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Narayan sai wants to grab property of asaram


Narayan sai

Hindi News: अहमदाबाद। सूरत की महिला से रेप मामले में आरोपी नारायण साई को लेकर नया खुलासा हुआ है और यह खुलासा किया है कि उस महिला ने जिसने साई के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया है कि नारायण साई और आसाराम के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। दोनों बाप-बेटे के बीच लड़कियों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। एक बार तो नौबत यहां तक आ गई थी कि नारायण साई ने आसाराम पर पिस्तौल लक तक तान दी थी।
पीड़िता ने खुलासा किया है कि नारायण साई की आसाराम की संपत्ति पर नजर थी। वह इस हद तक गिर चुका था कि इसके लिए वह अपने पिता की सेक्स सीडी तैयार करना चाहता था, ताकि वह आसाराम का भयादोहन कर सारी संपत्ति पर कब्जा कर सके।
एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता ने बताया कि उसने नारायण साई को यह कहते सुना था कि वह अपने पिता की सीडी बनाना चाहता है। इसके लिए उसने आसाराम की कुटिया में एक लड़की को भेजने की योजना भी बनाई थी। रेप पीड़िता ने यह भी खुलासा किया है कि नारायण साई नहाते वक्त लड़कियों के साथ नाचता था।
इसके साथ ही उसने कहा कि नारायण साई अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और किसी से उसे बात नहीं करने देता था। पीड़िता ने कहा कि उसकी एक अवैध बेटी भी है जो अहमदाबाद में रहती है।
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Narendra Modi likely to visit Bihar again


BJP

Top Hindi News: जासं, पटना। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी 15 दिसंबर के बाद बिहार में फिर सभाएं करेंगे। ये कार्यक्रम कब और कहां कहां होंगे, फिलहाल यह तय नहीं हुआ है। मोदी ने इन सभाओं पर अपनी सहमति दे दी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि जल्द नरेंद्र मोदी की सभाओं के स्थान व तारीखें घोषित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि पार्टी 15 नवंबर से जिलास्तरीय व मंडलस्तरीय बैठकों की शुरुआत करेगी, जबकि 15 दिसंबर को सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर मैराथन दौड़ के साथ लोहा संग्रहण का कार्य शुरू किया जाएगा जो 26 जनवरी तक चलेगा।
Source- News in Hindi 
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LK Advani turns 86, meets Narendra Modi


LK Advani

Hindi News: नई दिल्ली। भाजपा के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी आज 86 बरस के हो गए हैं। उनके जन्मदिन के मौके पर भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आडवाणी के घर उन्हें बधाई देने पहुंचे। मोदी ने आडवाणी को फूलों का गुलदस्ता देकर जन्मदिन की बधाई दी।
8 नवंबर 1927 को कराची में जन्मे आडवाणी के घर पर सुबह से ही बधाई देने के लिए के लिए लोग पहुंचने लगे थे। मोदी के अलावा उनके निवास स्थान पर भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, वैंकेया नायडू समेत भाजपा के तमाम बड़े नेताओं के पहुंचने की उम्मीद है।
Source- News in Hindi
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Modi is seen only on TV and in Gujarat: Mulayam Singh Yadav


Mainpuri Vikas rally

Hindi News: मैनपुरी, [परवेज अहमद]। सपा के गढ़ मैनपुरी में बृहस्पतिवार को मुलायम सिंह यादव ने विकास के मामले में गुजरात की तारीफ की। कहा, यूपी को किसी कीमत पर गुजरात नहीं बनने दिया जाएगा, लेकिन गुजरात की तर्ज पर विकास किया जाएगा उन्होंने कहा, नरेंद्र मोदी सिर्फ गुजरात और टीवी पर दिखते हैं, ..और कहीं नहीं। जनसभा में उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछड़ों के समग्र वोट उनके निशाने पर हैं और वह उन्हीं को आधार बनाकर विरोधियों से दो-दो हाथ करेंगे। मुलायम बसपा पर भी सीधे हमलावर हुए और पार्टी प्रमुख की प्रतिबद्धता पर सवाल उठाते हुए कहा कि मायावती गरीबों, पिछड़ों और दलितों की हिमायती होने का दावा करती हैं लेकिन रहती बड़ों के साथ हैं। पार्टी के नेता तो मिश्रा-सतीश मिश्रा हैं। जनसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी मौजूद थे।
पिछड़ों की लड़ाई
मुलायम ने कहा कि पिछली सपा सरकार ने 17 पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जातियों जैसे अधिकार देने का प्रस्ताव पास किया था, जिसे बसपा ने निरस्त कर दिया था। नरेंद्र मोदी आरोप लगा रहे हैं कि सपा पिछड़ी जातियों को गोलबंद कर रही है, मगर हम इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अति पिछड़े वर्ग की इन जातियों को हम हक दिलाकर रहेंगे। सपा ने ही प्रजापति, कुशवाहा जैसी जातियों को राज्य मंत्रिमंडल में स्थान दिया है। किसी भी सरकार ने इनकी तरक्की पर ध्यान नहीं दिया।
दंगाइयों पर सख्ती
मुलायम ने कहा कि राज्य सरकार को समझना चाहिए कि दंगे सख्ती से नियंत्रित होते हैं। याद दिलाया कि उनके कार्यकाल में सांप्रदायिक शक्तियों ने अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने का प्रयास किया था, तब उन्होंने जो सख्ती दिखाई थी, इस समय वैसी ही सख्ती की जरूरत है।
Source- News in Hindi 
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Narayan Sai special assistant Ganga arrested in Udaipur


Narayan Sai

Hindi News: नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले के आरोपी नारायण साईं की खास सहयोगी गंगा उर्फ धर्मिष्ठा को राजस्थान के उदयपुर में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात पुलिस गंगा को लेने उदयपुर पहुंच गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गंगा की गिरफ्तारी के बाद कई और राज के खुलासे होंगे। गंगा पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है।
गौरतलब है कि सूरत कोर्ट ने नारायण साई के साथ-साथ उसके तीन साथी हनुमान, गंगा और यमुना के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि नारायण साई ने कोर्ट में पहले से ही अग्रिम जमानती याचिका दाखिल की थी। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूरी देते हुए मंगलवार को साई के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया।
अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी भी की है, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस से भाग रहे नारायण साईं अलग-अलग सिम कार्डो से अपने साधकों व परिजनों के संपर्क में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए साई ने अपना हुलिया भी बदल लिया है।
Source- News in Hindi 
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Lata Mangeshkar desire , Modi became PM


Lata Mangeshkar

News in Hindi: जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर चाहती हैं कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनें। नरेंद्र मोदी शुक्रवार को लता मंगेशकर की ओर से बनाए गए अस्पताल का उद्घाटन करने पुणे में थे।
यह अस्पताल लता मंगेशकर के पिता स्वर्गीय दीनानाथ मंगेशकर के नाम पर है।
इस मौके पर लता ने कहा, 'नरेंद्रभाई मेरे भाई की तरह हैं। हम सभी उन्हें प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। इस दीपावली के मौके पर मैं उम्मीद करती हूं कि हमारी इच्छा पूरी होगी। रोचक तथ्य यह है कि अस्पताल के पहले चरण का उद्घाटन अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था।
उस वक्त वह प्रधानमंत्री नहीं थे। मोदी को उद्घाटन के लिए उस वक्त निमंत्रण दिया गया था, जब वह प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित नहीं हुए थे।
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Modi flight delay due to fog in patna


narendra modi

Hindi News: पटना। भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी हुंकार रैली में मृतकों के परिजनों से मिलने के सिलसिले में गौरीचक से कैमूर पहुंच गए। वे यहां मृतक विकास कुमार के परिजनों से मिलेंगे। इससे पहले शनिवार सुबह करीब 9:50 मिनट पर पटना से गौरीचक पहुंचे। वह यहां पर हुंकार रैली में मारे गए राजनारायण सिंह के परिजनों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार में सदस्यों की संख्या भी पूछी और उनसे हिम्मत रखने के लिए कहा। इस दौरान मोदी ने परिजनों को पांच लाख का चैक भी सौंपा।
उनके साथ बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी साथ थे। कैमूर के बाद वे गोपालगंज, सुपौल, बेगूसराय व नालंदा पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मिलेंगे और पांच लाख की सहायता राशि सौंपेंगे। वहीं, दूसरी ओर भाजपा नेता गिरीराज सिंह ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि मोदी के आने पर बिहार सरकार ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है।
इससे पहले पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार मोदी को शनिवार सुबह सात बजे ही पटना से हैलीकॉप्टर से निकलना था, लेकिन कोहरे की वजह से उनकी इस यात्रा में देरी हो गई।
गौरतलब है कि मोदी विशेष विमान से शुक्रवार को करीब 11.04 बजे पटना एयरपोर्ट पर उतरे थे। यहां से कड़ी सुरक्षा में सफेद एंबेसेडर कार में बैठकर 52 गाड़ियों के काफिले के साथ मोदी राज्य अतिथि गृह पहुंचे और और विश्राम किया। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व बिहार इकाई के प्रभारी धर्मेद्र प्रधान ने बताया कि इस दौरान मोदी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। इससे पहले शुक्रवार को बिहार भाजपा ने 27 अक्टूबर को पटना में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों की अस्थि कलश यात्रा निकाली।
Source- News in Hindi
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Modi to lay foundation stone of Sardar Patel statue today


 Sardar Patel
Hindi News: अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को सरदार पटेल की प्रतिमा 'स्टैचू ऑफ यूनिटी' का शिलान्यास करेंगे। वहीं, मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार भी करेंगे। 31 अक्टूबर यानी आज सरदार पटेल का जन्म दिन भी है।
182 मीटर ऊंची यह प्रतिमा नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के करीब साधु बेत पर बननी है। निर्माण के बाद दुनिया की यह सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। मोदी ने इस प्रतिमा के लिए किसानों से लोहा दान करने की अपील की है। गुरुवार को ही मोदी अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे। यह अमेरिका की मशहूर स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुना ऊंची होगी।
मूर्ति का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में ही 2000 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है। चीन की 153 मीटर ऊंची स्प्रिंग टेंपल बुद्धा मूर्ति इसकी नजदीकी प्रतिद्वंद्वी होगी। इस बीच स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखे जाने से पहले मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, इस साल सरदार पटेल की जयंती ज्यादा खास होगी क्योंकि हम स्टैचू ऑफ यूनिटी की नींव रखने जा रहे हैं। भारत के लौह पुरुष के सम्मान में बनाई गई यह मूर्ति 182 मीटर की होगी और दुनिया की सबसे ऊंची मूर्तियों में होगी।
Source- News in Hindi 
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Politices on Sardar Patel Legacy

 Sardar Patel
Hindi News: नई दिल्ली। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जन्मदिन के अवसर पर गुरुवार को नर्मदा नदी के सरदार सरोवर बांध पर उनको समर्पित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का शिलान्यास नरेंद्र मोदी ने किया। नरेंद्र मोदी द्वारा इसको जोर-शोर से प्रचारित करने और पटेल के प्रथम प्रधानमंत्री नहीं बन पाने का दुख प्रकट करने पर नाराज कांग्रेस ने भाजपा पर पटेल की विरासत हथियाने की कोशिशों का आरोप लगाया है।
भाजपा की कोशिश : भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शुरू से ही नेहरू परिवार के बगैर देश की कल्पना करता रहा है। उसी कड़ी में नेहरू के समानांतर पटेल को खड़ा करने की कोशिशें होती रही हैं।
गांधी से रिश्ता महात्मा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा थी। गांधी जी की हत्या से कुछ क्षण पहले निजी रूप से गांधी जी से बात करने वाले पटेल अंतिम व्यक्ति थे। उन्होंने सुरक्षा में चूक को गृह मंत्री होने के नाते अपनी गलती माना। उनकी हत्या के सदमे से वह उबर नहीं पाए। गांधी जी की मृत्यु के दो महीने के भीतर ही उनको दिल का दौरा पड़ा था।
नेहरू से नजदीकी- नेहरू कश्मीरी ब्राह्मण थे। पटेल गुजरात के कृषक समुदाय से ताल्ल़ुक रखते थे। दोनों ही गांधी के निकट थे।
- नेहरू समाजवादी विचारों से प्रेरित थे। पटेल बिजनेस के प्रति नरम रुख रखने वाले खांटी हिंदू थे।
- नेहरू से उनके संबंध मधुर थे। लेकिन कई मसलों पर दोनों के बीच मतभेद भी थे।
मतभेद : कश्मीर के मसले पर दोनों के विचार भिन्न थे। कश्मीर मसले पर संयुक्त राष्ट्र को मध्यस्थ बनाने के सवाल पर पटेल ने नेहरू का कड़ा विरोध किया था। कश्मीर समस्या को सरदर्द मानते हुए वह भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय आधार पर मामले को निपटाना चाहते थे। इस मसले पर वह विदेशी हस्तक्षेप के खिलाफ थे।
Source- News in Hindi 
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17 parties together against communalism, says Nitish at convention on Third Front


Delhi

Hindi News:जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आम चुनाव से पहले मोदी बनाम राहुल के सीधे मुकाबले के माहौल के बीच तीसरी ताकत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवा दी है। वाम दलों के न्योते पर बुधवार को सपा, जदयू, अन्नाद्रमुक, बीजद, जद (एस), झाविमो और अगप सहित 17 छोटी-बड़ी पार्टियां एक मंच पर आ खड़ी हुर्ई। केंद्र के सत्तारूढ़ मोर्चे में शामिल राकांपा ने भी इसमें खुल कर शिरकत की। हालांकि, सम्मेलन में शामिल पार्टियों ने किसी चुनाव पूर्व गठबंधन से इन्कार किया है, लेकिन मोदी की लोकप्रियता को लेकर अब इन पार्टियों में एकजुटता पर नए सिरे से कसमसाहट भी साफ दिखाई दी।
सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुटता के नाम पर बुलाए गए इस सम्मेलन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने इस जुटान को चुनावी एकजुटता में भी बदलने की खुली वकालत की। उन्होंने कहा, 'सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह सम्मलेन एक नए मोर्चे के गठन के लिए है। यह सही है कि अभी ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन फासीवादी और सांप्रदायिक ताकतों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जितना अधिक से अधिक हो सके लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना होगा।'
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि जितने दलों के नेता यहां मौजूद हैं, अगर सभी इकट्ठा हो जाएं तो सांप्रदायिक ताकतें देश में कहीं सिर नहीं उठा पाएंगी। यह प्रयोग हम यूपी में कर चुके हैं। यूपी में हमने जब-जब सख्ती की, सांप्रदायिक ताकतों को मुंह की खानी पड़ी।' उन्होंने भरोसा भी दिलाया कि ये सभी दल जहां भी एक साथ खड़े होंगे, वे उनका साथ देंगे।
हालांकि शुरुआत में इस सम्मेलन को गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा दलों की एकजुटता बढ़ाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन आखिरकार यह पूरी तरह से भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुटता के रूप में बनकर रह गया। किसी भी दल ने केंद्र की सत्तारुढ़ सरकार के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला। यहां तक कि उत्तर प्रदेश में इतने बड़े दंगों के बावजूद सपा के मुखिया मुलायम ही सम्मेलन के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरते नजर आए।
Source- News in Hindi 

Poet comment his lesson on modi,modi supporter protest


narendra modi

Hindi News: जयपुर, जासं। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तारीफों के चलते एक कवि सम्मेलन में वाहवाही की जगह श्रोता तू-तू मैं-मैं पर उतर आए। नौबत धक्का - मुक्की तक पहुंच गई और मोदी पर कसीदे गढ़ने वाला कवि मुसीबत में पड़ गया। विरोध के बीच आनन-फानन में आयोजकों ने कवि को वहां से हटाया। मामला उदयपुर में रविवार को नगर निगम द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन का है।
काव्यपाठ के दौरान हंगामा तब खड़ा हुआ, जब कवि अक्दुल गफ्फान ने मोदी की तारीफ में कविता पाठ शुरू किया। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध किया और नारेबाजी के बाद कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच घक्का - मुक्की शुरू हो गई।
उल्लेखनीय है कि चुनाव की घोषणा के बाद किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में उम्मीदवार के पक्ष में बयान आचार संहिता का उल्लंधन माना जाता है। इस मामले में निगम ने सफाई दी है कि कवि सम्मेलन पूरी तरह से निजी आयोजकों की पेशकश थी। बताते हैं कि अक्दुल गफ्फान ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए काव्य पाठ किया। इस पर वहां मौजूद भाजपा पार्षदों ने जमकर तारीफ की। इस बीच श्रोताओं ने मोदी पर कुछ बोलने की फरमाइश की। जब गफ्फार मोदी की प्रशंसा में कविता पढ़ने लगे तो कांग्रेस पार्षदों ने पुरजोर विरोध किया।
Source- News in Hindi