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People crazy about sachin's dak ticket


sachin tendulkar

Top Hindi Newsइलाहाबाद। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने भले ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया हो, लेकिन चाहने वालों में उनका क्रेज अब भी बरकरार है। ये प्रशंसक अपने चहेते से जुड़ी हर चीज के दीवाने हैं। अब सचिन के क्रिकेट सफर पर डाक टिकट जारी हुआ है, तो उसे पाने की ऐसी होड़ मच गई है कि डाक विभाग को भारी संख्या में इसके लिए प्रिंट ऑर्डर देना पड़ा।
भारतीय डाक विभाग ने सचिन तेंदुलकर के सम्मान में उनके 200वें टेस्ट मैच पर गत 14 नवंबर को उनकी क्रिकेट यात्रा पर दो डाक टिकट जारी किए। इसमें दो डाक टिकटों का सेट, एक मिनीएचर शीट और एक मिक्स शीटलेट शामिल हैं।
इलाहाबाद परिक्षेत्र के डाक निदेशक कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि सचिन पर डाक टिकट इलाहाबाद व वाराणसी स्थित फिलेटलिक ब्यूरो में उपलब्ध हैं। अब तक कई हजार टिकट बिक गए। इनमें सिर्फ खेल के दीवाने, स्कूली बच्चे और युवा ही नहीं, बल्कि अधिकारी, जज, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील से लेकर कॉरपोरेट जगत से जुड़े लोग भी शामिल हैं। टिकट लेने के लिए नगर ही नहीं आस-पास के अन्य जिलों के लोग भी आ रहे हैं। कई लोग ये टिकट दूसरों को गिफ्ट भी कर रहे हैं।
इलाहाबाद फिलेटलिक ब्यूरो से नियमित रूप से जुड़े 788 फिलेटलिक डिपॉजिट एकाउंट होल्डर्स को भी ये टिकट व अन्य सामग्री रजिस्टर्ड डाक से भेजी जा रही हैं।
पहले व अंतिम टेस्ट का बैटिंग एक्शन दर्शाया : इन दो डाक टिकटों के सेट, एक मिनीएचर शीट और एक मिक्स शीटलेट में सचिन के टेस्ट करियर की शुरुआत से हालिया मैच में बैटिंग एक्शन को दर्शाया गया है। ये 20-20 रुपये के मूल्यवर्ग में उपलब्ध हैं।

Kallis would be biggest challenge for Team India in South Africa


Jaques Kallis
Hindi News(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। एक समय था जब टीम इंडिया में सचिन तेंदुलकर की हुंकार टीम के बाकी 10 खिलाड़ियों के बराबर होती थी, वो पिच पर शून्य बनाएं या शतक, ये मायने कम रखता था, और उनका ड्रेसिंग रूम में मौजूद रहना ज्यादा प्रभाव डालता था। ये प्रभाव सात समंदर पार जाता था, विरोधी टीम के रोंगटे खड़े करता था और काफी हद तक 'सचिन फीवर' हर विरोधी गेंदबाज के चेहरे से पसीने के रूप में रिसता नजर आता था। अब टीम इंडिया सचिन तेंदुलकर के दौर से बाहर कदम रख चुकी है। टीम में ना तो लक्ष्मण हैं, ना द्रविड़, ना गांगुली और ना सहवाग। टीम में युवा जोश उछाल मार रहा है और धौनी उनके दम पर दक्षिण अफ्रीका फतह करने निकल पड़े हैं। फर्क बस इतना है कि इस बार हमारे पास सचिन नहीं है, लेकिन उनके पास है और उनका सचिन टीम इंडिया को हर क्षेत्र में भारी पड़ सकता है। नाम है..जैक्स कालिस।
उम्र- 38 साल
अनुभव- तकरीबन 20 साल
164 टेस्ट मैचों में 13,140 रन
323 वनडे मैचों में 11,554 रन
टेस्ट में 55.44 का औसत (सचिन से ज्यादा)
वनडे में 45.13 का औसत (सचिन से ज्यादा)
टेस्ट में 44 शतक
वनडे में 17 शतक
टेस्ट में गेंदबाजी- 288 विकेट
वनडे में गेंदबाजी- 272 विकेट
टेस्ट वनडे और टी20 मिलाकर 512 मैचों में 332 कैच (विश्व में चौथा सर्वश्रेष्ठ)
लंबे आराम के बावजूद पिछले 5 मैचों में दो अर्धशतक व दो 40 पार स्कोर
ये आंकड़े उस ऑलराउंडर के हैं जो हमेशा अपनी शर्तो पर खेला, लेकिन जब खेला जमकर खेला। सचिन के आंकड़े और वो खुद भी, बेशक महान थे, लेकिन हकीकत यही है कि सिर्फ बल्लेबाजी में उनके रिकॉर्ड सीना तानते थे। जबकि कालिस ने अपने विशाल करियर में इस खेल के हर क्षेत्र में महारथ हासिल की है। सचिन की ही तरह वो भी विवादों से दूर और स्वभाव से शांत रहे और मौजूदा क्रिकेट में सचिन, लारा, पोंटिंग, पॉलक, द्रविड़ के दौर के वो आखिरी खिलाड़ी हैं। हर पिच से वाकिफ हैं, और हर प्रकार के खिलाड़ी से। खेलने की भूख भी अभी खत्म नहीं हुई है और हाल में अगला विश्व कप भी खेलने की इच्छा जता चुके हैं।
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When Sachin asked team India to not follow wish of Ganguly to wave thier shirts


Sachin Tendulkar

Hindi News: नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन का एक काफी मशहूर डायलॉग है, 'हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है।' शायद ऐसा ही कुछ रुतबा पिछले दो दशकों से टीम इंडिया में सचिन का रहा। वो हमेशा विवादों से दूर दिखे और बहुत कम ही किसी मुद्दे पर बोलते नजर आए, शांत स्वभाव वाले इसी सचिन के कुछ अनछुए किस्से जब निकल कर सामने आते हैं तो फैंस के लिए भी यह किसी दिलचस्प कहानी से कम नहीं होते। ऐसा ही एक किस्सा राजीव शुक्ला ने बयां किया, जो इस बात को पुख्ता करता है कि टीम में सचिन का रुतबा कैसे सिर चढ़कर बोलता है और बोलता था।
राजीव शुक्ला ने सचिन को समर्पित एक समारोह के दौरान एक ऐसा खुलासा किया जिसकी भनक शायद ही किसी को रही होगी। यह किस्सा है उस मशहूर लॉ‌र्ड्स वनडे मैच का (2002 नेटवेस्ट सीरीज फाइनल) जहां टीम इंडिया ने रोमांचक जंग के बीच इंग्लैंड को हराते हुए सीरीज जीती थी। इस जीत की भावनाएं नेटवेस्ट सीरीज से ठीक कुछ समय पहले भारत में हुई वनडे सीरीज से भी जुड़ीं थीं, जहां इंग्लैंड ने भारतीय टीम को रौंद दिया था। मुंबई में हुए उस सीरीज के आखिरी वनडे में जीत के बाद एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने अपनी शर्ट निकालकर हवा में लहराई थी, जिसकी टीस दादा (कप्तान सौरव गांगुली) के दिल में घर कर गई थी।
फिर क्या था, दादा ने मौका देखा और जैसे ही भारत ने लॉ‌र्ड्स में इंग्लैंड को रौंदकर खिताब अपने नाम किया, उन्होंने अपनी जर्सी निकालकर, वहीं लॉ‌र्ड्स के एतिहासिक स्टैंड्स पर जमकर उसे हवा में घुमाया। वह तस्वीरें काफी चर्चित हुईं और भारतीय फैंस को दादा ने अहसास दिलाया कि, 'बदला' पूरा हुआ। उस टूर पर मैनेजर के तौर पर टीम के साथ गए राजीव शुक्ला भी वहीं मौजूद थे और उन्होंने अब खुलासा किया है कि दादा ने टीम के सभी साथी खिलाड़ियों को ऐसे ही अपनी शर्ट निकालकर घुमाने के लिए कहा था लेकिन ऐसा ना हुआ..क्योंकिसचिन तेंदुलकर ने सभी खिलाड़ियों को ऐसा करने से मना कर दिया था। सचिन के मुताबिक यह 'जेंटलमैन गेम' यानी क्रिकेट का अपमान होता। शुक्ला के मुताबिक सचिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते, फिर चाहे वो आमने-सामने हो या फिर फोन पर क्योंकि उनका ज्यादा ध्यान अपने काम पर ही रहता है और शायद इसीलिए जूनियर खिलाड़ी आज भी उनकी इतनी इज्जत करते हैं और करते रहेंगे।
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Analysis of selected Indian ODI team against West Indies


Mohit Sharma

Hindi News: (शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली।ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुछ ही दिनों पहले खेली गई वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने कई इतिहास रचे, वो एक ऐसी सीरीज रही जिसने युवा भारतीय बल्लेबाजी क्रम की ताकत को दुनिया के सामने रखा और हर बड़ा स्कोर भी छोटा सा लगने लगा लेकिन ठीक उसके उलट गेंदबाजों ने बेहद निराश किया। बल्लेबाजों ने गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन को काफी हद तक छुपा तो लिया लेकिन ऐसी गेंदबाजी को कोई नजरअंदाज भी करता तो कैसे। शायद तभी जब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम चुनी गई तो इस सेलेक्शन में भी चयनकर्ताओं ने गेंदबाजों पर नजरें ज्यादा दौड़ाईं।
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया गया जिसमें इशांत शर्मा और विनय कुमार की छुंट्टी कर दी गई है। जबकि धवल कुलकर्णी को पहला मौका देने का फैसला किया गया और एक बार फिर हरियाणा के तेज गेंदबाज मोहित शर्मा को नीली जर्सी पहनने का मौका मिलेगा। आखिर क्या हैं इस टीम की खूबियां और कमजोरियां, आइए जानते हैं।
1. खामियां:
इस टीम में सबसे बड़ी कमजोरी जो नजर आ रही है वो है टीम का मिडिल ऑर्डर। ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान एक बात जो सबसे अहम रही वह यह थी कि जो ऐतिहासिक जीतें हमनें हासिल कीं वह सभी ऊपर के 3-4 बल्लेबाजों की ही देन थी। मध्यक्रम में युवराज सिंह और सुरेश रैना, दोनों हैं तो धाकड़ बल्लेबाज लेकिन फिलहाल इनका बल्ला बिल्कुल फुस्स हुआ सा लगता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में युवराज सिंह ने अपने करियर में एक वनडे सीरीज का सबसे खराब प्रदर्शन किया। उन्होंने चार पारियों में महज 19 रन ही बनाए और उनका सर्वाधिक स्कोर 12 रन रहा। इसके अलावा सुरेश रैना भी उनके स्तर के मुताबिक मुताबिक प्रदर्शन करते नजर नहीं आए। वहीं, टीम की एक दूसरी कमजोरी होगी अनुभवी गेंदबाज की कमी। जहीर खान का टीम से बाहर रहना और अब इशांत शर्मा के खराब फॉर्म के बाद उनको भी बाहर कर देने से गेंदबाजी लाइन अप में कोई ऐसा गेंदबाज बाकी नहीं रह गया जो आगे से लीड कर सके। धवल कुलकर्णी जहां इस सीरीज में डेब्यू करेंगे, वहीं, भुवनेश्वर कुमार, मोहित शर्मा, जयदेव उनादकट और मोहम्मद शमी जैसे तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि वह अपने कप्तान का काम आसान करें, वो भी सिर्फ अपने थोड़े-बहुत हासिल किए हुए अनुभव से।
2. खूबियां:
बेशक इस टीम में कुछ छोटी-मोटी खामियां हैं लेकिन इस टीम की खूबियां व ताकत इतनी मजबूत है कि वे कमजोरियों को छुपाने व वेस्टइंडीज को बैकफुट पर ढकेलने का काम बखूबी कर सकती हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने दो बार 350 से ऊपर के विशाल लक्ष्य को हासिल करके दिखा दिया कि उनके बल्लेबाजी क्रम के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है। ऊपर के तीन बल्लेबाज (शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली) इन दिनों गजब के फॉर्म में हैं और इन्हें रोकना किसी भी टीम, किसी भी गेंदबाज के बस की बात नजर नहीं आ रही। इसके अलावा अब अंतरराष्ट्रीय टीम में रवींद्र जडेजा की वापसी भी हो जाएगी, जिनको कुछ दिन का आराम दिया गया था। जडेजा की मौजूदगी टीम व कप्तान को एक ऐसा ट्रंप कार्ड देता है जो जरूरत के समय हमेशा काम आता नजर आया है। इसके अलावा कोलकाता टेस्ट में अश्विन ने अपना जो ऑलराउंडर रूप दिखाया, वो वेस्टइंडीज के गेंदबाजों व बल्लेबाजों में खौफ पैदा करने के लिए काफी होगा, और फिलहाल वह विश्व ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर वन पर पहुंचने का रुतबा भी हासिल कर चुके हैं। इसके अलावा थोड़ी बहुत जो कसर बाकी रहेगी वो मोहम्मद शमी पूरा कर सकते हैं, जिन्होंने कोलकाता टेस्ट में 9 विकेट लेकर अपने करियर का शानदार आगाज किया। उनके फॉर्म से वेस्टइंडीज वाकिफ है और टीम इंडिया के लिए यह गेंदबाज एक मजबूत कड़ी साबित हो सकता है। उधर, दूसरी तरफ हरियाणा की तरफ से रणजी खेल रहे मोहित शर्मा ने पिछले दो रणजी मैचों में सात विकेट झटके हैं जिसमें लाहिली में खेला गया सचिन तेंदुलकर का आखिरी रणजी मैच का खास विकेट भी शामिल रहा। इसी मैच में धवल कुलकर्णी ने भी 3 विकेट झटके थे।

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Inauguration of Sachin Tendulkar Gymkhana


Sachin Tendulkar

Top Hindi News:मुंबई। क्रिकेट के भागवान सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास को यादगार बनाने के लिए मुंबई में जश्न का दौर शुरू हो गया है। इसी के तहत एससीए की ओर से घोषित कांदिवली जिमखाना का नाम सोमवार को सचिन तेंदुलकर जिमखाना कर दिया गया। इसके उद्घाटन अवसर पर सचिन अपनी पत्नी अंजली के साथ वहां पहुंचे। इस दौरान टीम इंडिया के कप्तान धौनी के साथ टीम केअन्य खिलाड़ी भी मौजूद थे।
दो दिन बाद अपने करियर का अंतिम टेस्ट मैच खेलने जा रहे भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने सोमवार को सम्मानित किया। इस दौरान राजनीति और क्रिकेट के कई दिग्गजों की मौजूदगी में कांदिवली स्पो‌र्ट्स कांप्लैक्स का नाम मास्टर-ब्लास्टर के नाम पर सचिन तेंदुलकर जिमखाना क्लब रखा गया।
40 वर्षीय सचिन गुरुवार से वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हो रहे दूसरे और अंतिम टेस्ट मैच के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। यह सचिन का 200वां टेस्ट मैच होगा। कार्यक्रम में सचिन की पत्नी अंजलि के अलावा भारत और वेस्टइंडीज टीम के सदस्य भी मौजूद रहे। इस अवसर पर सचिन ने कहा, 'मैं न सिर्फ इस शाम बल्कि पिछले 24 सालों की सराहना करता हूं। क्लब के प्रवेश द्वार पर अपना नाम पढ़कर मुझे अच्छा लग रहा है। मैंने इसकी उम्मीद नहीं की थी। मैं इस सम्मान के लिए एमसीए को धन्यवाद देना चाहता हूं। एमसीए ने हर तरह से मेरा सहयोग किया। जब मैंने चाहा उसने मुझे नेट्स उपलब्ध कराए। मेरी तैयारियों के लिए सही पिच, सही गेंदबाज उपलब्ध करवाए। जूनियर लेवल से लेकर टीम इंडिया का हिस्सा बनने तक के सफर में एमसीए ने मुझे हर तरह की सुविधा मुहैया करवाई।' सचिन ने कहा कि एमसीए अगली पीढ़ी के क्रिकेटरों के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म दे रहा है। मुझे भारतीय क्रिकेट का भविष्य उज्जवल दिखाई दे रहा है।
कार्यक्रम में मौजूद एमसीए के नए अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि तेंदुलकर संघ का बेशकीमती हीरा हैं। हमें गर्व है कि हमारे पास उनके जैसा खिलाड़ी है। वह सिर्फ क्रिकेट के ही नहीं बल्कि पूरे खेल जगत के महान दूत हैं और युवाओं के प्रेरणास्त्रोत हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सचिन महान क्रिकेटर हैं। उन्होंने भारत को क्रिकेट में कई गौरवांवित करने वाले पल दिए हैं।
ऑनलाइन टिकट ब्रिकी की साइट शुरू होते ही हुई क्रैश
मुंबई। सचिन तेंदुलकर के अंतिम टेस्ट के लिए टिकटों की कमी की आलोचना झेल रहे एमसीए द्वारा सोमवार को शुरू हुई ऑनलाइन टिकट बिक्री के लिए फिर से संघ की किरकिरी हुई। सोमवार को एमसीए ने 14 से 18 नवंबर तक वानखेड़े में खेले जाने वाले टिकटों की क्याजूंगा डॉट कॉम पर ऑनलाइन बिक्री शुरू की थी, लेकिन यह साइट भारी ट्रैफिक की वजह से शुरू होने से पहले ही क्रैश हो गई। एमसीए ने ऑनलाइन ब्रिकी के मौजूद 3000 टिकटों की कीमत 500, 1000 और 2500 रुपये है। वहीं 1500 विशेष टिकटों की कीमत 10 हजार रुपये है। एमसीए के अनुसार प्रति व्यक्तिसिर्फ दो ही टिकट ऑनलाइन खरीदे जा सकते थे।
सचिन के सम्मान में म्यूजियम बनाएगा एचपीसीए
धर्मशाला। सचिन को सम्मानित करने के लिए हिमाचल प्रदेश क्रिकेट संघ (एचपीसीए) ने महान बल्लेबाज के लिए म्यूजियम बनाने की घोषणा की है। इस संबंध में संघ ने कहा कि हमें यह घोषणा करने में बेहद खुशी हो रही है कि एचपीसीए धर्मशाला में बनने वाला क्रिकेट म्यूजियम सचिन को समर्पित करेगा।
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Deepika wants to become the witness of sachin's last match

Deepika padukone
सचिन के आखिरी मैच की गवाह बनेंगी दीपिका पादुकोण


Hindi News: मुंबई (सोनाली जोशी पिटाले)। फिल्मों में व्यस्त रहने के बाद भी खेल के प्रति अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की दिलचस्पी कम नहीं हुई है। सचिन तेंदुलकर के संन्यास की खबर ने उन्हें दुखी किया और इसलिए वे अपने प्रिय खिलाड़ी सचिन के आखिरी टेस्ट मैच को देखने का अवसर किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती हैं।
सूत्रों ने बताया कि दीपिका मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में होने वाले सचिन के आखिरी मैच की गवाह बनना चाहती हैं। अपनी फिल्म रामलीला के प्रमोशन के दौरान दीपिका ने इस बात की पुष्टि की है कि वे सचिन का आखिरी टेस्ट मैच देखने वहां जाएंगी। दीपिका ने सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि अपने दोस्त रणवीर सिंह की मैच देखने की जिम्मेदारी ली है।
गौरतलब है कि दीपिका एक ऐसे परिवार से जुड़ी हैं जो खेल से ताल्लुक रखता है। दीपिका ने कहा कि सचिन के बगैर क्रिकेट की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। इससे पहले भी दीपिका ने आईपीएल मैच के लिए समय निकाला था। इन दिनों वे अपनी फिल्म रामलीला को लेकर काफी व्यस्त हैं। (मिड डे)

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Rohit has got necessary patience for test cricket


Rohit Sharma

Hindi News: भारतीय टीम कोलकाता टेस्ट पर शिकंजा कसने को तैयार है। इसका आधार तैयार किया रोहित शर्मा और उनका अच्छा साथ देने वाले अन्य कुछ खिलाड़ियों ने। वेस्टइंडीज ने संभवत: इस टेस्ट में अपना सबसे बेहतरीन मौका खो दिया है। दूसरे दिन के पहले घंटे के खेल में डेरेन सैमी और उनकी टीम ने पूरी तरह भारतीयों पर शिकंजा कस दिया था।
शेन शिलिंगफोर्ड की ऑफ स्पिन और दूसरा मेजबान टीम की परीक्षा ले रही थी। हालांकि अंपायर नाइजल लांग की वजह से पहली पारी में सचिन तेंदुलकर की निराशाजनक विदाई हुई। और जब खेल गेंद दर गेंद बदल रहा था तो भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अपने आक्रमण और रक्षण के मेल व विकेटों के बीच दौड़ से मेहमान टीम को परेशान करना शुरू कर दिया। वहीं रोहित शर्मा इस दौरान अपना विकेट बचाए रखने पर जोर देते रहे और किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं दिखे। वह छह साल के इंतजार के बाद मिले मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे। अगर धौनी ने टीम को स्थायित्व दिया तो अश्विन ने पारी को संवारने का काम किया। उन्होंने कोई गलत शॉट नहीं खेला और न ही रोहित को ऐसा करने की कोई वजह दी। दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज की टीम बेहद मुश्किल हालात में नजर आ रही है।
रोहित तो असाधारण रहे। इस बेमिसाल पारी की सबसे खास बात रोहित का आत्मविश्वास रही। उन्होंने खुद को पूरी तरह हालात के हिसाब से ढाल लिया। उन्होंने सिर्फ विकेट पर टिकने के बारे में सोचा और यह सुनिश्चित किया कि दिन का खेल खत्म होने पर भारत मजबूत स्थिति में हो। वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे रोहित ने दिखाया कि उनमें टेस्ट क्रिकेट के लिए आवश्यक एकाग्रता, धैर्य और शक्तिभी है।
गेंदबाजी आक्रमण के मामले में मेहमान टीम की सीमितताएं उजागर हुईं। हालांकि क्रिस गेल और सैमुअल्स से भी कुछ ओवर कराए जा सकते थे। कुल मिलाकर खेल समाप्ति तक आते-आते वेस्टइंडीज का गेंदबाजी आक्रमण एक्सपोज हो चुका था। टीम इंडिया निश्चित रूप से तीसरे दिन अधिक से अधिक समय तक बल्लेबाजी करना चाहेगी। बल्लेबाजों ने अभी तक कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है। यह एक अच्छी टीम की निशानी है जो मुश्किल हालात से वापसी करने में सक्षम है। वेस्टइंडीज के सामने अब पहाड़ जैसी चुनौती है।

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Shah Rukh to watch Sachin's Kolkata test match

Shahrukh Khan
कोलकाता टेस्ट देखने जाएंगे शाहरुख खान!
Hindi News: मुंबई। शाहरुख खान सचिन तेंदुलकर के आखिरी टेस्ट के गवाह तो नहीं बन सकते क्योंकि मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में उनकी एंट्री बैन है। हां, वे कोलकाता में सचिन के 199वें टेस्ट मैच का हिस्सा बनने का प्लान जरूर बना रहे हैं।
शाहरुख ने बताया, 'मैं 10 नवंबर को कोलकाता जा रहा हूं। मैं वहां फिल्म फेस्टिवल के लिए जा रहा हूं, लेकिन मैच में शामिल होने की कोशिश जरूर करूंगा। अगर मैं वहां पहुंच पाया तो मैच जरूर देखूंगा और उन्हें शुभकामनाएं दूंगा।'
शाहरुख सचिन के 199वें टेस्ट मैच का हिस्सा तभी बन पाएंगे, जब यह मैच पांचवें दिन तक चलेगा। शाहरुख ने वानखेड़े स्टेडियम का नाम लिए बगैर कहा कि ऐसी कुछ जगह हैं, जहां वे शाहरुख खान तक को जाने की इजाजत नहीं देते। आज मेरे लिए तीन घंटे तक इंतजार कर सकते हो, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जो मुझे नहीं चाहते।
किंग खान ने सचिन के रिटारयमेंट पर भी अफसोस जताया। उन्होंने बताया कि उन्हें सचिन के रिटायरमेंट की खबर ऑस्ट्रेलिया में मिली थी और उन्हें यह खबर सुनने के बार बुरा लगा था।
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Kolkata Test: Rohit and Ashwin tons thrash Windies bowlers


Sachin Tendulkar

Hindi News: कोलकाता। ईडन गार्डन स्टेडियम पर पहले टेस्ट के दूसरे दिन एक समय कैरेबियाई फिरकी के आगे ढहती टीम इंडिया सातवें विकेट पर अश्विन-रोहित की एतिहासिक साझेदारी (280) के दम पर 453 रन बनाने में सफल रही। इसके साथ ही भारत को 219 रनों की विशाल बढ़त हासिल हो गई है। वेस्टइंडीज की तरफ से शेन शिलिंगफोर्ड ने 6 विकेट हासिल किए।
83 के स्कोर पर 5 विकेट खोने वाली टीम इंडिया को दूसरे दिन अश्विन और रोहित ने अपनी जानदार साझेदारी से मैच को नया रुख दिया और भारत को 219 रनों की बढ़त हासिल करा दी। रोहित ने आज सुबह अपने स्कोर को बढ़ाते हुए 177 रनों की पारी खेली, अपने दोहरे शतक की तरफ से तेजी से बढ़ रहे रोहित को परमॉल ने रोका और रोहित एलबीडब्ल्यू हो गए। उधर, कल 92 के स्कोर पर अपनी पारी को समाप्त करने वाले रविचंद्रन अश्विन ने आज सुबह टेस्ट क्रिकेट में अपने दूसरे शतक को पूरा किया। अश्विन 124 रन पर शिलिंगफोर्ड की गेंद पर बोल्ड हुए। इसके बाद भारतीय पारी लड़खड़ाती चली गई और 9 रनों के अंदर आखिरी दो विकेट गिर गए। भुवनेश्वर कुमार (12) स्लिप पर गेल के हाथों कैच होकर शिलिंगफोर्ड का छठा शिकार बने जबकि मोहम्मद शमी (1) आगे बढ़कर खेलने के चक्कर में परमॉल की गेंद पर स्टंप हो गए। इसके साथ ही भारत हालातों को देखते हुए 453 के विशाल स्कोर तक पहुंचने में सफल रहा और उन्हें 219 की बढ़त हासिल हुई।
गौरतलब है कि पहले दिन भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज टीम को 234 के स्कोर के अंदर समेट दिया था। जवाब में उतरे भारतीय बल्लेबाज कैरेबियाई स्पिनर शिलिंगफोर्ड के आगे बेबस दिखाई दिए और पूरा टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखरता चला गया। आलम यह था कि 83 रन पर भारत के 5 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद धौनी (42) ने रोहित शर्मा के साथ अर्धशतकीय साझेदारी को अंजाम देकर स्कोर को थोड़ी गति दी और धौनी के आउट होने के बाद अश्विन ने रोहित के साथ ऐसा खूंटा गाड़ा कि दूसरे दिन हावी होने वाले कैरेबियाई गेंदबाज दिन के अंत होते-होते संघर्ष करते नजर आए।
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Kohli becomes number-one ranked ODI batsman


Virat Kohli

Hindi News: मैचों की सीरीज में शानदार बल्लेबाजी का ईनाम भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली को आइसीसी बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर-1 के रूप में मिला है। वहीं गेंदबाजी में सईद अजमल ने रविंद्र जडेजा और सुनील नरेन को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष पर काबिज हो गए हैं।
बल्लेबाजी रैंकिंग की बात करें तो भारत के खिलाफ सात वनडे मैचों की सीरीज में कंगारू कप्तान जार्ज बैली शानदार प्रदर्शन की वजह से नंबर तीन स्थान पर काबिज हो गए हैं। बैली ने इस सीरीज में 95.60 की औसत से 478 रन बनाए हैं। गेंदबाजी में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज ने 6 स्थान की छलांग लगाते हुए सातवें नंबर पर पहुंच गए हैं।
भारतीय सलामी जोड़ी शिखर धवन और रोहित शर्मा को भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार बल्लेबाजी करने का फायदा मिला है। भारत-आस्ट्रेलिया के खिलाफ द्विपीक्षीय वनडे सीरीज में 478 रन बनाने वाले रोहित शर्मा ने आइसीसी बैटिंग रैंकिंग में दस स्थानों की छलांग लगाकर 15वें नंबर पर पहुंच गए हैं। यह उनके करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। वहीं भारतीय बल्लेबाज शिखर धवन 12 स्थान की छलंाग लगाते हुए 11वें स्थान पर पहुंच गए हैं। बल्लेबाजी रैंकिंग में महेंद्र सिंह धौनी नंबर 6 पर और सुरेश रैना 19वें नबंर पर काबिज हैं। भारत के शीर्ष 20 बल्लेबाजों में भारत के चार बल्लेबाज हैं। भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने हाशिम अमला को पछाड़ कर बल्लेबाजी में शीर्ष पर काबिज हुए हैं।
Source- News in Hindi 
 
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India vs Australia Series - I feel good chasing targets: Kohli


 India vs Australia Series

Hindi News: बेंगलूर। विराट कोहली ने शुक्रवार को इशारा किया कि अगर भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार को होने वाले सीरीज के अंतिम और निर्णायक वनडे में टॉस जीतता है तो उनकी टीम लक्ष्य देने की जगह उसका पीछा करने को तरजीह देगी।
कोहली ने मैच की पूर्वसंध्या पर कहा, 'निजी तौर पर मुझे लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छा लगता है क्योंकि आपको पता होता है कि आपको क्या हासिल करना है। हम बेहतर योजना बना सकते हैं और आकलन कर सकते हैं कि विभिन्न हालात में कैसे खेलें। आकलन करके खेलने में मुझे अच्छा लगता है, किस गेंदबाज को निशाना बनाना है और किस गेंद को हिट करना है। पहले बल्लेबाजी करते हुए हमें बल्लेबाजी हालात का आकलन करना होता है और बड़ा स्कोर बनाने के लिए बड़ी साझेदारी महत्वपूर्ण होती है। पहले बल्लेबाजी करो या बाद में टीम के लिए साझेदारी काफी अहम होती है।'
कोहली ने कहा कि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज रोमांचक रही है विशेषकर जिस तरह से भारत ने मुश्किल हालात में वापसी की। कोहली ने कहा, 'निजी तौर पर मेरी फॉर्म मेरे लिएच्अच्छी रही है। उम्मीद करता हूं कि अंतिम मैच में मैं एक बार फिरच्अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। अब तक सीरीज में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है और इसे जीतने के लिए हमें अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाना होगा।'
Source- News in Hindi 

Another memorable inning of Virat Kohli


 Virat Kohli

News in Hindi(शिवम् अवस्थी) नई दिल्ली। टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर वह कमाल कर दिखाया जो शायद पिछले कुछ सालों से वह लगातार करते आ रहे हैं। हर अगले मैच में वो सुर्खियां बटोरते हैं और भविष्य के कप्तान होने का दावा बार-बार ठोंकने से नहीं चूकते। जयपुर में कंगारुओं के खिलाफ सबसे तेज भारतीय शतक लगाकर उन्होंने टीम इंडिया को जहां सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने में अहम भूमिका निभाई वहीं, नागपुर वनडे में भी कुछ ऐसे ही उन्होंने धूम मचाई।
नागपुर वनडे में दिल्ली के इस दिलेर ने किसी भी भारतीय द्वारा तीसरा सबसे तेज शतक जड़ा। इससे पहले जयपुर में उन्होंने जहां 52 गेंदों में शतक जड़ा था, वहीं नागपुर में उन्होने 61 गेंदों में यह कमाल किया। दोनों ही मौकों पर भारत ने अपने वनडे इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी व दूसरे नंबर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। यह कोहली के वनडे करियर का 17वां शतक था।
नागपुर वनडे में उन्होंने किसी भी गेंदबाज को नहीं बख्शा, फिर चाहे वो तेज गेंदबाज हो या फिर स्पिनर। जो भी उनके सामने आया ढहता चला गया। एक नजर डालते हैं कि उन्होंने किस गेंदबाज को कितना परेशान किया।
मिचेल जॉनसन की 16 गेंदों पर 24 रन
क्लिंट मैके की 7 गेंदों पर 11 रन
जेम्स फॉकनर की 17 गेंदों पर 34 रन
डोहर्टी की 6 गेंदों पर 17 रन
वॉटसन की 8 गेंदों पर 17 रन
मैक्सवेल की 5 गेंदों पर 7 रन
फिंच की 7 गेंदों पर 5 रन
विराट ने हर तरह से कंगारुओं की क्लास लगाई। जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी, तब वो भी इतनी तेज रफ्तार से आगे नहीं बढ़े थे जिस रफ्तार से कोहली के रिकॉर्डो की ट्रेन दौड़ लगा रही है। विराट के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से यह साफ हो जाता है कि मुमकिन है कि हमें नया सचिन मिल चुका है। सचिन के तमाम रिकॉर्डों से तो दुनिया वाकिफ है ही, लेकिन अगर विराट के कुछ ताजा रिकॉर्डो को देखें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि उनका फॉर्म, उनका प्रदर्शन किसी भी लिहाज से सचिन के शुरुआती दिनों से कम नहीं है, बल्कि या यह कहें कि ज्यादा ही है.एक नजर विराट के पांच साल (2008 से अब तक) के छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में हासिल किए अब तक के कुछ खास आंकड़ों पर, अब फैसला आप करें..

Sachin Tendulkar memorable inning in his last domestic match, mumbai wins


 Sachin Tendulkar

News in Hindiलाहली (रोहतक)। सचिन तेंदुलकर ने अपने आखिरी घरेलू मैच में मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताऊ पारी खेलकर वेस्टइंडीज के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। आखिरी घरेलू मैच में अपनी टीम मुंबई को चार विकेट से जीत दिलाने के लिए सचिन ने इस मैच की 79 रन की सबसे बड़ी पारी खेली। धवल कुलकर्णी ने विजयी चौका लगातार मुंबई को जीत दिलाई और जीत के तुरंत बाद सचिन के साथी खिलाड़ी उन्हें कंधे पर बिठाकर पवेलियन तक लेकर गए।
सचिन ने यह मैच वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने दो आखिरी टेस्ट मैच से पहले प्रैक्टिस के लिए खेला था। उनका अंतिम घरेलू मैच होने के चलते मुंबई-हरियाणा का यह रणजी मैच आकर्षण का केंद्र बन गया। पहली पारी में महज 5 रन बनाकर आउट होने वाले सचिन ने दूसरी पारी में अपनी टीम और फैंस को बिल्कुल निराश नहीं किया और टीम को मुश्किल परिस्थितियों में मैच जिताकर ही दम लिया।
सचिन कल से यहां बैटिंग कर रहे थे। तीसरे दिन का जब खेल बंद हुआ तो सचिन 55 रन बनाकर नॉट आउट थे और मुंबई के 6 विकेट गिर चुके थे। चौथे दिन मुंबई को जीत के लिए 39 रन और चाहिए थे और जिस तरह लाहली की कातिलाना पिच पर पहले तीन दिन में 36 विकेट गिरे, आखिरी दिन 39 रन बनाना भी आसान नहीं था। सचिन ने चौथे दिन भी संयम से बैटिंग का सिलसिला जारी रखा और धवल कुलकर्णी ने भी उनका बखूबी साथ निभाया। सचिन ने 175 गेंदों पर 6 चौकों की बदौलत नाबाद 79 रन बनाए, जबकि धवल कुलकर्णी 72 गेंदों पर नॉटआउट 16 रन बनाए।

Dravid thanks Sachin and build heaps of praise


Sachin Tendulkar

मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के संन्यास की खबर दुनिया को हिला गई, जब यह फैसला आया कि नवंबर में 200वां टेस्ट खेलते ही सचिन क्रिकेट को बाय-बाय कह देंगे तो हर ओर मायूसी थी । शायद 18 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के आखिरी दिन जब वो आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे तो करोड़ों आंखें नम होंगी। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिन खिलाड़ियों ने सचिन के साथ पूरा जीवन बिताया और जो संन्यास के दबाव को बखूबी समझते हैं वो भी देश के इस लाडले की विदाई पर अपने शब्दों को रोक नहीं पा रहे। इसी कड़ी में मजबूत 'दीवार' यानी भारतीय क्रिकेट के सर्वोच्च बल्लेबाजों में से एक रहे राहुल द्रविड़ भी अब शामिल हो गए हैं जिन्होंने सचिन की तारीफ में बहुत कुछ कहा।
द्रविड़ ने सचिन के बारे में कहा, 'मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि वो अपने आखिरी दो मैचों का पूरा मजा ले सकें। यह मायने नहीं रखता कि वो बड़ी पारी खेलते हैं या छोटी। मैं चाहता हूं कि वो उन दो आखिरी मुकाबलों का जमकर आनंद उठाएं जो दोनों ही बहुत बड़े मौके होंगे। मैं बस उनको शुभकामनाएं देना चाहता हूं और उनको उन सब चीजों के लिए थैंक्यू कहना चाहता हूं जो कुछ उन्होंने पिछले 24 सालों में भारतीय क्रिकेट के लिए किया है। वो एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने कभी अपना स्तर नीचे नहीं आने दिया। क्रिकेट के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं हुआ, फिर चाहे वो 16 की उम्र में हो या फिर आज 40 की उम्र में। मैं उम्मीद करता हूं कि वो आखिरी दो टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करें और एक शानदार विदाई लें।'

द्रविड़ ने कहा, 'उनका परिवार भी मैदान पर होगा इसलिए यह दोनों टेस्ट बड़े मौके होंगे। उन्होंने इतने सालों कड़ी मेहनत की है इसलिए वह एक शानदार विदाई के हकदार हैं। उनके बारे में हर कोई, सब कुछ जानता है। शायद इस दौर में वो एकमात्र ऐसे क्रिकेटर होंगे जिनके बारे में सबसे ज्यादा लिखा गया होगा, या यह कहें कि क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा।' द्रविड़ के मुताबिक सचिन की जगह भरना या उनके रिकॉर्डो के करीब आना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत मुश्किल काम रहेगा। द्रविड़ ने कहा, 'मैंने सचिन के साथ काफी क्रिकेट खेला, मैंने उन्हें बचपन से देखा है। वह भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक रहे हैं और वह महान क्रिकेटर हैं। उनके आंकड़ों, प्रदर्शन या रिकॉर्डो की बराबरी करना किसी के लिए भी टेढ़ी खीर साबित होगा। कोहली, रोहित, रैना व रहाणे जैसे कई खिलाड़ी कतार में हैं तो, लेकिन सचिन के जगह भरना किसी के लिए आसान नहीं होने वाला।'
हर आम फैन की तरह द्रविड़ भी सचिन के आखिरी दो टेस्ट मैच देखना चाहते हैं और उसके लिए उत्साहित भी हैं। द्रविड़ ने कहा, 'मैं भी उम्मीद कर रहा हूं। मैं कुछ मीडिया से जुड़े काम करने के लिए वहां मौजूद रह सकता हूं। मैं भी वहां रहना चाहूंगा। जब आप 40 के हो जाते हैं और इतना क्रिकेट खेल लेते हैं तो यह किसी के लिए झटका नहीं होता क्योंकि खेल और जिंदगी की यह हकीकत है। मुझे लगता है वो (सचिन) खुद भी इसके (संन्यास) के बारे में सोचने लगे थे।' जब द्रविड़ से उनकी नजर में सचिन की एक सबसे बेहतरीन पारी चुनने का सवाल किया गया तो द्रविड़ ने कहा, 'सभी मुझसे यही सवाल पूछ रहे हैं कि मैं सचिन की एक बेहतरीन पारी बाताऊं जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आई, लेकिन जब किसी ने 100 शतक जड़े हों तो उसमें से आप महज एक पारी कैसे चुन सकते हैं। आप तकरीबन 150 शानदार पारियों में एक नहीं चुन सकते, मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा क्योंकि मैं उनका पूरा करियर याद करना चाहूंगा।' 

Source: Cricket News 

Even Diwali to light up in Sachin flavour


 Sachin Tendulkar

Hindi News: नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े त्योहारों में से एक, दीवाली करीब है। यूं तो क्रिकेट और इस त्योहार का कुछ लेना-देना नहीं है लेकिन सचिन के फैंस के लिए यह दीवाली काफी मायने रखेगी क्योंकि यह सचिन के करियर के दौरान आखिरी दीवाली होगी, ऐसे में नवंबर में अपने 200वें टेस्ट के बाद विदाई लेने वाले सचिन को बाय-बाय कहने के लिए दीवाली के जरिए भी अलग-अलग अंदाज में तैयारी की जा रही है।
कहीं आतिशबाजी के जरिए, कहीं लेजर शो के जरिए, कहीं मोमबत्तियों के जरिए तो कहीं दीया जलाकर रोशनी के जरिए देश के सबसे रोशन सितारे को अलविदा कहने की तैयारी है। एक नजारा उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में भी देखने को मिला (फोटो में), जहां पर लोगों ने सैंकड़ों दीया के जरिए मास्टर ब्लास्टर को संदेश देने की तैयारी की है। कहीं लिखा है 'सचिन, ढूंढेगी आंखें मैदान में' ,तो कहीं लिखा है, 'सचिन, दो शतक और' अपनी-अपनी भावनाओं को इस प्रकार के संदेशों के जरिए दीवाली पर फैंस प्रकट करेंगे। देश ही नहीं, विदेश में भी फैंस सचिन की विदाई को दीवाली के मौके पर रोशनी के जरिए खास बनाने की तैयारी कर रहे हैं।

Brain Lara became happy to see this shot


Brain Lara
सचिन ने लगाया ऐसा शॉट, मोहित हो उठे लारा 
नई दिल्ली। सदी का महानतम बल्लेबाज मैदान पर आखिरी बार क्रिकेट के छोटे प्रारूप में बल्लेबाजी के लिए उतरा हो तो उस मैच पर सभी की नजरें लगी होनी लाजिमी है। अपनी पसंदीदा मैदानों में से एक फिरोजशाह कोटला पर सचिन तेंदुलकर से प्रशंसकों को ढेरों उम्मीदें थीं, लेकिन करियर के आखिरी दौर में चल रहे सचिन अपनी पारी को ज्यादा दूर तक नहीं ले जा सके और केवल 15 रन बनाकर शेन वॉटसन की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए।
लेकिन आउट होने से पहले उन्होंने जो दो लगातार चौके लगाए, उसने क्रिकेट प्रेमियों को मोहित कर दिया। आउट होने की गेंद से ठीक पहले लगाए गए उनके ट्रेड मार्क कवर ड्राइव शॉट को देखकर कैरेबियाई महान बल्लेबाज ब्रायन लारा ने ट्वीट किया, 'मैंने अभी तक टी-20 प्रारूप में जितने शॉट देखे हैं उनमें लिटिल मास्टर का लगाया गया यह शॉट सबसे बेहतरीन में से एक था।' एक अन्य कैरेबियाई खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो ने लिखा, 'सचिन का यह कवर ड्राइव रेगिस्तान में रेड वाइन के गिलास की तरह राहत देने वाला था।'
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