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Confusion to dig in Daundiyakhedha


 Unnao

Hindi News: उन्नाव, जागरण संवाददाता। राजा राव रामबख्श सिंह के किले में खुदाई का काम सोमवार को साप्ताहिक अवकाश के चलते नहीं हुआ। 18 अक्टूबर से चल रही खजाने की खोज में अब तक कुछ भी न मिलने से निराश पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम फिलहाल इस बात पर मौन है कि आगे कितनी खुदाई होगी। यह चालू रहेगी या बंद होगी। प्रशासन के अधिकारी भी एएसआइ के पाले में गेंद डालकर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
हालांकि, मंगलवार को यहां फिर काम शुरू होने की बात कही जा रही है। एएसआइ के सहायक अधीक्षक राजेंद्र यादव ने बताया कि अभी तक उनको खुदाई बंद करने का आदेश नहीं मिला है। जब आदेश आएगा तभी काम बंद होगा। दूसरी ओर खुदाई कार्य को लेकर उत्पन्न असमंजस की स्थिति के बीच डौंडियाखेड़ा में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
सोना निकलेगा या नहीं, खजाने की खोज को लेकर चल रहे काम क्या अब बंद हो जाएगा। संत शोभन सरकार की भविष्यवाणी का अब क्या होगा। सरकार संत को मौके में लेकर जाकर खुदाई करा सोना निकलाने पर राजी होगी या नहीं, इन सारे सवालों पर लोगों में बहस होती रही।
अब सिर्फ दो मीटर और खुदाई
एएसआइ के निदेशक सैय्यद जमाल अहमद ने जागरण से बातचीत में बताया कि किले की खुदाई जैसे ही दूसरे प्वाइंट पर छह मीटर पहुंच जाएगी, बंद कर दी जाएगी। यहां बहुत कुछ हासिल नहीं हुआ। इस कारण खुदाई का कोई औचित्य नहीं रह गया। जीएसआइ की रिपोर्ट में नॉनमैग्नेटिक धातु होने की बात को स्वीकारते हुए उन्होंने कहा, जीएसआइ की रिपोर्ट उनके पास है लेकिन उस रिपोर्ट पर खुदाई का काम नहीं कर रहे। यहां खुदाई का एएसआइ का अपना निर्णय है।

Source- News in Hindi 

India Test squad for West Indies series to be picked today


Sachin tendulkar

News in Hindi: मुंबई। राष्ट्रीय चयनकर्ता आज अगले महीने वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली सचिन तेंदुलकर की विदाई सीरीज के लिए टेस्ट टीम चुनने को तैयार हैं। उनके सामने उपयुक्त गेंदबाजी संयोजन को चुनने की मुश्किल चुनौती होगी। इस सीरीज के बाद सचिन तेंदुलकर संन्यास लेंगे।
चयनकर्ताओं को फिटनेस हासिल कर चुके जहीर खान पर भी ध्यान देना होगा, जिन्होंने हरियाणा के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मुकाबले में पांच विकेट हासिल किए थे। जहीर फिटनेस समस्या के कारण पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच दिसंबर 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ खेला था। जहीर अगर टीम में शामिल होते हैं तो भारत के तेज गेंदबाजी विभाग को मजबूती मिलेगी, जो ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही वनडे सीरीज में जूझ रहा है। इशांत शर्मा का प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे में काफी खराब रहा और उन्हें टीम से बाहर किया जा सकता है। वहीं इशांत के साथ नई गेंद संभालने वाले भुवनेश्वर कुमार में रफ्तार की कमी है।
संदीप पाटिल एंड कंपनी के दिमाग में दिसंबर में होने वाल दक्षिण अफ्रीकी दौरा भी होगा, जिससे अनुभवी जहीर को उमेश यादव और शमी अहमद के साथ मौका मिल सकता है। अनुभवी ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह को भी आर अश्विन के साथ टीम में शामिल किए जाने की उम्मीद है। प्रज्ञान ओझा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्होंने एक भी मैच नहीं खेला था क्योंकि रवींद्र जडेजा ने उनकी जगह लेते हुए चार मैचों में 24 विकेट हासिल किए थे। अगर ओझा को लेग स्पिनर अमित मिश्रा की जगह शामिल किया जाता है तो यह हैरानी भरा होगा।
बल्लेबाजी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस साल फरवरी-मार्च में पिछली टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक रन जुटाने वाले मुरली विजय ने तब के बाद कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण प्रदर्शन नहीं किया है। सीनियर बल्लेबाजों में वीरेंद्र सहवाग भी अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं हैं। ऐसे में चयनकर्ताओं के पास तमिलनाडु के विजय को शिखर धवन के साथ उतारने केअलावा सीमित विकल्प हैं। हालांकि चयनकर्ता गौतम गंभीर को तीसरे सलामी बल्लेबाज के रूप में शामिल करने पर विचार कर सकते हैं।

    क्या जहीर की होगी टेस्ट टीम में वापसी?
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Tabish behind the creation of blue print of blast


 

Hindi News: पटना, जागरण संवाददाता। पटना पुलिस ने राजधानी में हुए सीरियल ब्लास्ट के मामले में एक और आतंकी तबिश नियाज उर्फ अरशद अंसारी को मोतिहारी से गिरफ्तार किया है। उसे बुधवार की शाम न्यायिक दंडाधिकारी प्रवाल दत्ता की अदालत में पेश किया गया। जहां से 12 नवंबर तक बेउर जेल भेज दिया गया। अरशद ही ने गांधी मैदान का नक्शा तैयार कर बम प्लांट का ब्लू प्रिंट तैयार किया था। सीनियर एसपी मनु महाराज ने बताया कि अरशद आतंकी हैदर का साथी है और कई आतंकी वारदातों में शामिल रहा है। रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। अरशद का नाम भी प्राथमिकी में दर्ज किया जाएगा। सभी आतंकी एक-दूसरे से परिचित हैं।
इम्तियाज की निशानदेही पर गिरफ्तार:-
पटना जंक्शन पर विस्फोट के बाद हाथ लगे आतंकी इम्तियाज ने पूछताछ में अरशद के बारे में जानकारी दी थी। जिसके बाद पटना पुलिस की एक टीम ने एएसपी टाउन मनोज तिवारी के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए मोतिहारी के चकिया प्रखंड स्थित अलौला गांव से उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ है।
तीन दिन की थी रेकी :-
एसएसपी ने बताया कि अरशद अपने छह साथियों के साथ 6 से 9 अक्टूबर तक पटना में था। उसने गांधी मैदान के आसपास रेकी की। नक्शा तैयार करने के साथ कहां-कहां बम प्लांट करना है का ब्लू प्रिंट तैयार किया। अरशद के मुताबिक इम्तियाज ही मास्टर माइंड है।
प्लांट किए गए बीस बम :-
अरशद से हुई पूछताछ के बाद इस बात का खुलासा हुआ है कि बीस बम प्लांट किए जाने थे। इस काम में आठ लोग शामिल थे। जिनमें इम्तियाज, नुमान, तारिक, तौफीक, मोनू और असलम के अलावा हैदर शामिल थे। अरशद के बयान के बाद असलम एक नया नाम सामने आया है।
पीआइआर व मंच के पास भी लगाने थे बम :-
पूछताछ में अरशद ने बताया है कि एक दिन पहले रांची में बैठे इम्तियाज और हैदर को उसने अपने मोबाइल (9708931143) से इम्तियाज के मोबाइल (8294989548) पर बम लगाने के प्रमुख स्थानों के बारे में जानकारी भी दी थी। सभी प्रमुख गेट ट्विन टावर ग, उद्योग भवन, रामगुलाम, एसपी आफिस, पुरानी गांधी मूर्ति व नई प्रतिमा के आसपास, एसकेएम हॉल के सामने, जेपी गोलंबर, पीआइआर, मैदान में दोनों गांधी प्रतिमा के पास, भीड़ के बीच और मंच के नजदीक बम प्लांट करने थे।
Source- News in Hindi 
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India remembers Indira Gandhi on 29th death anniversary


 Indira Gandhi

Hindi News: नई दिल्ली। देश ने गुरुवार को दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 29वीं पुण्यतिथि पर याद किया। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उनकी समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी और ऐसे में सियासी उतार-चढ़ाव को वह बखूबी समझती थीं। इंदिरा का जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ। पिता जवाहर लाल नेहरू आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों में शामिल थे। वही दौर रहा, जब 1919 में उनका परिवार बापू के सानिध्य में आया और इंदिरा ने पिता नेहरू से राजनीति का ककहरा सीखा। मात्र ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए बच्चों की वानर सेना बनाई। 1938 में वह औपचारिक तौर पर इंडियन नेशनल काग्रेस में शामिल हुईं और 1947 से 1964 तक अपने प्रधानमंत्री पिता नेहरू के साथ उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।
ऐसा भी कहा जाता था कि वह उस वक्त प्रधानमंत्री नेहरू की निजी सचिव की तरह काम करती थीं, हालांकि इसका कोई आधिकारिक ब्यौरा नहीं मिलता।
पिता के निधन के बाद काग्रेस पार्टी में इंदिरा गाधी का ग्राफ अचानक काफी ऊपर पहुंचा और लोग उनमें पार्टी एवं देश का नेता देखने लगे। वह सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनीं। शास्त्री जी के निधन के बाद 1966 में वह देश के सबसे शक्तिशाली पद [प्रधानमंत्री] पर आसीन हुईं।
एक समय गूंगी गुडिया कही जाने वाली इंदिरा गाधी तत्कालीन राजघरानों के प्रिवी पर्स समाप्त कराने को लेकर उठे तमाम विवाद के बावजूद तत्संबंधी प्रस्ताव को पारित कराने में सफलता हासिल करने, बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने जैसा साहसिक फैसला लेने और पृथक बाग्लादेश के गठन और उसके साथ मैत्री और सहयोग संधि करने में सफल होने के बाद बहुत तेजी से भारतीय राजनीति के आकाश पर छा गईं।
वर्ष 1975 में आपातकाल लागू करने का फैसला करने से पहले भारतीय राजनीति एक धु्रवीय सी हो गई थी जिसमें चारों तरफ इंदिरा ही इंदिरा नजर आती थीं। इंदिरा की ऐतिहासिक कामयाबियो के चलते उस समय देश में इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा का नारा जोर शोर से गूंजने लगा।
Source- News in Hindi 
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2G scam: Dayalu Ammal’s statement recorded in her house


 2G Scam

News in Hindi: चेन्नई। खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले में बयान दर्ज कराने से आनाकानी करने वालीं द्रमुक प्रमुख एम करुणानिधि की पत्‍‌नी दयालु अम्मल के बयान दर्ज किए गए। सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के बीच मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट सीबीआइ अफसरों के साथ बयान दर्ज करने दयालु अम्मल के घर पहुंचे।
सूत्रों के मुताबिक 85 वर्षीय दयालु ने इस दौरान कहा कि उन्हें कुछ भी याद नहीं, वह 2जी के बारे में कुछ नहीं जानतीं। सीबीआइ की विशेष अदालत ने सीजेएम एम गोपालन को मामले में अभियोजन पक्ष की गवाह दयालु अम्मल के बयान दर्ज करने का आदेश दिया था। उनकी उम्र और सेहत को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें घर पर ही बयान दर्ज कराने की छूट दे दी थी।
सीबीआइ की विशेष अदालत ने पिछली सुनवाई में अम्मल के बयान दर्ज करने में हो रही देरी पर सीजेएम की खिंचाई भी की थी। करीब पांच घंटे तक चली बयान दर्ज करने की प्रक्रिया के दौरान मामले में आरोपी उनकी बेटी सांसद कनीमोरी के अलावा कलैगनार टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार और स्वान टेलीकॉम के आसिफ बलवा भी मौजूद रहे।
कुमार और बलवा भी 2जी घोटाले में आरोपी हैं। आरोप है कि स्पेक्ट्रम घोटाले में कलैगनार टीवी को भी 200 करोड़ रुपये की रकम रिश्वत के रूप में मिली। इस चैनल में दयालु की हिस्सेदारी 60 फीसद है। बाकी 40 फीसद में कनीमोरी और चैनल के सीईओ शरद कुमार बराबर के हिस्सेदार हैं। चैनल को यह रकम बलवा की एक अन्य कंपनी कसगांव फ्रूट्स एंड वेजिटेबल्स प्राइवेट लिमिटेड और सिनेयुग फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के मार्फत मिले थे। स्पेक्ट्रम घोटाले में पूर्व दूरसंचार मंत्री व द्रमुक सांसद ए राजा मुख्य आरोपी हैं।

'India received 26 intelligence warnings about 26/11 attacks'


 26/11 attack

Hindi News: वाशिंगटन। मुंबई में वर्ष 2008 में हुए 26/11 के आतंकी हमलों के पहले भारत को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए समेत विभिन्न एजेंसियों से कम से कम 26 बार खुफिया चेतावनी मिली थी। उनमें कहा गया था कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) मुंबई में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा है।
'द सीज : 68 आवर्स इनसाइड द ताज होटल' नामक पुस्तक को महिला पत्रकार कैथी स्कॉट क्लार्क और एंडियन लेवी ने अपनी छानबीन के आधार पर लिखा है। इसमें दावा किया गया है कि 11 चेतावनी ऐसी थी जिनमें कहा गया था कि ये हमले एक साथ कई जगह किए जाएंगे। पेंगविन, यूएसए द्वारा प्रकाशित 300 पृष्ठों की इस पुस्तक में यह भी कहा गया है कि छह बार ऐसी चेतावनी मिली थीं जिनमें स्पष्ट किया गया था कि मुंबई में आतंकी घुसपैठ समुद्र के रास्ते होगी।
तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश के एक कर्मचारी को यूरोप से वर्ष 2007 में एक चेतावनी मिली थी जिसमें कहा गया था कि एलईटी अपनी गतिविधियां अपने क्षेत्र से बाहर फैलाने की साजिश रच रहा है लेकिन उसकी अमेरिका ने भी अनदेखी कर दी।
पहली खुफिया चेतावनी वर्ष 2006 में तब मिली थी जब पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के उसके संचालकों को एलईटी ने मुंबई में आतंकी हमले के लिए संभावित ठिकानों की रेकी का काम सौंपा था। पत्रकारों ने लिखा है कि अगस्त 2006 में पहली खुफिया सूचना जो मिली थी उसमें कहा गया था कि कश्मीर में भारतीय सुरक्षा दलों से लड़ने के लिए विद्रोही मुस्लिम युवकों को भेजने वाला एलईटी मुंबई में हमले की तैयारियां कर रहा है। ट्राइडेंट, ओबेराय और ताज समेत कई पांच सितारा होटल निशाने पर हैं। उसके बाद से 25 और अलर्ट जारी किए गए। उनमें से बहुत सारे सीआइए ने भारत सरकार के बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) को दिए गए थे और उसने इन सूचनाओं को भारत की घरेलू खुफिया ब्यूरो (आइबी) को सौंपे थे।
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