का फैसला पहले ही कर चुकी है। अभी हर महीने तेल कंपनियां इसमें पचास पैसे प्रति लीटर की वृद्धि करती हैं। पारिख समिति ने केरोसिन और सब्सिडी वाली एलपीजी में तत्काल बढ़ोतरी की सिफारिश की है। समिति के मुताबिक, कृषि क्षेत्र में विकास दर के बराबर हर साल केरोसिन की कीमत में भी वृद्धि होनी चाहिए। हर परिवार को सालाना मिलने वाली सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की संख्या मौजूदा नौ से घटाकर वापस छह करने की भी सिफारिश की गई है। समिति रसोई गैस सब्सिडी को अगले दो वर्षो में पूरी तरह से खत्म करने के पक्ष में है।
Source- News in Hindi 
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India Test squad for West Indies series to be picked today


Sachin tendulkar

News in Hindiमुंबई। राष्ट्रीय चयनकर्ता आज अगले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली सचिन तेंदुलकर की विदाई सीरीज के लिए टेस्ट टीम चुनने को तैयार हैं। उनके सामने उपयुक्त गेंदबाजी संयोजन को चुनने की मुश्किल चुनौती होगी। इस सीरीज के बाद सचिन तेंदुलकर संन्यास लेंगे।
चयनकर्ताओं को फिटनेस हासिल कर चुके जहीर खान पर भी ध्यान देना होगा, जिन्होंने हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में पांच विकेट हासिल किए थे। जहीर फिटनेस समस्या के कारण पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच दिसंबर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। जहीर अगर टीम में शामिल होते हैं तो भारत के तेज गेंदबाजी विभाग को मजबूती मिलेगी, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में जूझ रहा है। इशांत शर्मा का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में काफी खराब रहा और उन्हें टीम से बाहर किया जा सकता है। वहीं इशांत के साथ नई गेंद संभालने वाले भुवनेश्वर कुमार में रफ्तार की कमी है।
संदीप पाटिल एंड कंपनी के दिमाग में दिसंबर में होने वाल दक्षिण अफ्रीकी दौरा भी होगा, जिससे अनुभवी जहीर को उमेश यादव और शमी अहमद के साथ मौका मिल सकता है। अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को भी आर अश्विन के साथ टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद है। प्रज्ञान ओझा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने एक भी मैच नहीं खेला था क्योंकि रवींद्र जडेजा ने उनकी जगह लेते हुए चार मैचों में 24 विकेट हासिल किए थे। अगर ओझा को लेग स्पिनर अमित मिश्रा की जगह शामिल किया जाता है तो यह हैरानी भरा होगा।
बल्लेबाजी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस साल फरवरी-मार्च में पिछली टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन जुटाने वाले मुरली विजय ने तब के बाद कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण प्रदर्शन नहीं किया है। सीनियर बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग भी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं के पास तमिलनाडु के विजय को शिखर धवन के साथ उतारने केअलावा सीमित विकल्प हैं। हालांकि चयनकर्ता गौतम गंभीर को तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।

    क्या जहीर की होगी टेस्ट टीम में वापसी?
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Tabish behind the creation of blue print of blast


 

Hindi News: पटना, जागरण संवाददाता। पटना पुलिस ने राजधानी में हुए सीरियल ब्लास्ट के मामले में एक और आतंकी तबिश नियाज उर्फ अरशद अंसारी को मोतिहारी से गिरफ्तार किया है। उसे बुधवार की शाम न्यायिक दंडाधिकारी प्रवाल दत्ता की अदालत में पेश किया गया। जहां से 12 नवंबर तक बेउर जेल भेज दिया गया। अरशद ही ने गांधी मैदान का नक्शा तैयार कर बम प्लांट का ब्लू प्रिंट तैयार किया था। सीनियर एसपी मनु महाराज ने बताया कि अरशद आतंकी हैदर का साथी है और कई आतंकी वारदातों में शामिल रहा है। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अरशद का नाम भी प्राथमिकी में दर्ज किया जाएगा। सभी आतंकी एक-दूसरे से परिचित हैं।
इम्तियाज की निशानदेही पर गिरफ्तार:-
पटना जंक्शन पर विस्फोट के बाद हाथ लगे आतंकी इम्तियाज ने पूछताछ में अरशद के बारे में जानकारी दी थी। जिसके बाद पटना पुलिस की एक टीम ने एएसपी टाउन मनोज तिवारी के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए मोतिहारी के चकिया प्रखंड स्थित अलौला गांव से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ है।
तीन दिन की थी रेकी :-
एसएसपी ने बताया कि अरशद अपने छह साथियों के साथ 6 से 9 अक्टूबर तक पटना में था। उसने गांधी मैदान के आसपास रेकी की। नक्शा तैयार करने के साथ कहां-कहां बम प्लांट करना है का ब्लू प्रिंट तैयार किया। अरशद के मुताबिक इम्तियाज ही मास्टर माइंड है।
प्लांट किए गए बीस बम :-
अरशद से हुई पूछताछ के बाद इस बात का खुलासा हुआ है कि बीस बम प्लांट किए जाने थे। इस काम में आठ लोग शामिल थे। जिनमें इम्तियाज, नुमान, तारिक, तौफीक, मोनू और असलम के अलावा हैदर शामिल थे। अरशद के बयान के बाद असलम एक नया नाम सामने आया है।
पीआइआर व मंच के पास भी लगाने थे बम :-
पूछताछ में अरशद ने बताया है कि एक दिन पहले रांची में बैठे इम्तियाज और हैदर को उसने अपने मोबाइल (9708931143) से इम्तियाज के मोबाइल (8294989548) पर बम लगाने के प्रमुख स्थानों के बारे में जानकारी भी दी थी। सभी प्रमुख गेट ट्विन टावर ग, उद्योग भवन, रामगुलाम, एसपी आफिस, पुरानी गांधी मूर्ति व नई प्रतिमा के आसपास, एसकेएम हॉल के सामने, जेपी गोलंबर, पीआइआर, मैदान में दोनों गांधी प्रतिमा के पास, भीड़ के बीच और मंच के नजदीक बम प्लांट करने थे।
Source- News in Hindi 
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Death Anniversary Special: A tribute to SD Burman

 Sachin Dev Burman
पुण्यतिथि विशेष: संगीत के सम्राट थे बर्मन दा
News in Hindiभारतीय सिनेमा में एक शख्स का योगदान कोई खारिज नहीं कर सकता। हम बात कर रहे हैं सचिन देव बर्मन की। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें याद किए बिना नहीं रहा जाता। बर्मन साहब अपनी धुनों को इस सरलता और सहजता से सजाते थे कि उनका हर गीत सुनने वाले के दिल में उतर जाता था। गायिकी में भी वे उनके ही कमाल के थे। आज भी सुनने वाले एसडी बर्मन को उनके सहज और सरल मगर शानदार संगीत के लिए याद करते हैं।
सचिन देव बर्मन को एसडी बर्मन के नाम से भी जाना जाता है। उनका जन्म एक अक्टूबर, 1906 को त्रिपुरा में हुआ था। उनके पिता त्रिपुरा के राजा ईशानचंद्र देव बर्मन के दूसरे पुत्र थे। ये नौ भाई-बहन थे।
सचिन देव ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से बीए की शिक्षा प्राप्त की। संगीत की दुनिया में उन्होंने सितारवादन के साथ कदम रखा। कलकत्ता विश्वविद्यालय से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने 1932 में कलकत्ता रेडियो स्टेशन पर गायक के तौर पर अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने बांग्ला फिल्मों तथा फिर हिंदी फिल्मों की ओर रुख किया।
1933 से 1975 तक बर्मन दा बंगाली व हिंदी फिल्मों में सक्त्रिय रहे। 1938 में एसडी बर्मन ने गायिका मीरा से विवाह किया व एक वर्ष बाद राहुल देव बर्मन का जन्म हुआ।
एसडी बर्मन ने अस्सी से भी ज्यादा फिल्मों में संगीत दिया। उन्होंने हिंदी फिल्मों में बहुत से दिल को छूने वाले कर्णप्रिय यादगार गीत दिए हैं। सचिन देव ने गाइड में अल्ला मेघ दे, पानी दे., वहां कौन है तेरा मुसाफिर जाएगा कहां., फिल्म प्रेम पुजारी में प्रेम के पुजारी हम हैं., फिल्म सुजाता में सुन मेरे बंधु रे, सुन मेरे मितवा जैसे गीतों को अपनी आवाज देकर उन्हें अमर बना दिया। उन्होंने फिल्म तलाश, बंदिनी, अमर प्रेम आदि फिल्मों में भी गानों को अपनी आवाज दी।
इनकी प्रमुख फिल्में हैं मिली, अभिमान, ज्वैल थीफ, गाइड, प्यासा, बंदनी, सुजाता और टैक्सी ड्राइवर।
सचिन देव ने देव आनंद के नवकेतन बैनर के अलावा विमल राय, गुरुदत्त, ऋषिकेश मुखर्जी की कई फिल्मों में बेहतरीन संगीत दिया। 1969 की फिल्म आराधना में भी उनका ही संगीत था। इस फिल्म से एक ओर सुपरस्टार राजेश खन्ना का उदय हुआ वहीं, गायक किशोर कुमार के करियर को भी नई ऊंचाई मिली।
1970 के दशक में उन्होंने शर्मीली, तेरे मेरे सपने, फागुन, अभिमान, मिली, चुपके चुपके जैसी फिल्मों में हिट संगीत दिया
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Kareena kapoor has been Honored by british government

 Kareena kapoor
ब्रिटिश संसद में सम्मानित हुईं करीना कपूर
News in Hindiलंदन। बॉलीवुड अभिनेत्री करीना कपूर को ब्रिटिश संसद के निचले सदन हाउस ऑफ कामंस में एशियाई साप्ताहिक अखबार ने सम्मानित किया। उन्हें यह सम्मान वैश्विक मनोरंजन उद्योग में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।
गृह मामलों की समिति के अध्यक्ष और प्रवासी भारतीय सांसद कीथ वाज ने मंगलवार रात अभिनेत्री को सुनहरे रंग के फ्रेम वाली पट्टिका प्रदान की। उनके अलावा एशियन संडे समाचार पत्र ने गायक किंबरले वाल्श और जादूगर डायनमो को भी सम्मानित किया।
करीना ने कभी खुशी कभी गम, ओंकारा, जब वी मैट, थ्री इडियट्स, गोलमाल 3 और बॉडीगार्ड जैसी कई सुपरहिट फिल्में दी हैं। अवार्ड ग्रहण करने के दौरान उन्होंने कहा, 'ब्रिटेन उनके पसंदीदा स्थानों में से एक है। भारत और ब्रिटेन के बीच खास संबंध रहा है और समय के साथ यह संबंध और मजबूत हो गए हैं।' इस अवसर पर उन्होंने अपनी परदादी (जो ब्रिटिश नागरिक थीं) और ससुर दिवंगत मंसूर अली पटौदी को याद किया। पटौदी ने ऑक्सफोर्ड क्रिकेट टीम की कप्तानी की थी। इस अवसर पर वाज ने एशियन संडे का अगले महीने से लंदन संस्करण लाने के फैसले के लिए अखबार की प्रबंध निदेशक फातिमा पटेल की प्रशंसा की।
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Another memorable inning of Virat Kohli


 Virat Kohli

News in Hindi(शिवम् अवस्थी) नई दिल्ली। टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर वह कमाल कर दिखाया जो शायद पिछले कुछ सालों से वह लगातार करते आ रहे हैं। हर अगले मैच में वो सुर्खियां बटोरते हैं और भविष्य के कप्तान होने का दावा बार-बार ठोंकने से नहीं चूकते। जयपुर में कंगारुओं के खिलाफ सबसे तेज भारतीय शतक लगाकर उन्होंने टीम इंडिया को जहां सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने में अहम भूमिका निभाई वहीं, नागपुर वनडे में भी कुछ ऐसे ही उन्होंने धूम मचाई।
नागपुर वनडे में दिल्ली के इस दिलेर ने किसी भी भारतीय द्वारा तीसरा सबसे तेज शतक जड़ा। इससे पहले जयपुर में उन्होंने जहां 52 गेंदों में शतक जड़ा था, वहीं नागपुर में उन्होने 61 गेंदों में यह कमाल किया। दोनों ही मौकों पर भारत ने अपने वनडे इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी व दूसरे नंबर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। यह कोहली के वनडे करियर का 17वां शतक था।
नागपुर वनडे में उन्होंने किसी भी गेंदबाज को नहीं बख्शा, फिर चाहे वो तेज गेंदबाज हो या फिर स्पिनर। जो भी उनके सामने आया ढहता चला गया। एक नजर डालते हैं कि उन्होंने किस गेंदबाज को कितना परेशान किया।
मिचेल जॉनसन की 16 गेंदों पर 24 रन
क्लिंट मैके की 7 गेंदों पर 11 रन
जेम्स फॉकनर की 17 गेंदों पर 34 रन
डोहर्टी की 6 गेंदों पर 17 रन
वॉटसन की 8 गेंदों पर 17 रन
मैक्सवेल की 5 गेंदों पर 7 रन
फिंच की 7 गेंदों पर 5 रन
विराट ने हर तरह से कंगारुओं की क्लास लगाई। जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी, तब वो भी इतनी तेज रफ्तार से आगे नहीं बढ़े थे जिस रफ्तार से कोहली के रिकॉर्डो की ट्रेन दौड़ लगा रही है। विराट के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से यह साफ हो जाता है कि मुमकिन है कि हमें नया सचिन मिल चुका है। सचिन के तमाम रिकॉर्डों से तो दुनिया वाकिफ है ही, लेकिन अगर विराट के कुछ ताजा रिकॉर्डो को देखें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि उनका फॉर्म, उनका प्रदर्शन किसी भी लिहाज से सचिन के शुरुआती दिनों से कम नहीं है, बल्कि या यह कहें कि ज्यादा ही है.एक नजर विराट के पांच साल (2008 से अब तक) के छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में हासिल किए अब तक के कुछ खास आंकड़ों पर, अब फैसला आप करें..

India remembers Indira Gandhi on 29th death anniversary


 Indira Gandhi

Hindi Newsनई दिल्ली। देश ने गुरुवार को दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 29वीं पुण्यतिथि पर याद किया। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उनकी समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी और ऐसे में सियासी उतार-चढ़ाव को वह बखूबी समझती थीं। इंदिरा का जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ। पिता जवाहर लाल नेहरू आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों में शामिल थे। वही दौर रहा, जब 1919 में उनका परिवार बापू के सानिध्य में आया और इंदिरा ने पिता नेहरू से राजनीति का ककहरा सीखा। मात्र ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए बच्चों की वानर सेना बनाई। 1938 में वह औपचारिक तौर पर इंडियन नेशनल काग्रेस में शामिल हुईं और 1947 से 1964 तक अपने प्रधानमंत्री पिता नेहरू के साथ उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।
ऐसा भी कहा जाता था कि वह उस वक्त प्रधानमंत्री नेहरू की निजी सचिव की तरह काम करती थीं, हालांकि इसका कोई आधिकारिक ब्यौरा नहीं मिलता।
पिता के निधन के बाद काग्रेस पार्टी में इंदिरा गाधी का ग्राफ अचानक काफी ऊपर पहुंचा और लोग उनमें पार्टी एवं देश का नेता देखने लगे। वह सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनीं। शास्त्री जी के निधन के बाद 1966 में वह देश के सबसे शक्तिशाली पद [प्रधानमंत्री] पर आसीन हुईं।
एक समय गूंगी गुडिया कही जाने वाली इंदिरा गाधी तत्कालीन राजघरानों के प्रिवी पर्स समाप्त कराने को लेकर उठे तमाम विवाद के बावजूद तत्संबंधी प्रस्ताव को पारित कराने में सफलता हासिल करने, बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने जैसा साहसिक फैसला लेने और पृथक बाग्लादेश के गठन और उसके साथ मैत्री और सहयोग संधि करने में सफल होने के बाद बहुत तेजी से भारतीय राजनीति के आकाश पर छा गईं।
वर्ष 1975 में आपातकाल लागू करने का फैसला करने से पहले भारतीय राजनीति एक धु्रवीय सी हो गई थी जिसमें चारों तरफ इंदिरा ही इंदिरा नजर आती थीं। इंदिरा की ऐतिहासिक कामयाबियो के चलते उस समय देश में इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा का नारा जोर शोर से गूंजने लगा।
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 Salman Khan
'एक था टाइगर' का इतिहास दोहराएंगे सलमान, कबीर के साथ बनाई जोड़ी
News in Hindiमुंबई। फिल्म एक था टाइगर से बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचने वाले निर्देशक कबीर खान ने एक बार फिर सलमान खान का हाथ थामा है। खबर है कि सल्लू मियां ने कबीर के साथ एक और फिल्म करने के लिए हरी झंडी दे दी है।
सूत्रों ने बताया कि कबीर ने सलमान के लिए एक और स्क्रिप्ट खास तौर पर तैयार की थी। कबीर से यह स्क्रिप्ट सुनने के बाद सल्लू उनकी फिल्म में काम करने को तैयार हो गए।
सूत्रों के मुताबिक, कबीर और सलमान दोनों के लिए यह फिल्म बहुत अलग होगी। दोनों ही इसे एक था टाइगर से भी बड़े स्तर पर बनाना चाहते थे इसलिए पूरी तैयारी के साथ इसकी शूटिंग अगले साल के अंत में शुरू की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस तरह की फिल्म सलमान ने अपने करियर में आज तक नहीं की है।
कबीर और सलमान ने हालांकि एक साथ एक ही फिल्म की है, लेकिन सलमान खान उन पर बहुत भरोसा करते हैं। फिलहाल कबीर सैफ अली खान और कट्रीना कैफ के साथ लेबनॉन के हिंसाग्रस्त क्षेत्र बेरुत में अपनी फिल्म की शूटिंग में बिजी हैं।

17 parties together against communalism, says Nitish at convention on Third Front


Delhi

Hindi News:जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आम चुनाव से पहले मोदी बनाम राहुल के सीधे मुकाबले के माहौल के बीच तीसरी ताकत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवा दी है। वाम दलों के न्योते पर बुधवार को सपा, जदयू, अन्नाद्रमुक, बीजद, जद (एस), झाविमो और अगप सहित 17 छोटी-बड़ी पार्टियां एक मंच पर आ खड़ी हुर्ई। केंद्र के सत्तारूढ़ मोर्चे में शामिल राकांपा ने भी इसमें खुल कर शिरकत की। हालांकि, सम्मेलन में शामिल पार्टियों ने किसी चुनाव पूर्व गठबंधन से इन्कार किया है, लेकिन मोदी की लोकप्रियता को लेकर अब इन पार्टियों में एकजुटता पर नए सिरे से कसमसाहट भी साफ दिखाई दी।
सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुटता के नाम पर बुलाए गए इस सम्मेलन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने इस जुटान को चुनावी एकजुटता में भी बदलने की खुली वकालत की। उन्होंने कहा, 'सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह सम्मलेन एक नए मोर्चे के गठन के लिए है। यह सही है कि अभी ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन फासीवादी और सांप्रदायिक ताकतों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जितना अधिक से अधिक हो सके लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना होगा।'
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि जितने दलों के नेता यहां मौजूद हैं, अगर सभी इकट्ठा हो जाएं तो सांप्रदायिक ताकतें देश में कहीं सिर नहीं उठा पाएंगी। यह प्रयोग हम यूपी में कर चुके हैं। यूपी में हमने जब-जब सख्ती की, सांप्रदायिक ताकतों को मुंह की खानी पड़ी।' उन्होंने भरोसा भी दिलाया कि ये सभी दल जहां भी एक साथ खड़े होंगे, वे उनका साथ देंगे।
हालांकि शुरुआत में इस सम्मेलन को गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा दलों की एकजुटता बढ़ाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन आखिरकार यह पूरी तरह से भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुटता के रूप में बनकर रह गया। किसी भी दल ने केंद्र की सत्तारुढ़ सरकार के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला। यहां तक कि उत्तर प्रदेश में इतने बड़े दंगों के बावजूद सपा के मुखिया मुलायम ही सम्मेलन के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरते नजर आए।
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Treasure can be found in ettah


 Treasure

Hindi Newsएटा, [अनिल गुप्ता]। इट्स हैपन ओनली इन इंडिया। उन्नाव के डौंड़िया खेड़ा में भले ही सोना न मिला हो, लेकिन जनपद के अतिरंजी खेड़ा और सराय अगहत में पुरातात्विक संपदा, सभ्यता और संस्कृति का भंडार धरा के गर्भ में छिपा हुआ है। यहां खुदाई में पुरातात्विक महत्व की ढेरों सामग्री निकल चुकी है, लेकिन बड़ा भंडारअभी बाकी है। यहां विशाल दुर्ग थे। यहां तक कि भगवान बुद्ध भी अतिरंजी खेड़ा आए थे। जिला प्रशासन यहां दोबारा खुदाई के लिए संस्तुति कर चुका है, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआइ) खुदाई तो दूर, सर्वेक्षण को भी अब तैयार नहीं है।
एटा से 16 किमी दूर उत्तर में स्थित अतिरंजी खेड़ा का पुराना नाम वेरंजा है। यह पांचाल नरेश बेन चक्रवर्ती की रियासत का अंग था। उनकी बौद्ध धर्म में आस्था थी, ऐसे में यह धर्म यहां समृद्ध हुआ। उनके आगमन पर यहां भगवान बुद्ध भी आए। उनका यहां दुर्ग था। मुगल सम्राट आए, तो यहां भी हमले होने लगे। आखिर 16वीं शताब्दी में अकबर के समय में यह दुर्ग ढेर होकर टीला बन गया। 3360 फुट लंबा और 1500 फुट चौड़ा टीला आज भी यहां है। मुस्लिमों का लंबा शासनकाल गुजरने के बाद सन् 1866 में विदेशी इतिहासकार जनरल कनिंघम ने यहां का दौरा किया। उस वक्त उन्होंने दावा किया कि यहां बौद्ध कालीन अवशेष हैं। वर्ष 1951 में पुरातत्व विभाग के निदेशक डॉ. केबी लाल ने यहां उत्खनन कराया। आखिरी बार 1968 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने उत्खनन कराया। इसमें लोहा पिघलाने की भट्ठियां, तांबे के बर्तन और मुद्रा, भाला, गेरुआ रंग के बर्तन मिले। यही नहीं कुषाण, गुप्त कालीन मूर्तियां, तांबे के सिक्के, पत्थर के टैग, देवी -देवताओं के चित्र, फूल-पत्तियां, भाले मिल चुके हैं।
इसके अलावा भोजपत्र प्राप्त हुए थे। प्रशासन ने इन अवशेषों के महत्व को समझते हुए लखनऊ, कोलकाता, दिल्ली, मथुरा आदि संग्रहालयों में रखवा दिया। कुल चार बार में उत्खनन के दौरान कई टैग चित्र, सागोन की लकड़ी पर चित्रकारी आदि चीजें भी बरामद हुई। 1968 के बाद से न कोई सर्वे हुआ न उत्खनन। वैसे सबसे पहले चीनी यात्री हृवेन सांग ने इस जगह की खोज की थी।
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Kohli, Dhawan centuries help India to another stunning chase


 MS Dhoni
News in Hindiनागपुर। चमत्कार रोज-रोज नहीं हुआ करते। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बुधवार को जब कप्तान जॉर्ज बेली (156) और शेन वॉटसन (102) के शतकों की मदद से भारत के समक्ष 350 का विशाल लक्ष्य रखने के बाद शायद यह ख्याल उसके मन में जरूर आया होगा। लेकिन सीरीज के दूसरे वनडे में 359 रन के लक्ष्य को भेदने वाली टीम इंडिया ने एक बार फिर तीन गेंद और छह विकेट शेष रहते चमात्कारिक जीत हासिल कर मेहमान टीम को अपना सिर पीटने पर मजबूर कर दिया।

विराट कोहली (115) एक बार फिर लक्ष्य हासिल करने में हीरो साबित हुए। उन्होंने 61 गेंद पर भारत की तरफ से तीसरा सबसे तेज और करियर का 17वां शतक ठोका। भारतीय क्रिकेट में नई सनसनी बन कर उभरे शिखर धवन ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड जारी रखा और करियर का चौथा शतक जड़ते हुए भारत की वनडे में दूसरी सबसे बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।
सात मैचों की सीरीज में यह दूसरी बार है जब भारत ने 350 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है। इससे पहले दूसरे वनडे मैच में भारत ने 359 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए वनडे क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की थी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली और अब दो नवंबर को बेंगलूर में खेले जाने वाले सीरीज के अंतिम मैच से सीरीज विजेता का फैसला होगा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने 29.3 ओवर में 178 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत आधार दिया। रोहित 79 रन पर आउट हो जाने के बाद कोहली ने तेजी से रन बनाने का जिम्मा संभाला। शिखर के साथ मिलकर उन्होंने टीम को तेजी से लक्ष्य की तरफ धकेला। इस बीच शतक लगाने के बाद धवन फॉकनर की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। दूसरे छोर पर खड़े कोहली लगातार रन बटोरते रहे।
जॉनसन ने 43वें ओवर में रैना और युवराज को पवेलियन भेजकर मैच का रुख बदलने की कोशिश की। पूरी पारी के दौरान यही एक इकलौता ऐसा वक्त था, जब लगा भारत मैच हार भी सकता है। भारत को एक समय जीत के लिए 27 गेंदों में 48 रन की दरकार थी, लेकिन आक्रामक कोहली ने अपना फोकस बनाए रखा और नाबाद रहते हुए विपक्षी टीम के मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 66 गेंद की अपनी पारी में 18 चौके और एक छक्का लगाया।
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 Sensex

News in Hindiनई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार कारोबार की शुरुआत में ही तेजी के मूड में दिखा। अमेरिका में क्यूई3 जारी रहने की संभावना से बाजारों को प्रोत्साहन मिला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 100 अंक से ज्यादा चढ़कर 21000 के पार पहुंचा। निफ्टी भी 6250 के स्तर पर पहुंचा।
30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 67 अंक चढ़कर 20996 और 50 शेयरों वाला नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स निफ्टी 21 अंक चढ़कर 6242 के स्तर पर हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में 0.5 फीसद की मजबूती है। रियल्टी शेयर 1.25 फीसद चढ़े हैं। बैंक, ऑटो, तकनीकी, पीएसयू, पावर, ऑयल एंड गैस, हेल्थकेयर, मेटल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों में 0.5-0.25 फीसद की मजबूती है। एफएमसीजी और आईटी शेयरों में भी बढ़त है। लेकिन, तकनीकी शेयर फिसले हैं। एशियाई बाजारों में तेजी है। निक्कई 1 फीसद चढ़ा है। हैंगसैंग और शंघाई कंपोजिट 0.75 फीसद मजबूत हैं। स्ट्रेट्स टाइम्स, ताइवान इंडेक्स, कॉस्पी में भी बढ़त पर कारोबार होता दिख रहा है।

Railway works on low cost semi high speed trains

 Indian Railway
News in Hindiजागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ज्यादातर भारतीय सस्ती रेल यात्रा के आदी हैं, जबकि उभरते युवा और संपन्न वर्ग को तेज रफ्तार ट्रेनें चाहिए जिनके लिए वे कोई भी किराया चुकाने को तैयार हैं। लेकिन रफ्तार सभी को चाहिए। लिहाजा भारतीय रेल ने बीच का रास्ता निकाला है। वह दोनों तरह की ट्रेनें चलाएगा। चुनिंदा रूटों पर 300 किलोमीटर से अधिक रफ्तार वाली हाईस्पीड ट्रेनें चलाई जाएंगी। बाकी अधिकांश रूटों को सुधार कर उन पर राजधानी, शताब्दी और दूरंतो को 200 किलोमीटर तक की स्पीड से दौड़ाया जाएगा।
हाईस्पीड ट्रेनों पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का लब्बोलुआब यही है। इसमें दोनों तरह की टेक्नोलॉजी के नफा-नुकसान पर चर्चा से रास्ते निकलेंगे। मंगलवार को सम्मेलन के उद्घाटन के मौके पर रेलमंत्री मल्लिकाजरुन खड़गे ने तेज रफ्तार ट्रेनों के लिए हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन (एचएसआरसी) के गठन का एलान कर दिया। लेकिन साथ ही आगाह किया कि हाईस्पीड का चुनाव भारत के लोगों की जरूरत के हिसाब से होना चाहिए। इसमें कोई जल्दबाजी नहीं की जानी चाहिए।
रेलमंत्री ने कहा, 'हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन का गठन कर हमने शुरुआत की दी है। आगे चलकर इसके सदस्यों, कार्यक्षेत्र वगैरह की घोषणा की जाएगी। लेकिन मैं बताना चाहता हूं कि हमें महज इसलिए घोड़े नहीं खरीद लेने चाहिए, क्योंकि नालें सस्ती मिल रही हैं। अपनी चीज बेचने के लिए कई मर्तबा विकसित देश सस्ते में तकनीकी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव देते हैं। हमें सोच-समझ कर फैसला करना चाहिए। भले ही तकनीकी मुफ्त में क्यों न मिल रही हो। क्योंकि विकसित मुल्कों की हाईस्पीड तकनीक हमारे जैसे देश के लिए उपयुक्त नहीं है।'
भारत का प्रयास अपने लोगों को यात्र का किफायती माध्यम उपलब्ध कराने पर रहा है। भारतीय रेलवे दुनिया में यात्री परिवहन का सबसे बड़ा नेटवर्क है। यहां के लोग किफायती रेल यात्रा के अभ्यस्त हैं। वे स्पीड तो चाहते हैं, लेकिन इसके लिए बहुत ज्यादा किराया देने को तैयार नहीं होंगे। इसलिए हमें अपनी जरूरतों के हिसाब से भी हाईस्पीड ट्रेन प्रणाली विकसित करनी चाहिए। इसके लिए मौजूदा रेल ढांचे में जो भी सुधार करना पड़े किया जाना चाहिए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने मुंबई-अहमदाबाद हाईस्पीड रेल कॉरीडोर के अध्ययन का जिक्र भी किया। इसमें जापान भारत की मदद कर रहा है। सम्मेलन को संबोधित करते हुए रेलवे बोर्ड के चेयरमैन अरुणोंद्र कुमार ने कहा हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन का गठन रेल विकास निगम (आरवीएनएल) की सब्सिडियरी के रूप में किया जा रहा है।
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 Sachin Tendulkar

News in Hindiलाहली (रोहतक)। सचिन तेंदुलकर ने अपने आखिरी घरेलू मैच में मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताऊ पारी खेलकर वेस्टइंडीज के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। आखिरी घरेलू मैच में अपनी टीम मुंबई को चार विकेट से जीत दिलाने के लिए सचिन ने इस मैच की 79 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। धवल कुलकर्णी ने विजयी चौका लगातार मुंबई को जीत दिलाई और जीत के तुरंत बाद सचिन के साथी खिलाड़ी उन्हें कंधे पर बिठाकर पवेलियन तक लेकर गए।
सचिन ने यह मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने दो आखिरी टेस्ट मैच से पहले प्रैक्टिस के लिए खेला था। उनका अंतिम घरेलू मैच होने के चलते मुंबई-हरियाणा का यह रणजी मैच आकर्षण का केंद्र बन गया। पहली पारी में महज 5 रन बनाकर आउट होने वाले सचिन ने दूसरी पारी में अपनी टीम और फैंस को बिल्कुल निराश नहीं किया और टीम को मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताकर ही दम लिया।
सचिन कल से यहां बैटिंग कर रहे थे। तीसरे दिन का जब खेल बंद हुआ तो सचिन 55 रन बनाकर नॉट आउट थे और मुंबई के 6 विकेट गिर चुके थे। चौथे दिन मुंबई को जीत के लिए 39 रन और चाहिए थे और जिस तरह लाहली की कातिलाना पिच पर पहले तीन दिन में 36 विकेट गिरे, आखिरी दिन 39 रन बनाना भी आसान नहीं था। सचिन ने चौथे दिन भी संयम से बैटिंग का सिलसिला जारी रखा और धवल कुलकर्णी ने भी उनका बखूबी साथ निभाया। सचिन ने 175 गेंदों पर 6 चौकों की बदौलत नाबाद 79 रन बनाए, जबकि धवल कुलकर्णी 72 गेंदों पर नॉटआउट 16 रन बनाए।

JDU leader Shivanand Tiwari praises Modi, attacks Nitish


 JDU

Hindi Newsजागरण न्यूज नेटवर्क, बिहारशरीफ। जदयू के राजगीर चिंतन शिविर में मंगलवार को वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी पार्टी के लिए चिंता का सबब बन गए। उन्होंने मुखर होकर न केवल नरेंद्र मोदी की तारीफ की बल्कि नीतीश कुमार को आगाह भी कर दिया कि नमो को हल्के में लिया तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
तिवारी ने कहा, मैं नरेंद्र मोदी का विरोधी हूं, लेकिन संघर्ष क्षमता को देखकर उनकी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकता। जिस तरह से मोदी आगे बढ़ रहे है उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। नीतीश, लालू की तरह तिवारी को भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन की उपज माना जाता है। शिविर में ही बिहार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा, अफसर कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं। वे बेहिचक अपनी बात कहेंगे। इसके लिए वे बर्खास्त होने को भी तैयार हैं। पार्टी मंच से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को उनके प्रहारों का जवाब दिया।
नमो के करारे राजनीतिक हमले और पटना में हुए सिलसिलेवार धमाकों से पैदा हालात की तपिश झेल रहे नीतीश कुमार को मंगलवार को भी राहत नहीं मिल सकी। इस बार पार्टी नेता शिवानंद तिवारी ने सामने खड़े होकर मोदी की तारीफ की और उन्हें खरी-खरी सुनाई। तिवारी ने कहा, एक चाय बेचने वाला आज जिस मुकाम पर है, उसे देखकर उसकी प्रशंसा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर उन्मुख होकर उन्होंने कहा- आप चाटुकारों से घिर गए हैं। मुझे अच्छी तरह से मालूम है जदयू और बिहार सरकार कैसे चल रही है। अब हम शांत नहीं बैठेंगे। चाहे इसके लिए मुझे कोई कुछ कहे। हमारी हमेशा उपेक्षा होती रही है- मुझे कुछ भी कहने नहीं दिया जाता। उपेक्षा सहने की एक सीमा होती है। सत्तर साल की उम्र में वह किसी के आगे माथा नहीं टेक सकते।
मंच से मोदी की तारीफ और नीतीश पर हमला करने के चलते शिविर में उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई लेकिन शिवानंद रुके नहीं-बोलते रहे। वह जिस समय बोल रहे थे-उसी समय वरिष्ठ पार्टी नेता रामसुंदर दास अचानक बीमार हो गए। नीतीश कुमार उन्हें लेकर अस्पताल चले गए। कुछ देर बाद जब नीतीश वापस लौटे तब शिवानंद का भाषण अंतिम दौर में था, इसलिए महज कुछ ही मिनट नीतीश को जली-कटी सुननी पड़ी।
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