News in Hindi: नागपुर। चमत्कार रोज-रोज नहीं हुआ करते। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बुधवार को जब कप्तान जॉर्ज बेली (156) और शेन वॉटसन (102) के शतकों की मदद से भारत के समक्ष 350 का विशाल लक्ष्य रखने के बाद शायद यह ख्याल उसके मन में जरूर आया होगा। लेकिन सीरीज के दूसरे वनडे में 359 रन के लक्ष्य को भेदने वाली टीम इंडिया ने एक बार फिर तीन गेंद और छह विकेट शेष रहते चमात्कारिक जीत हासिल कर मेहमान टीम को अपना सिर पीटने पर मजबूर कर दिया।
विराट कोहली (115) एक बार फिर लक्ष्य हासिल करने में हीरो साबित हुए। उन्होंने 61 गेंद पर भारत की तरफ से तीसरा सबसे तेज और करियर का 17वां शतक ठोका। भारतीय क्रिकेट में नई सनसनी बन कर उभरे शिखर धवन ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड जारी रखा और करियर का चौथा शतक जड़ते हुए भारत की वनडे में दूसरी सबसे बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।
सात मैचों की सीरीज में यह दूसरी बार है जब भारत ने 350 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है। इससे पहले दूसरे वनडे मैच में भारत ने 359 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए वनडे क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की थी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली और अब दो नवंबर को बेंगलूर में खेले जाने वाले सीरीज के अंतिम मैच से सीरीज विजेता का फैसला होगा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने 29.3 ओवर में 178 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत आधार दिया। रोहित 79 रन पर आउट हो जाने के बाद कोहली ने तेजी से रन बनाने का जिम्मा संभाला। शिखर के साथ मिलकर उन्होंने टीम को तेजी से लक्ष्य की तरफ धकेला। इस बीच शतक लगाने के बाद धवन फॉकनर की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। दूसरे छोर पर खड़े कोहली लगातार रन बटोरते रहे।
जॉनसन ने 43वें ओवर में रैना और युवराज को पवेलियन भेजकर मैच का रुख बदलने की कोशिश की। पूरी पारी के दौरान यही एक इकलौता ऐसा वक्त था, जब लगा भारत मैच हार भी सकता है। भारत को एक समय जीत के लिए 27 गेंदों में 48 रन की दरकार थी, लेकिन आक्रामक कोहली ने अपना फोकस बनाए रखा और नाबाद रहते हुए विपक्षी टीम के मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 66 गेंद की अपनी पारी में 18 चौके और एक छक्का लगाया।
Source- Cricket News in Hindi
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