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Fashion designer rape case: two brothers arrest in bihar


rape

Hindi News:नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कनॉट प्लेस थानाक्षेत्र में फैशन डिजाइनर युवती के साथ दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना बहुत पुरानी है। युवती ने 25 अप्रैल को दो भाइयों शशि शेखर ठाकुर व मुकुल ठाकुर के खिलाफ दुष्कर्म करने का मामला दर्ज कराया था। किंतु जांच पड़ताल के बाद अब जाकर उन्हें बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित घर से गिरफ्तार किया गया। रविवार शाम दोनों को मुजफ्फरपुर से दिल्ली लाया गया। दोनों की वहां बहुत दबंग छवि है।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है। पीड़िता फैशन डिजाइनर युवती आरोपी शशि शेखर ठाकुर की साली की बेटी है। उसने आरोप लगाया है कि जब वह नौ साल की थी। तब से उसके साथ यौन शोषण का सिलसिला शुरू हो गया था। उसकी मां की शादी 1983 में हुई थी। 1985 में पीड़िता का जन्म होने के बाद उनके माता-पिता में अलगाव हो गया। मां के नार्मल न रहने के कारण परिवार की सहायता के नाम पर आरोपियों को यौन शोषण के लिए मौके की तलाश रहती थी।
नौ साल की उम्र 1994 में जब वह अपने नौनिहाल दरभंगा में थी तभी से उसके साथ यौन शोषण का सिलसिला शुरू हो गया। यह सिलसिला मुजफ्फरपुर, हैदराबाद व दिल्ली तक जारी रहा। नौनिहाल में बड़ा दामाद होने के कारण शशिशेखर ठाकुर भरपूर फायदा उठाते रहे। उनकी वहां दबंग छवि है। कनॉट प्लेस के वेसटर्न कोर्ट जनपथ पर जब युवती के साथ दुष्कर्म किया गया तब उसने थाने में दोनों भाइयों व शशि की पत्नी मीरा ठाकुर के खिलाफ साजिश में शामिल होने की धारा के तहत मामला दर्ज करवा दिया था।
पीड़िता निफ्ट, हैदराबाद से स्नातक है। वह पेशे से फैशन डिजाइनर है। हैदराबाद में पढ़ाई के दौरान भी आरोपी वहां पहुंच कर उसका यौन शोषण करते थे। शिकायत में पीड़िता ने कहा है कि अपने निकट संबंधियों द्वारा 12 वर्ष तक उसके साथ हो रहे यौन शोषण ने उसे घुटन भरी जिंदगी जीने को मजबूर कर दिया था। इन लोगों ने उसका बचपन छीन लिया। इससे वह काफी डरी सहमी रहती थी। परिवार व संबंधियों पर दबदबा होने के कारण वह चाहकर भी डर के कारण कुछ भी नहीं बोल पा रही थी। दिल्ली में उसे बल मिला तब उसने इतना बड़ा कदम उठाया।
बताया जाता है कि 1994 में गोपालगंज के पूर्व डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में भी दोनों भाई आरोपी थे। निचली अदालत ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी। किंतु बाद में दोनों बरी हो गए। जूरन छपरा रोड नंबर तीन में रहने वाले स्वामी ठाकुर भाइयों का राजनीति में भी दबदबा रहा है।
पहले शशि ठाकुर ही 2006 तक उसका यौन शोषण करते रहे बाद में 13 साल उम्र होने पर उसका अधिवक्ता भाई भी यौन शोषण में शामिल हो गया। शशि ठाकुर जदयू के काफी करीबी रहे हैं। मुजफ्फरपुर के डॉन पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला के भी काफी करीबी हैं।
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Narendra Modi likely to visit Bihar again


BJP

Top Hindi News: जासं, पटना। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी 15 दिसंबर के बाद बिहार में फिर सभाएं करेंगे। ये कार्यक्रम कब और कहां कहां होंगे, फिलहाल यह तय नहीं हुआ है। मोदी ने इन सभाओं पर अपनी सहमति दे दी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि जल्द नरेंद्र मोदी की सभाओं के स्थान व तारीखें घोषित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि पार्टी 15 नवंबर से जिलास्तरीय व मंडलस्तरीय बैठकों की शुरुआत करेगी, जबकि 15 दिसंबर को सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर मैराथन दौड़ के साथ लोहा संग्रहण का कार्य शुरू किया जाएगा जो 26 जनवरी तक चलेगा।
Source- News in Hindi 
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Modi flight delay due to fog in patna


narendra modi

Hindi News: पटना। भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी हुंकार रैली में मृतकों के परिजनों से मिलने के सिलसिले में गौरीचक से कैमूर पहुंच गए। वे यहां मृतक विकास कुमार के परिजनों से मिलेंगे। इससे पहले शनिवार सुबह करीब 9:50 मिनट पर पटना से गौरीचक पहुंचे। वह यहां पर हुंकार रैली में मारे गए राजनारायण सिंह के परिजनों से मिले और उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिवार में सदस्यों की संख्या भी पूछी और उनसे हिम्मत रखने के लिए कहा। इस दौरान मोदी ने परिजनों को पांच लाख का चैक भी सौंपा।
उनके साथ बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी भी साथ थे। कैमूर के बाद वे गोपालगंज, सुपौल, बेगूसराय व नालंदा पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मिलेंगे और पांच लाख की सहायता राशि सौंपेंगे। वहीं, दूसरी ओर भाजपा नेता गिरीराज सिंह ने नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि मोदी के आने पर बिहार सरकार ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया है।
इससे पहले पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार मोदी को शनिवार सुबह सात बजे ही पटना से हैलीकॉप्टर से निकलना था, लेकिन कोहरे की वजह से उनकी इस यात्रा में देरी हो गई।
गौरतलब है कि मोदी विशेष विमान से शुक्रवार को करीब 11.04 बजे पटना एयरपोर्ट पर उतरे थे। यहां से कड़ी सुरक्षा में सफेद एंबेसेडर कार में बैठकर 52 गाड़ियों के काफिले के साथ मोदी राज्य अतिथि गृह पहुंचे और और विश्राम किया। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व बिहार इकाई के प्रभारी धर्मेद्र प्रधान ने बताया कि इस दौरान मोदी मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। इससे पहले शुक्रवार को बिहार भाजपा ने 27 अक्टूबर को पटना में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों की अस्थि कलश यात्रा निकाली।
Source- News in Hindi
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17 parties together against communalism, says Nitish at convention on Third Front


Delhi

Hindi News:जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। आम चुनाव से पहले मोदी बनाम राहुल के सीधे मुकाबले के माहौल के बीच तीसरी ताकत ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज करवा दी है। वाम दलों के न्योते पर बुधवार को सपा, जदयू, अन्नाद्रमुक, बीजद, जद (एस), झाविमो और अगप सहित 17 छोटी-बड़ी पार्टियां एक मंच पर आ खड़ी हुर्ई। केंद्र के सत्तारूढ़ मोर्चे में शामिल राकांपा ने भी इसमें खुल कर शिरकत की। हालांकि, सम्मेलन में शामिल पार्टियों ने किसी चुनाव पूर्व गठबंधन से इन्कार किया है, लेकिन मोदी की लोकप्रियता को लेकर अब इन पार्टियों में एकजुटता पर नए सिरे से कसमसाहट भी साफ दिखाई दी।
सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुटता के नाम पर बुलाए गए इस सम्मेलन के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने इस जुटान को चुनावी एकजुटता में भी बदलने की खुली वकालत की। उन्होंने कहा, 'सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह सम्मलेन एक नए मोर्चे के गठन के लिए है। यह सही है कि अभी ऐसी कोई बात नहीं है। लेकिन फासीवादी और सांप्रदायिक ताकतों के बढ़ते खतरे को देखते हुए जितना अधिक से अधिक हो सके लोकतांत्रिक ताकतों को एकजुट होना होगा।'
सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने भी कहा कि जितने दलों के नेता यहां मौजूद हैं, अगर सभी इकट्ठा हो जाएं तो सांप्रदायिक ताकतें देश में कहीं सिर नहीं उठा पाएंगी। यह प्रयोग हम यूपी में कर चुके हैं। यूपी में हमने जब-जब सख्ती की, सांप्रदायिक ताकतों को मुंह की खानी पड़ी।' उन्होंने भरोसा भी दिलाया कि ये सभी दल जहां भी एक साथ खड़े होंगे, वे उनका साथ देंगे।
हालांकि शुरुआत में इस सम्मेलन को गैर-कांग्रेस और गैर-भाजपा दलों की एकजुटता बढ़ाने की एक कोशिश के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन आखिरकार यह पूरी तरह से भाजपा और नरेंद्र मोदी के खिलाफ एकजुटता के रूप में बनकर रह गया। किसी भी दल ने केंद्र की सत्तारुढ़ सरकार के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोला। यहां तक कि उत्तर प्रदेश में इतने बड़े दंगों के बावजूद सपा के मुखिया मुलायम ही सम्मेलन के सबसे बड़े चेहरे के रूप में उभरते नजर आए।
Source- News in Hindi 

JDU leader Shivanand Tiwari praises Modi, attacks Nitish


 JDU

Hindi News: जागरण न्यूज नेटवर्क, बिहारशरीफ। जदयू के राजगीर चिंतन शिविर में मंगलवार को वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी पार्टी के लिए चिंता का सबब बन गए। उन्होंने मुखर होकर न केवल नरेंद्र मोदी की तारीफ की बल्कि नीतीश कुमार को आगाह भी कर दिया कि नमो को हल्के में लिया तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
तिवारी ने कहा, मैं नरेंद्र मोदी का विरोधी हूं, लेकिन संघर्ष क्षमता को देखकर उनकी प्रशंसा किए बिना नहीं रह सकता। जिस तरह से मोदी आगे बढ़ रहे है उन्हें हल्के में नहीं लिया जा सकता। नीतीश, लालू की तरह तिवारी को भी लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन की उपज माना जाता है। शिविर में ही बिहार के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा, अफसर कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित कर रहे हैं। वे बेहिचक अपनी बात कहेंगे। इसके लिए वे बर्खास्त होने को भी तैयार हैं। पार्टी मंच से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी को उनके प्रहारों का जवाब दिया।
नमो के करारे राजनीतिक हमले और पटना में हुए सिलसिलेवार धमाकों से पैदा हालात की तपिश झेल रहे नीतीश कुमार को मंगलवार को भी राहत नहीं मिल सकी। इस बार पार्टी नेता शिवानंद तिवारी ने सामने खड़े होकर मोदी की तारीफ की और उन्हें खरी-खरी सुनाई। तिवारी ने कहा, एक चाय बेचने वाला आज जिस मुकाम पर है, उसे देखकर उसकी प्रशंसा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर उन्मुख होकर उन्होंने कहा- आप चाटुकारों से घिर गए हैं। मुझे अच्छी तरह से मालूम है जदयू और बिहार सरकार कैसे चल रही है। अब हम शांत नहीं बैठेंगे। चाहे इसके लिए मुझे कोई कुछ कहे। हमारी हमेशा उपेक्षा होती रही है- मुझे कुछ भी कहने नहीं दिया जाता। उपेक्षा सहने की एक सीमा होती है। सत्तर साल की उम्र में वह किसी के आगे माथा नहीं टेक सकते।
मंच से मोदी की तारीफ और नीतीश पर हमला करने के चलते शिविर में उनके खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई लेकिन शिवानंद रुके नहीं-बोलते रहे। वह जिस समय बोल रहे थे-उसी समय वरिष्ठ पार्टी नेता रामसुंदर दास अचानक बीमार हो गए। नीतीश कुमार उन्हें लेकर अस्पताल चले गए। कुछ देर बाद जब नीतीश वापस लौटे तब शिवानंद का भाषण अंतिम दौर में था, इसलिए महज कुछ ही मिनट नीतीश को जली-कटी सुननी पड़ी।
Source- News in Hindi

Modi Vs Nitish Kumar, War of words begain


 Narendra Modi

Hindi News: पटना। भाजपा और जदयू के दिग्गज नेताओं ने बिहार की भूमि पर वाक युद्ध छेड़ा। एक के बाद एक वाक्यों के बाण चलाए जा रहे थे। भाजपा की ओर से नरेंद्र मोदी और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार से एक-दूसरे के खिलाफ आलोचनाओं की झड़ी लगा दी। आइये हम भी देखें इन दोनों ने बिहार के इतिहास और स्थानीय लोगों पर कैसे खेली राजनीति।
नरेंद्र मोदी
- बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है। . गुप्तकाल में चंद्रगुप्त की राजनीति से भारत का साम्राज्य निर्मित हुआ।
- ज्ञान युग का सूत्रपात करने वाले नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय .।
- बिहार में हुंकार रैली। हुंकार किसका ., हुंकार किसका? यह हुंकार करोड़ों-करोड़ गरीबों का है।
- सीता माता की धरती है यह। सीता माता का अपहरण हुआ था। वानर उन्हें खोजने निकले। उपाय नहीं सूझ रहा था। हनुमान की नजर जामवंत पर पड़ी। बोले-'पवन तनय बल पवन समाना,. का चुप साध रहा बलवाना।'
- . सिकंदर भी गंगा तट (पाटलिपुत्र) पर हारा।
- जो जेपी को छोड़ सकता है, वह बीजेपी को छोड़ सकता है।
- लोग खुद को लोहिया का शिष्य कहते हैं। लोहिया ने गैर कांग्रेसवाद का नारा दिया था। लेकिन लोहिया के चेले ने लोहिया की पीठ में खंजर भोंक कांग्रेस की गोद में जा बैठे हैं। लोहिया-जेपी की आत्मा इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
- एक कथा सुनोगे। (उन्होंने भोज के दो मौकों के हवाले नीतीश को हिप्पोक्रेट यानी ढोंगी करार दिया।)
- बिहार के सीएम, मेरे मित्र गुजरात आए थे। एक शादी में। हम भी थे। मित्र मेहमान थे। हमने उन्हें भांति -भांति के पकवान खिलाये। अतिथि देवो भव: का भारतीय संस्कार निभाया। मगर मेरे मित्र ने तो हमें भोज का निमंत्रण देकर उसे रद्द कर दिया।
- पीएम की मीटिंग थी। लंच भी था। एक टेबल पर चार-पांच सीएम बैठ कर खाते हैं। मैंने देखा मेरे मित्र (नीतीश) खाना नहीं खा रहे हैं। इधर-उधर देख रहे हैं। मैंने मित्र से कहा-कोई कैमरा वाला नहीं है, खा लो। हिप्पोक्रेसी (ढोंग) की भी हद होती है।
Source- News in Hindi 

BJP leader Narendra Modi target in patna Hunkar rally by Indian Muzzadin


 BJP leader

Hindi News: पटना, जागरण ब्यूरो। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आतंकियों के निशाने पर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी थे। उन्होने मंच के समीप बम लगाया था जो संयोग से फटा नहीं। मोदी ने सरकार पर जानबूझ कर लापरवाही बरतने का भी आरोप लगाया। वहीं पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने विस्फोट में मारे गये लोगों को शहीद करार देते हुए कहा कि इनके सम्मान में पार्टी का झंडा दो दिनों तक झुका रहेगा। उन्होंने पार्टी की तरफ से मारे गये लोगों को पांच पांच लाख रुपए देने की घोषणा भी की।
मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे नरेंद्र मोदी से राजनीतिक विरोधी के बजाए दुश्मन की तरह व्यवहार कर रहे हैं। कल रैली के दौरान हुए धमाके पूरी तरह प्रशासनिक तंत्र की चूक का नतीजा हैं। यह चूक अथवा लापरवाही अनायास नहीं जानबूझ कर की गयी है। मोदी ने कहा कि एक बम मंच के समीप लगाया गया था। जिसे बाद में निष्क्रिय किया गया। किसी वजह से यह फटा नहीं। यदि फटता और भगदड़ मचती तो इसका लाभ उठाकर आतंकी बड़ी घटना को अंजाम दे सकते थे।
नीतीश कुमार ने कहा कि उन्हें वारदात के बारे में कोई इनपुट नही मिला था, जबकि भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने 23 अक्टूबर को इंडियन मुजाहिदीन की कार्रवाई को लेकर बिहार सरकार को पत्र के माध्यम से अलर्ट किया था। इसके पूर्व एक अक्टूबर को पूरे देश में चेतावनी जारी की गयी थी। इसके बावजूद रैली स्थल की सुरक्षा को जूनियर अधिकारियों पर छोड़ दिया गया। मैदान की एंटी सबोटेज जांच भी नहीं की गयी। प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर तक नहीं लगाया गया।
वही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने विस्फोट में मारे गये लोगों के परिजनों को पार्टी की तरफ से पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होने कहा कि पार्टी को घटना में मारे गये लोगों के परिजनों की चिंता है। उन्होंने मृतकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की। उन्होने बताया कि मृतकों के अंतिम संस्कार में पार्टी की तरफ से स्थानीय विधायक और सांसद मौजूद रहेंगे। उन्होने कहा कि भाजपा परिवर्तन की लड़ाई लड़ रही है। मारे गये पार्टी कार्यकर्ता इस संघर्ष के शहीद हैं। पार्टी इन शहीदों की याद में उनके गांवों में मूर्ति लगवाएगी।
सरदार पटेल की जयंती 31 अक्टूबर से शहीदों की याद में यात्रा निकालेगी। पांच नवंबर को पटना में सभी शहीदों की अस्थियों का सामूहिक तौर पर विसर्जन किया जाएगा। सभी शहीदों की अस्थियों का गंगा में सामूहिक विसर्जन किया जाएगा। शहीदों के सम्मान में दो दिनों तक पार्टी का ध्वज झुका रहेगा। रैली में हुई सुरक्षा चूक को लेकर पार्टी 30 अक्टूबर को राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौपेगी ।
Source- News in Hindi 

Patna serial blasts: IB says, information pass on proper time to Bihar Police


 Bihar

Hindi News: जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। बिहार की राजधानी पटना में नरेंद्र मोदी की हुंकार रैली के दौरान हुए सिलसिलेबार बम धमाकों पर खुफिया ब्यूरो (आइबी) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दावों की पोल खोल दी है। नीतीश कुमार के पूर्व सूचना न मिलने के दावे को सिरे से खारिज करते हुए खुफिया ब्यूरो ने मोदी की हुंकार रैली पर हमले के अलर्ट वाला पत्र भी जारी कर दिया है। यह अलर्ट 23 अक्टूबर को जारी किया गया था। भाजपा नेता अरुण जेटली ने भी नीतीश कुमार पर हमले के लिए इस अलर्ट का सहारा लिया।
इसके बाद राजगीर में जदयू के राज्यस्तरीय चिंतन शिविर में नीतीश कुमार ने अधिकारियों को अरुण जेटली के आरोपों को गंभीरता से लेने को कहा है। नीतीश ने कहा, 'जेटली एक जिम्मेदार शख्स हैं। मैंने अधिकारियों को उनके आरोपों की जांच करने को कहा है।' मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उन्होंने रविवार को धमाकों के बाद राज्य के अधिकारियों से मिली सूचना के आधार पर बयान दिया था।
गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, पटना के श्रृंखलाबद्ध विस्फोट में इंडियन मुजाहिदीन के भटकल ग्रुप का हाथ होने के पुष्ट संकेत मिले हैं। खुफिया ब्यूरो की ओर से 23 अक्टूबर को मोदी की रैली के लिए खासतौर पर अलर्ट जारी किया था, जिसमें इसी आतंकी संगठन का हाथ होने की आशंका जताई गई थी। सूत्रों का कहना है कि बिहार और झारखंड में इंडियन मुजाहिदीन की सक्रियता के बारे में राज्य पुलिस प्रशासन को लगातार सचेत किया जाता रहा है। ऐसे में पटना में मोदी की रैली से पहले हुए धमाकों ने आतंकवाद से लड़ने की बिहार शासन-प्रशासन की क्षमता और सोच पर भी तमाम सवाल उठा दिए हैं।
इस बीच, पूरे मामले की जांच कर रही एनआइए ने बिहार पुलिस के कामकाज पर नाराजगी जताई है। खासतौर पर बरामद जिंदा बमों को निष्क्रिय करने के तरीके पर उसने एतराज जताया है। क्योंकि इससे कई तरह के अहम सुबूत नष्ट हो गए। 7 जुलाई को बोधगया में भी इसी तरह के विस्फोट किए गए थे, जिसमें अब तक कोई अहम सुराग नहीं मिल पाया है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक बिहार और झारखंड में लंबे समय से सक्रिय इंडियन मुजाहिदीन जांच एजेंसियों के रडार पर है। लेकिन राज्य पुलिस प्रशासन के नकारापन के चलते चार महीने के भीतर लगातार दूसरी बड़ी वारदात मोदी की रैली के दौरान करने में आतंकी कामयाब रहे। इससे बिहार में इस आतंकी संगठन की जड़ों के मजबूत होने के संकेत हैं। लेकिन बिहार पुलिस के निराशाजनक रवैये से आतंकियों का मनोबल बढ़ा है।
Source- News in Hindi