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Sonia is not only the mother of Rahul, says Khurshid



Delhi election 2013: नई दिल्ली। कांग्रेस में अब चापलूसी की सियासत चरम पर आ गई है। विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि हम जिसको अपना अध्यक्ष मानते हैं, पूरी तरह से उसके निर्णयों को स्वीकार करते हैं। हमारी पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी जो निर्णय लेती हैं, वह सर्वमान्य होता है। सलमान खुर्शीद यहीं नहीं रुके, उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी सिर्फ राहुल गांधी की मां नहीं हैं, वे हमारी भी मां हैं और पूरे देश की मां हैं।
दरअसल यह बातचीत आम आदमी पार्टी को बिना शर्त समर्थन देने की पेशकश करने के बाद की है। अभी संपन्न हुए विधान सभा चुनावों में कांग्रेस को मिली करारी शिकस्त के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि कांग्रेस की गलत आर्थिक नीतियां जिम्मेदार हैं, जिसकी वजह से देश में महंगाई बढ़ रही है और लोग कांग्रेस से मुंह मोड़ने लगे हैं।
Source- News in Hindi

Modis influence, but not wave


 Narendra Modi

Hindi News: नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुला ने सोमवार को कहा कि भाजपा बस मोदी की लहर का हवा बना रही है, उन्होंने कहा कि मोदी का असर है, लेकिन लहर नहीं।
उमर ने कहा कि भाजपा द्वारा पार्टी का प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी बनाने पर पार्टी कैडर पर जरूर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि रैली में भीड़ जुटाना और उस भीड़ को वोट में बदल पाना दोनों अलग अलग चीजें हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि इस बार ही यूपीए की ही सरकार बनेगी।
उधर, बिहार भाजपा नेता गिरिराज सिंह ने नेशनल कांफ्रेंस को कांग्रेस की 'बी' टीम की उपाधि दी है। भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस को जब सरकार बनाने के लिए बहुमत की जरूरत होती है तो ये लोग यूपीए का पार्ट बन जाते हैं।
Source- News in Hindi 

Rahul today answer to notice of Election Commission


 Rahul Gandhi

Hindi News: नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजस्थान के चुरू और मध्य प्रदेश के इंदौर में जनसभा में दिए गए भाषणों में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोपों को लेकर जवाब देने के लिए चुनाव आयोग से मिले नोटिस पर सफाई देने के लिए सोमवार को एक हफ्ते का समय मांगा है।
गौरतलब है कि भाजपा ने चुनाव आयोग से राहुल गांधी पर इन भाषणों से सांप्रदायिकता भड़काने की कोशिशों का आरोप लगाते हुए कई शिकायतें की थीं। अपनी चुनावी रैलियों में राहुल गांधी ने मुजफ्फरनगर दंगों को मुद्दा बनाया था। उन्होंने इंदौर की अपनी एक चुनावी रैली में कहा था, कि भाजपा समझती है कि जब तक उत्तर प्रदेश में हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं होगा, वह अच्छा नहीं कर सकेगी। इसलिए वह आग लगाती है और उसे बुझाना कांग्रेस को पड़ता है।
भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने ऐसा कहकर चुनाव आचार संहिता का उल्लघंन किया है। भाजपा ने अपने चुनाव आयोग को भेजे गए छह पन्नों की शिकायत में यह भी लिखा है कि राहुल गांधी ने इंदौर में कहा था कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ मुजफ्फरनगर दंगों के पीड़ित मुस्लिम युवकों के संपर्क में हैं।
Source- News in Hindi 
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Gangrape of riot victim in Muzaffarnagar, Stress


Muzaffarnagar riots

Hindi News: लखनऊ। दंगा पीड़ित महिला के साथ एक शर्मसार करने वाली घटना के बाद मुजफ्फरनगर में एक बार फिर तनाव शुरू हो गया है। तनाव इस बार एक महिला के साथ हुए गैंगरेप के बाद शुरू हुआ। फुगाना इलाके के राहत कैंप में रह रही एक महिला के साथ दो युवकों ने बारी-बारी से रेप किया। आरोप है कि जब वो कैंप से बाहर गई तो सचिन और सुनील नाम के दो युवकों ने उसके साथ गैंगरेप किया।
पीड़ित महिला को जान से मारने की धमकी भी दी गयी है। पुलिस के मुताबिक मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल गरमा गया है।
गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर दंगों के बाद कुछ परिवार राहत कैंपों में शरण लिए हुए हैं।
Source- News in Hindi 
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India remembers Indira Gandhi on 29th death anniversary


 Indira Gandhi

Hindi Newsनई दिल्ली। देश ने गुरुवार को दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उनकी 29वीं पुण्यतिथि पर याद किया। इस मौके पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उनकी समाधि पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राजनीति विरासत में मिली थी और ऐसे में सियासी उतार-चढ़ाव को वह बखूबी समझती थीं। इंदिरा का जन्म 19 नवंबर, 1917 को हुआ। पिता जवाहर लाल नेहरू आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने वालों में शामिल थे। वही दौर रहा, जब 1919 में उनका परिवार बापू के सानिध्य में आया और इंदिरा ने पिता नेहरू से राजनीति का ककहरा सीखा। मात्र ग्यारह साल की उम्र में उन्होंने ब्रिटिश शासन का विरोध करने के लिए बच्चों की वानर सेना बनाई। 1938 में वह औपचारिक तौर पर इंडियन नेशनल काग्रेस में शामिल हुईं और 1947 से 1964 तक अपने प्रधानमंत्री पिता नेहरू के साथ उन्होंने काम करना शुरू कर दिया।
ऐसा भी कहा जाता था कि वह उस वक्त प्रधानमंत्री नेहरू की निजी सचिव की तरह काम करती थीं, हालांकि इसका कोई आधिकारिक ब्यौरा नहीं मिलता।
पिता के निधन के बाद काग्रेस पार्टी में इंदिरा गाधी का ग्राफ अचानक काफी ऊपर पहुंचा और लोग उनमें पार्टी एवं देश का नेता देखने लगे। वह सबसे पहले लाल बहादुर शास्त्री के मंत्रिमंडल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री बनीं। शास्त्री जी के निधन के बाद 1966 में वह देश के सबसे शक्तिशाली पद [प्रधानमंत्री] पर आसीन हुईं।
एक समय गूंगी गुडिया कही जाने वाली इंदिरा गाधी तत्कालीन राजघरानों के प्रिवी पर्स समाप्त कराने को लेकर उठे तमाम विवाद के बावजूद तत्संबंधी प्रस्ताव को पारित कराने में सफलता हासिल करने, बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने जैसा साहसिक फैसला लेने और पृथक बाग्लादेश के गठन और उसके साथ मैत्री और सहयोग संधि करने में सफल होने के बाद बहुत तेजी से भारतीय राजनीति के आकाश पर छा गईं।
वर्ष 1975 में आपातकाल लागू करने का फैसला करने से पहले भारतीय राजनीति एक धु्रवीय सी हो गई थी जिसमें चारों तरफ इंदिरा ही इंदिरा नजर आती थीं। इंदिरा की ऐतिहासिक कामयाबियो के चलते उस समय देश में इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा का नारा जोर शोर से गूंजने लगा।
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narendra modi

Hindi News: जयपुर, जासं। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की तारीफों के चलते एक कवि सम्मेलन में वाहवाही की जगह श्रोता तू-तू मैं-मैं पर उतर आए। नौबत धक्का - मुक्की तक पहुंच गई और मोदी पर कसीदे गढ़ने वाला कवि मुसीबत में पड़ गया। विरोध के बीच आनन-फानन में आयोजकों ने कवि को वहां से हटाया। मामला उदयपुर में रविवार को नगर निगम द्वारा आयोजित कवि सम्मेलन का है।
काव्यपाठ के दौरान हंगामा तब खड़ा हुआ, जब कवि अक्दुल गफ्फान ने मोदी की तारीफ में कविता पाठ शुरू किया। कांग्रेस पार्षदों ने इसका विरोध किया और नारेबाजी के बाद कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच घक्का - मुक्की शुरू हो गई।
उल्लेखनीय है कि चुनाव की घोषणा के बाद किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में उम्मीदवार के पक्ष में बयान आचार संहिता का उल्लंधन माना जाता है। इस मामले में निगम ने सफाई दी है कि कवि सम्मेलन पूरी तरह से निजी आयोजकों की पेशकश थी। बताते हैं कि अक्दुल गफ्फान ने सबसे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर निशाना साधते हुए काव्य पाठ किया। इस पर वहां मौजूद भाजपा पार्षदों ने जमकर तारीफ की। इस बीच श्रोताओं ने मोदी पर कुछ बोलने की फरमाइश की। जब गफ्फार मोदी की प्रशंसा में कविता पढ़ने लगे तो कांग्रेस पार्षदों ने पुरजोर विरोध किया।
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Rahul Gandhi attack on Akhilesh in Aligarh Rally


Rahul Gandhi

राहुल ने अखिलेश को कोसा, अपनी पीठ जमकर थपथपाई -

नई दिल्ली। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने अलीगढ़ की रैली में उत्तर प्रदेश की समाजवादी पार्टी पर एक तरफ जमकर निशाना साधा तो दूसरी तरफ अपनी पीठ भी खूब थपथपाई। राहुल ने कहा, 'अखिलेश यादव ने वादे किए, लेकिन पूरे नहीं किए।' दूसरी तरफ उन्होंने भूमि अधिग्रहण और भोजन गारंटी बिल के लिए अपनी पार्टी की पीठ थपथपाई।
हैरत की बात ये कि 14 मिनट के चुनावी भाषण में न मोदी का नाम उनकी जुबां पर आया, न भाजपा का। वे किसानों, अल्पसंख्यकों और युवाओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश करते रहे कि सिर्फ कांग्रेस ही उनका भला कर सकती है। राहुल ने कहा, भूमि अधिग्रहण बिल में विपक्ष ने अड़ंगा डालने की कोशिश की, लेकिन उनकी सरकार ने आखिरकार इस बिल को पास कराकर ही दम लिया। कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि अलीगढ़ के किसानों को भूमि अधिग्रहण बिल से जितना फायदा होगा, उतना देश में कहीं नहीं होगा। यह बात अलग है कि उन्होंने इसकी वजह नहीं बताई।
राहुल के भाषण के बीच माइक भी गड़बड़ हुआ तो उन्होंने माइक ठीक करने की गुजारिश की। वे बकवास अध्यादेश वाले किस्से का जिक्र करने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा, 'गुजरात में एक पत्रकार ने मुझसे पूछा कि आपने अध्यादेश वाली बात सही समय पर नहीं कहा। मैंने पूछा कि मैंने सच कहा था या नहीं? पत्रकार ने कहा-हां।' राहुल ने कहा कि सच बोलने का भी कोई समय होता है?
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