Hindi News: जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की विरासत पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासत गरमा गई है। मंगलवार को अहमदाबाद से दिल्ली तक दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच पटेल के बहाने कई चक्र जुबानी गोलीबारी हुई। सबसे दिलचस्प सियासी मुकाबला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अहमदाबाद में हुआ। सरदार पटेल संग्रहालय के उद्घाटन समारोह में मोदी ने अपने ही अंदाज में प्रधानमंत्री पर तंज कसा, तो उन्हें जवाब भी करारा मिला।
इससे पहले दिल्ली से संप्रग के केंद्रीय मंत्रियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने के कार्यक्रम के नाम पर मोदी पर हमला बोला, तो भाजपा ने तंज कस दिया कि नेहरू-गांधी खानदान के अलावा अन्य महापुरुषों के नाम पर कांग्रेस के पेट में दर्द होता है।
अहमदाबाद में सरदार पटेल स्मारक के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री एक घंटे देर से पहुंचे। पहले वह राजीव गांधी भवन में कांग्रेसियों के पास गए थे। बस कार्यक्रम शुरू होते ही मोदी ने पटेल पर राजीव गांधी को वरीयता देने पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा। साथ ही कहा कि नेहरू के बजाय पटेल के देश का पहला प्रधानमंत्री बनने पर हालात ही दूसरे होते। इस बीच, बार-बार मोदी मंच से प्रधानमंत्री को यह याद दिलाते रहे कि उनकी केंद्र सरकार ने देश में सबसे ज्यादा 90 बार सुशासन के लिए गुजरात सरकार को पुरस्कार दिए हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजक सरदार पटेल ट्रस्ट के अध्यक्ष व कांग्रेस नेता दिनिशा पटेल ने भी मोदी को मुंहतोड़ जवाब दिया। दिनिशा पटेल ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ बातें करते हैं। सरदार पटेल काम करने वाले थे। गुजरात सरकार की तरफ से पटेल के संग्रहालय को आर्थिक मदद नहीं देने पर कहा कि सबने मदद की। यहां तक कि एक मजदूर ने भी दो रुपये चंदा दिया। हालांकि, मोदी ने इसका जवाब भी दिया कि हजार करोड़ की जमीन गुजरात सरकार ने एक रुपये में ट्रस्ट को दी। कार्यक्रम में मोदी के भाषण के दौरान लोगों ने नारेबाजी की और 'फेंकू-फेंकू' कहा। वहीं, पीएम के भाषण से पहले 'देश का नेता कैसा हो, मनमोहन सिंह जैसा हो' के नारे भी लगे।