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India faces challenges before test series



Hindi Newsसेंचुरियन। लगातार दो वनडे में शर्मनाक हार के साथ वनडे सीरीज गंवाने वाली भारतीय टीम बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे वनडे मैच में जीतकर टेस्ट सीरीज से पहले आत्मविश्वास हासिल करना चाहेगी। भारत की गेंदबाजी पर सवालों के साथ शुरू हुई सीरीज में दो मैचों के बाद भारतीय बल्लेबाजी क्रम पर भी अंगुली उठने लगी है। शुरुआती दो मैचों में दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर भारतीय बल्लेबाजी की कलई खोल दी। दोनों मैचों में डेल स्टेन का शुरुआती स्पैल भारत के लिए कहर साबित हुआ और उनके पांच ओवर पूरे होते-होते मैच का नतीजा दीवार पर लिखी इबारत की तरह साफ हो गया।
इस सीरीज से पहले भारत का शीर्षक्रम जबरदस्त फॉर्म में था। चाहे वह रोहित शर्मा हों, शिखर धवन या विराट कोहली। तीसरे मैच में भारतीय टीम पर काफी दवाब होगा क्योंकि एक तरफ उनका सामना दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाज से है और दूसरी ओर भारत का मध्यक्रम भी अब तक नाकाम रहा है। कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भी पिछली हार के बाद यह बात स्वीकार कर चुके हैं। सुरेश रैना और युवराज सिंह की खराब फॉर्म भी चिंता का सबब बनी हुई है। इस सीरीज से ठीक पहले भी दोनों का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं था। ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के खिलाफ दोनों का औसत 20 से कम रहा।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में टीम प्रबंधन ने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी क्रम में प्रयोग किया और क्रम बदलने से युवी की फॉर्म पर असर पड़ा, लेकिन खराब प्रदर्शन के लिए इसे बहाना नहीं माना जा सकता। वेस्टइंडीज के खिलाफ फिर चौथे नंबर पर उतरे युवराज ने कानपुर मैच में 55 रन की पारी खेली थी, लेकिन वांडर्स पर पहले वनडे में वह सिर्फ दो गेंद ही खेल सके। युवराज और रैना के पक्ष में यह दलील दी जा सकती है कि अनियमित स्पिन गेंदबाजों के तौर पर वह उपयोगी साबित होते हैं।
कप्तान धौनी ने तीसरे वनडे के लिए टीम में अधिक बदलाव की संभावना से इन्कार किया। इसके मायने हैं कि युवराज की जगह फिर अजिंक्य रहाणो को उतारा जा सकता है या फिर अंबाती रायुडू को मौका दिया जाएगा। हालांकि दोनों में से कोई भी कामचलाऊ गेंदबाज नहीं हैं। गेंदबाजों की बात करें तो मुहम्मद शमी के लिए यह दौरा सबक रहा है। उन्होंने दोनों मैचों में छह विकेट चटकाए। उन्हें तीसरे मैच में बाहर रखे जाने की कोई संभावना नहीं दिखती। जहां तक दक्षिण अफ्रीका का सवाल है तो उन्होंने भारत की कमजोरी पकड़ ली है और वह इसी रणनीति पर कायम रहेंगे। तीसरे मैच में जैक्स कैलिस और स्टेन को आराम दिया जा सकता है।

Rohit has got necessary patience for test cricket


Rohit Sharma

Hindi News: भारतीय टीम कोलकाता टेस्ट पर शिकंजा कसने को तैयार है। इसका आधार तैयार किया रोहित शर्मा और उनका अच्छा साथ देने वाले अन्य कुछ खिलाड़ियों ने। वेस्टइंडीज ने संभवत: इस टेस्ट में अपना सबसे बेहतरीन मौका खो दिया है। दूसरे दिन के पहले घंटे के खेल में डेरेन सैमी और उनकी टीम ने पूरी तरह भारतीयों पर शिकंजा कस दिया था।
शेन शिलिंगफोर्ड की ऑफ स्पिन और दूसरा मेजबान टीम की परीक्षा ले रही थी। हालांकि अंपायर नाइजल लांग की वजह से पहली पारी में सचिन तेंदुलकर की निराशाजनक विदाई हुई। और जब खेल गेंद दर गेंद बदल रहा था तो भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अपने आक्रमण और रक्षण के मेल व विकेटों के बीच दौड़ से मेहमान टीम को परेशान करना शुरू कर दिया। वहीं रोहित शर्मा इस दौरान अपना विकेट बचाए रखने पर जोर देते रहे और किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं दिखे। वह छह साल के इंतजार के बाद मिले मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे। अगर धौनी ने टीम को स्थायित्व दिया तो अश्विन ने पारी को संवारने का काम किया। उन्होंने कोई गलत शॉट नहीं खेला और न ही रोहित को ऐसा करने की कोई वजह दी। दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज की टीम बेहद मुश्किल हालात में नजर आ रही है।
रोहित तो असाधारण रहे। इस बेमिसाल पारी की सबसे खास बात रोहित का आत्मविश्वास रही। उन्होंने खुद को पूरी तरह हालात के हिसाब से ढाल लिया। उन्होंने सिर्फ विकेट पर टिकने के बारे में सोचा और यह सुनिश्चित किया कि दिन का खेल खत्म होने पर भारत मजबूत स्थिति में हो। वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे रोहित ने दिखाया कि उनमें टेस्ट क्रिकेट के लिए आवश्यक एकाग्रता, धैर्य और शक्तिभी है।
गेंदबाजी आक्रमण के मामले में मेहमान टीम की सीमितताएं उजागर हुईं। हालांकि क्रिस गेल और सैमुअल्स से भी कुछ ओवर कराए जा सकते थे। कुल मिलाकर खेल समाप्ति तक आते-आते वेस्टइंडीज का गेंदबाजी आक्रमण एक्सपोज हो चुका था। टीम इंडिया निश्चित रूप से तीसरे दिन अधिक से अधिक समय तक बल्लेबाजी करना चाहेगी। बल्लेबाजों ने अभी तक कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है। यह एक अच्छी टीम की निशानी है जो मुश्किल हालात से वापसी करने में सक्षम है। वेस्टइंडीज के सामने अब पहाड़ जैसी चुनौती है।

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India vs Australia Series - I feel good chasing targets: Kohli


 India vs Australia Series

Hindi News: बेंगलूर। विराट कोहली ने शुक्रवार को इशारा किया कि अगर भारत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार को होने वाले सीरीज के अंतिम और निर्णायक वनडे में टॉस जीतता है तो उनकी टीम लक्ष्य देने की जगह उसका पीछा करने को तरजीह देगी।
कोहली ने मैच की पूर्वसंध्या पर कहा, 'निजी तौर पर मुझे लक्ष्य का पीछा करते हुए अच्छा लगता है क्योंकि आपको पता होता है कि आपको क्या हासिल करना है। हम बेहतर योजना बना सकते हैं और आकलन कर सकते हैं कि विभिन्न हालात में कैसे खेलें। आकलन करके खेलने में मुझे अच्छा लगता है, किस गेंदबाज को निशाना बनाना है और किस गेंद को हिट करना है। पहले बल्लेबाजी करते हुए हमें बल्लेबाजी हालात का आकलन करना होता है और बड़ा स्कोर बनाने के लिए बड़ी साझेदारी महत्वपूर्ण होती है। पहले बल्लेबाजी करो या बाद में टीम के लिए साझेदारी काफी अहम होती है।'
कोहली ने कहा कि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज रोमांचक रही है विशेषकर जिस तरह से भारत ने मुश्किल हालात में वापसी की। कोहली ने कहा, 'निजी तौर पर मेरी फॉर्म मेरे लिएच्अच्छी रही है। उम्मीद करता हूं कि अंतिम मैच में मैं एक बार फिरच्अच्छा प्रदर्शन कर पाऊंगा। अब तक सीरीज में कड़ा मुकाबला देखने को मिला है और इसे जीतने के लिए हमें अपनी योजनाओं को अमलीजामा पहनाना होगा।'
Source- News in Hindi 

Kohli, Dhawan centuries help India to another stunning chase


 MS Dhoni
News in Hindiनागपुर। चमत्कार रोज-रोज नहीं हुआ करते। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने बुधवार को जब कप्तान जॉर्ज बेली (156) और शेन वॉटसन (102) के शतकों की मदद से भारत के समक्ष 350 का विशाल लक्ष्य रखने के बाद शायद यह ख्याल उसके मन में जरूर आया होगा। लेकिन सीरीज के दूसरे वनडे में 359 रन के लक्ष्य को भेदने वाली टीम इंडिया ने एक बार फिर तीन गेंद और छह विकेट शेष रहते चमात्कारिक जीत हासिल कर मेहमान टीम को अपना सिर पीटने पर मजबूर कर दिया।

विराट कोहली (115) एक बार फिर लक्ष्य हासिल करने में हीरो साबित हुए। उन्होंने 61 गेंद पर भारत की तरफ से तीसरा सबसे तेज और करियर का 17वां शतक ठोका। भारतीय क्रिकेट में नई सनसनी बन कर उभरे शिखर धवन ने भी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना शानदार रिकॉर्ड जारी रखा और करियर का चौथा शतक जड़ते हुए भारत की वनडे में दूसरी सबसे बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।
सात मैचों की सीरीज में यह दूसरी बार है जब भारत ने 350 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल किया है। इससे पहले दूसरे वनडे मैच में भारत ने 359 रन का लक्ष्य हासिल करते हुए वनडे क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी जीत हासिल की थी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज में 2-2 की बराबरी कर ली और अब दो नवंबर को बेंगलूर में खेले जाने वाले सीरीज के अंतिम मैच से सीरीज विजेता का फैसला होगा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया को रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने 29.3 ओवर में 178 रन की साझेदारी करके टीम को मजबूत आधार दिया। रोहित 79 रन पर आउट हो जाने के बाद कोहली ने तेजी से रन बनाने का जिम्मा संभाला। शिखर के साथ मिलकर उन्होंने टीम को तेजी से लक्ष्य की तरफ धकेला। इस बीच शतक लगाने के बाद धवन फॉकनर की गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 11 चौके लगाए। दूसरे छोर पर खड़े कोहली लगातार रन बटोरते रहे।
जॉनसन ने 43वें ओवर में रैना और युवराज को पवेलियन भेजकर मैच का रुख बदलने की कोशिश की। पूरी पारी के दौरान यही एक इकलौता ऐसा वक्त था, जब लगा भारत मैच हार भी सकता है। भारत को एक समय जीत के लिए 27 गेंदों में 48 रन की दरकार थी, लेकिन आक्रामक कोहली ने अपना फोकस बनाए रखा और नाबाद रहते हुए विपक्षी टीम के मंसूबों पर पानी फेर दिया। उन्होंने 66 गेंद की अपनी पारी में 18 चौके और एक छक्का लगाया।
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Ajinkya Rahane

होश उड़ाने वाला सच: आखिर क्या देखकर होता है टीम इंडिया में सेलेक्शन? -

(शिवम् अवस्थी), नई दिल्ली। अभी कुछ ही दिनों पहले किसी क्रिकेट ट्रेनिंग स्कूल के कुछ युवा क्रिकेटर चाय की दुकान पर बातचीत करते दिखे, उनके बीच एक लड़का ऐसा था जो अपने बाकी साथियों को क्रिकेट से संबंधित तमाम ज्ञान परोस रहा था, उसकी व उसके दोस्त की बातों ने यह तो साफ कर दिया था वो उनमें सबसे प्रतिभाशाली था और शायद टीम का कप्तान भी। जब बीच-बीच में उसके दोस्त मस्ती करते हुए किसी बात पर चुटकी लेते तो वह तपाक से कहता था, 'बेटा, इंडियन टीम में जिस दिन खेलूंगा, तब हंसकर दिखाना।' फिर रविवार रात जब चैंपियंस लीग का फाइनल खत्म हुआ तो टूर्नामेंट के आंकड़ों ने मेरी नजर कुछ ऐसी चीजों पर डाली, जिसने होश भी उड़ाए और चाय की दुकान पर मिले उस लड़के की बातों और उस पर तरस भी आने लगा, क्योंकि उसका सपना सिर्फ और सिर्फ भारतीय टीम में आने का था, मुझे चैंपियंस लीग के उन आंकड़ों को देखकर उस युवा क्रिकेटर की प्रतिभा पर शक नहीं हुआ, लेकिन हां, अपनी सेलेक्श प्रक्रिया को देखते हुए उस पर तरस जरूर आया। आइए आपको भी रूबरू कराते हैं इस हकीकत से..

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