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PM says he is taking Modi very seriously



Top Hindi Newsनई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को चुनौती मानते हुए कहा कि वह उन्हें गंभीरता से लेते हैं। उन्होंने कहा, 'मैं उन लोगों में से हूं, जो विरोधियों को गंभीरता से लेता हूं। हमारे पास ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं है।'
एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में शुक्रवार को प्रधानमंत्री सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि राजनीतिक दल के रूप में हम विपक्ष की शक्ति को कम करके नहीं आंक सकते। उनसे यह पूछा गया था कि मोदी को लेकर दो कैबिनेट मंत्रियों के विचार अलग-अलग हैं, एक मोदी को गंभीरता से लेने की बात करता है जबकि दूसरा खारिज करता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं उन लोगों से हूं जो अपने विरोधियों को अत्यधिक गंभीरता से लेता हूं। ढिलाई के लिए हमारे पास कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों का परिणाम चाहे जो हों, कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव में पूरे आत्मविश्वास के साथ उतरेगी।
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Modi trying to hijack Patel's legacy: Digvijay Singh


 narendra modi

Hindi Newsनई दिल्ली। दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तुलना पाकिस्तान तालिबान से की है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है कि भाजपा ने गोवालकर, दीनदयाल उपाध्याय और श्यामाप्रसाद मुखर्जी को धोखा दिया है। इसके अलावा उन्होंने भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा है कि वह अब लौहपुरुष सरदार पटेल की विरासत को हाईजैक करना चाहते हैं।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि भले ही चंद्र शेखर आजाद और भगत सिंह आरएसएस के प्रचारक थे लेकिन उनके आरएसएस से जुड़े होने के नाते भारत को आजादी नहीं मिली। दिग्गी ने आगे लिखा है कि वह ऐसे लोगों की निंदा करते हैं जो तालिबान की सोच की समर्थक हैं, उन्हें भारत में पांव पसारने नहीं दिया जाएगा। मैं तालिबान के हिंदू रूप को कभी अनुमति नहीं दूंगा
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 Sardar Patel
Hindi News: अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को सरदार पटेल की प्रतिमा 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' का शिलान्यास करेंगे। वहीं, मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार भी करेंगे। 31 अक्टूबर यानी आज सरदार पटेल का जन्म दिन भी है।
182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के करीब साधु बेत पर बननी है। निर्माण के बाद दुनिया की यह सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। मोदी ने इस प्रतिमा के लिए किसानों से लोहा दान करने की अपील की है। गुरुवार को ही मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। यह अमेरिका की मशहूर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुना ऊंची होगी।
मूर्ति का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ही 2000 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। चीन की 153 मीटर ऊंची स्प्रिंग टेंपल बुद्धा मूर्ति इसकी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी होगी। इस बीच स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखे जाने से पहले मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, इस साल सरदार पटेल की जयंती ज्यादा खास होगी क्योंकि हम स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखने जा रहे हैं। भारत के लौह पुरुष के सम्मान में बनाई गई यह मूर्ति 182 मीटर की होगी और दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में होगी।
Source- News in Hindi 
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Politices on Sardar Patel Legacy

 Sardar Patel
Hindi Newsनई दिल्ली। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को नर्मदा नदी के सरदार सरोवर बांध पर उनको समर्पित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का शिलान्यास नरेंद्र मोदी ने किया। नरेंद्र मोदी द्वारा इसको जोर-शोर से प्रचारित करने और पटेल के प्रथम प्रधानमंत्री नहीं बन पाने का दुख प्रकट करने पर नाराज कांग्रेस ने भाजपा पर पटेल की विरासत हथियाने की कोशिशों का आरोप लगाया है।
भाजपा की कोशिश : भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शुरू से ही नेहरू परिवार के बगैर देश की कल्पना करता रहा है। उसी कड़ी में नेहरू के समानांतर पटेल को खड़ा करने की कोशिशें होती रही हैं।
गांधी से रिश्ता महात्मा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा थी। गांधी जी की हत्या से कुछ क्षण पहले निजी रूप से गांधी जी से बात करने वाले पटेल अंतिम व्यक्ति थे। उन्होंने सुरक्षा में चूक को गृह मंत्री होने के नाते अपनी गलती माना। उनकी हत्या के सदमे से वह उबर नहीं पाए। गांधी जी की मृत्यु के दो महीने के भीतर ही उनको दिल का दौरा पड़ा था।
नेहरू से नजदीकी- नेहरू कश्मीरी ब्राह्मण थे। पटेल गुजरात के कृषक समुदाय से ताल्ल़ुक रखते थे। दोनों ही गांधी के निकट थे।
- नेहरू समाजवादी विचारों से प्रेरित थे। पटेल बिजनेस के प्रति नरम रुख रखने वाले खांटी हिंदू थे।
- नेहरू से उनके संबंध मधुर थे। लेकिन कई मसलों पर दोनों के बीच मतभेद भी थे।
मतभेद : कश्मीर के मसले पर दोनों के विचार भिन्न थे। कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र को मध्यस्थ बनाने के सवाल पर पटेल ने नेहरू का कड़ा विरोध किया था। कश्मीर समस्या को सरदर्द मानते हुए वह भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय आधार पर मामले को निपटाना चाहते थे। इस मसले पर वह विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ थे।
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PM, Narendra Modi share stage amid battle over Sardar Patel's legacy


 Prime Minister of India

Hindi News: जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की विरासत पर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासत गरमा गई है। मंगलवार को अहमदाबाद से दिल्ली तक दोनों राष्ट्रीय दलों के बीच पटेल के बहाने कई चक्र जुबानी गोलीबारी हुई। सबसे दिलचस्प सियासी मुकाबला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच अहमदाबाद में हुआ। सरदार पटेल संग्रहालय के उद्घाटन समारोह में मोदी ने अपने ही अंदाज में प्रधानमंत्री पर तंज कसा, तो उन्हें जवाब भी करारा मिला।
इससे पहले दिल्ली से संप्रग के केंद्रीय मंत्रियों ने सरदार पटेल की प्रतिमा स्थापित करने के कार्यक्रम के नाम पर मोदी पर हमला बोला, तो भाजपा ने तंज कस दिया कि नेहरू-गांधी खानदान के अलावा अन्य महापुरुषों के नाम पर कांग्रेस के पेट में दर्द होता है।
अहमदाबाद में सरदार पटेल स्मारक के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री एक घंटे देर से पहुंचे। पहले वह राजीव गांधी भवन में कांग्रेसियों के पास गए थे। बस कार्यक्रम शुरू होते ही मोदी ने पटेल पर राजीव गांधी को वरीयता देने पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा। साथ ही कहा कि नेहरू के बजाय पटेल के देश का पहला प्रधानमंत्री बनने पर हालात ही दूसरे होते। इस बीच, बार-बार मोदी मंच से प्रधानमंत्री को यह याद दिलाते रहे कि उनकी केंद्र सरकार ने देश में सबसे ज्यादा 90 बार सुशासन के लिए गुजरात सरकार को पुरस्कार दिए हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री के साथ-साथ कार्यक्रम के आयोजक सरदार पटेल ट्रस्ट के अध्यक्ष व कांग्रेस नेता दिनिशा पटेल ने भी मोदी को मुंहतोड़ जवाब दिया। दिनिशा पटेल ने कहा कि कुछ लोग सिर्फ बातें करते हैं। सरदार पटेल काम करने वाले थे। गुजरात सरकार की तरफ से पटेल के संग्रहालय को आर्थिक मदद नहीं देने पर कहा कि सबने मदद की। यहां तक कि एक मजदूर ने भी दो रुपये चंदा दिया। हालांकि, मोदी ने इसका जवाब भी दिया कि हजार करोड़ की जमीन गुजरात सरकार ने एक रुपये में ट्रस्ट को दी। कार्यक्रम में मोदी के भाषण के दौरान लोगों ने नारेबाजी की और 'फेंकू-फेंकू' कहा। वहीं, पीएम के भाषण से पहले 'देश का नेता कैसा हो, मनमोहन सिंह जैसा हो' के नारे भी लगे।
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Poet comment his lesson on modi,modi supporter protest


narendra modi

Hindi News: जयपुर, जासं। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तारीफों के चलते एक कवि सम्मेलन में वाहवाही की जगह श्रोता तू-तू मैं-मैं पर उतर आए। नौबत धक्का - मुक्की तक पहुंच गई और मोदी पर कसीदे गढ़ने वाला कवि मुसीबत में पड़ गया। विरोध के बीच आनन-फानन में आयोजकों ने कवि को वहां से हटाया। मामला उदयपुर में रविवार को नगर निगम द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन का है।
काव्यपाठ के दौरान हंगामा तब खड़ा हुआ, जब कवि अक्दुल गफ्फान ने मोदी की तारीफ में कविता पाठ शुरू किया। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध किया और नारेबाजी के बाद कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच घक्का - मुक्की शुरू हो गई।
उल्लेखनीय है कि चुनाव की घोषणा के बाद किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में उम्मीदवार के पक्ष में बयान आचार संहिता का उल्लंधन माना जाता है। इस मामले में निगम ने सफाई दी है कि कवि सम्मेलन पूरी तरह से निजी आयोजकों की पेशकश थी। बताते हैं कि अक्दुल गफ्फान ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए काव्य पाठ किया। इस पर वहां मौजूद भाजपा पार्षदों ने जमकर तारीफ की। इस बीच श्रोताओं ने मोदी पर कुछ बोलने की फरमाइश की। जब गफ्फार मोदी की प्रशंसा में कविता पढ़ने लगे तो कांग्रेस पार्षदों ने पुरजोर विरोध किया।
Source- News in Hindi