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Another memorable inning of Virat Kohli


 Virat Kohli

News in Hindi(शिवम् अवस्थी) नई दिल्ली। टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर वह कमाल कर दिखाया जो शायद पिछले कुछ सालों से वह लगातार करते आ रहे हैं। हर अगले मैच में वो सुर्खियां बटोरते हैं और भविष्य के कप्तान होने का दावा बार-बार ठोंकने से नहीं चूकते। जयपुर में कंगारुओं के खिलाफ सबसे तेज भारतीय शतक लगाकर उन्होंने टीम इंडिया को जहां सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने में अहम भूमिका निभाई वहीं, नागपुर वनडे में भी कुछ ऐसे ही उन्होंने धूम मचाई।
नागपुर वनडे में दिल्ली के इस दिलेर ने किसी भी भारतीय द्वारा तीसरा सबसे तेज शतक जड़ा। इससे पहले जयपुर में उन्होंने जहां 52 गेंदों में शतक जड़ा था, वहीं नागपुर में उन्होने 61 गेंदों में यह कमाल किया। दोनों ही मौकों पर भारत ने अपने वनडे इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी व दूसरे नंबर की सबसे बड़ी जीत हासिल की। यह कोहली के वनडे करियर का 17वां शतक था।
नागपुर वनडे में उन्होंने किसी भी गेंदबाज को नहीं बख्शा, फिर चाहे वो तेज गेंदबाज हो या फिर स्पिनर। जो भी उनके सामने आया ढहता चला गया। एक नजर डालते हैं कि उन्होंने किस गेंदबाज को कितना परेशान किया।
मिचेल जॉनसन की 16 गेंदों पर 24 रन
क्लिंट मैके की 7 गेंदों पर 11 रन
जेम्स फॉकनर की 17 गेंदों पर 34 रन
डोहर्टी की 6 गेंदों पर 17 रन
वॉटसन की 8 गेंदों पर 17 रन
मैक्सवेल की 5 गेंदों पर 7 रन
फिंच की 7 गेंदों पर 5 रन
विराट ने हर तरह से कंगारुओं की क्लास लगाई। जब मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने अपने वनडे करियर की शुरुआत की थी, तब वो भी इतनी तेज रफ्तार से आगे नहीं बढ़े थे जिस रफ्तार से कोहली के रिकॉर्डो की ट्रेन दौड़ लगा रही है। विराट के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से यह साफ हो जाता है कि मुमकिन है कि हमें नया सचिन मिल चुका है। सचिन के तमाम रिकॉर्डों से तो दुनिया वाकिफ है ही, लेकिन अगर विराट के कुछ ताजा रिकॉर्डो को देखें तो यह कहना गलत नहीं होगा कि उनका फॉर्म, उनका प्रदर्शन किसी भी लिहाज से सचिन के शुरुआती दिनों से कम नहीं है, बल्कि या यह कहें कि ज्यादा ही है.एक नजर विराट के पांच साल (2008 से अब तक) के छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में हासिल किए अब तक के कुछ खास आंकड़ों पर, अब फैसला आप करें..

Dravid thanks Sachin and build heaps of praise


Sachin Tendulkar

मुंबई। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के संन्यास की खबर दुनिया को हिला गई, जब यह फैसला आया कि नवंबर में 200वां टेस्ट खेलते ही सचिन क्रिकेट को बाय-बाय कह देंगे तो हर ओर मायूसी थी । शायद 18 नवंबर को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे टेस्ट के आखिरी दिन जब वो आखिरी बार मैदान पर उतरेंगे तो करोड़ों आंखें नम होंगी। इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिन खिलाड़ियों ने सचिन के साथ पूरा जीवन बिताया और जो संन्यास के दबाव को बखूबी समझते हैं वो भी देश के इस लाडले की विदाई पर अपने शब्दों को रोक नहीं पा रहे। इसी कड़ी में मजबूत 'दीवार' यानी भारतीय क्रिकेट के सर्वोच्च बल्लेबाजों में से एक रहे राहुल द्रविड़ भी अब शामिल हो गए हैं जिन्होंने सचिन की तारीफ में बहुत कुछ कहा।
द्रविड़ ने सचिन के बारे में कहा, 'मैं बस यही उम्मीद करता हूं कि वो अपने आखिरी दो मैचों का पूरा मजा ले सकें। यह मायने नहीं रखता कि वो बड़ी पारी खेलते हैं या छोटी। मैं चाहता हूं कि वो उन दो आखिरी मुकाबलों का जमकर आनंद उठाएं जो दोनों ही बहुत बड़े मौके होंगे। मैं बस उनको शुभकामनाएं देना चाहता हूं और उनको उन सब चीजों के लिए थैंक्यू कहना चाहता हूं जो कुछ उन्होंने पिछले 24 सालों में भारतीय क्रिकेट के लिए किया है। वो एक ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने कभी अपना स्तर नीचे नहीं आने दिया। क्रिकेट के प्रति उनका प्यार कभी कम नहीं हुआ, फिर चाहे वो 16 की उम्र में हो या फिर आज 40 की उम्र में। मैं उम्मीद करता हूं कि वो आखिरी दो टेस्ट मैचों में अच्छा प्रदर्शन करें और एक शानदार विदाई लें।'

द्रविड़ ने कहा, 'उनका परिवार भी मैदान पर होगा इसलिए यह दोनों टेस्ट बड़े मौके होंगे। उन्होंने इतने सालों कड़ी मेहनत की है इसलिए वह एक शानदार विदाई के हकदार हैं। उनके बारे में हर कोई, सब कुछ जानता है। शायद इस दौर में वो एकमात्र ऐसे क्रिकेटर होंगे जिनके बारे में सबसे ज्यादा लिखा गया होगा, या यह कहें कि क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा।' द्रविड़ के मुताबिक सचिन की जगह भरना या उनके रिकॉर्डो के करीब आना किसी भी खिलाड़ी के लिए बहुत मुश्किल काम रहेगा। द्रविड़ ने कहा, 'मैंने सचिन के साथ काफी क्रिकेट खेला, मैंने उन्हें बचपन से देखा है। वह भारतीय टीम के साथ लंबे समय तक रहे हैं और वह महान क्रिकेटर हैं। उनके आंकड़ों, प्रदर्शन या रिकॉर्डो की बराबरी करना किसी के लिए भी टेढ़ी खीर साबित होगा। कोहली, रोहित, रैना व रहाणे जैसे कई खिलाड़ी कतार में हैं तो, लेकिन सचिन के जगह भरना किसी के लिए आसान नहीं होने वाला।'
हर आम फैन की तरह द्रविड़ भी सचिन के आखिरी दो टेस्ट मैच देखना चाहते हैं और उसके लिए उत्साहित भी हैं। द्रविड़ ने कहा, 'मैं भी उम्मीद कर रहा हूं। मैं कुछ मीडिया से जुड़े काम करने के लिए वहां मौजूद रह सकता हूं। मैं भी वहां रहना चाहूंगा। जब आप 40 के हो जाते हैं और इतना क्रिकेट खेल लेते हैं तो यह किसी के लिए झटका नहीं होता क्योंकि खेल और जिंदगी की यह हकीकत है। मुझे लगता है वो (सचिन) खुद भी इसके (संन्यास) के बारे में सोचने लगे थे।' जब द्रविड़ से उनकी नजर में सचिन की एक सबसे बेहतरीन पारी चुनने का सवाल किया गया तो द्रविड़ ने कहा, 'सभी मुझसे यही सवाल पूछ रहे हैं कि मैं सचिन की एक बेहतरीन पारी बाताऊं जो उन्हें सबसे ज्यादा पसंद आई, लेकिन जब किसी ने 100 शतक जड़े हों तो उसमें से आप महज एक पारी कैसे चुन सकते हैं। आप तकरीबन 150 शानदार पारियों में एक नहीं चुन सकते, मैं ऐसा नहीं करना चाहूंगा क्योंकि मैं उनका पूरा करियर याद करना चाहूंगा।' 

Source: Cricket News