When Sachin asked team India to not follow wish of Ganguly to wave thier shirts


Sachin Tendulkar

Hindi News: नई दिल्ली। अमिताभ बच्चन का एक काफी मशहूर डायलॉग है, 'हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है।' शायद ऐसा ही कुछ रुतबा पिछले दो दशकों से टीम इंडिया में सचिन का रहा। वो हमेशा विवादों से दूर दिखे और बहुत कम ही किसी मुद्दे पर बोलते नजर आए, शांत स्वभाव वाले इसी सचिन के कुछ अनछुए किस्से जब निकल कर सामने आते हैं तो फैंस के लिए भी यह किसी दिलचस्प कहानी से कम नहीं होते। ऐसा ही एक किस्सा राजीव शुक्ला ने बयां किया, जो इस बात को पुख्ता करता है कि टीम में सचिन का रुतबा कैसे सिर चढ़कर बोलता है और बोलता था।
राजीव शुक्ला ने सचिन को समर्पित एक समारोह के दौरान एक ऐसा खुलासा किया जिसकी भनक शायद ही किसी को रही होगी। यह किस्सा है उस मशहूर लॉ‌र्ड्स वनडे मैच का (2002 नेटवेस्ट सीरीज फाइनल) जहां टीम इंडिया ने रोमांचक जंग के बीच इंग्लैंड को हराते हुए सीरीज जीती थी। इस जीत की भावनाएं नेटवेस्ट सीरीज से ठीक कुछ समय पहले भारत में हुई वनडे सीरीज से भी जुड़ीं थीं, जहां इंग्लैंड ने भारतीय टीम को रौंद दिया था। मुंबई में हुए उस सीरीज के आखिरी वनडे में जीत के बाद एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने अपनी शर्ट निकालकर हवा में लहराई थी, जिसकी टीस दादा (कप्तान सौरव गांगुली) के दिल में घर कर गई थी।
फिर क्या था, दादा ने मौका देखा और जैसे ही भारत ने लॉ‌र्ड्स में इंग्लैंड को रौंदकर खिताब अपने नाम किया, उन्होंने अपनी जर्सी निकालकर, वहीं लॉ‌र्ड्स के एतिहासिक स्टैंड्स पर जमकर उसे हवा में घुमाया। वह तस्वीरें काफी चर्चित हुईं और भारतीय फैंस को दादा ने अहसास दिलाया कि, 'बदला' पूरा हुआ। उस टूर पर मैनेजर के तौर पर टीम के साथ गए राजीव शुक्ला भी वहीं मौजूद थे और उन्होंने अब खुलासा किया है कि दादा ने टीम के सभी साथी खिलाड़ियों को ऐसे ही अपनी शर्ट निकालकर घुमाने के लिए कहा था लेकिन ऐसा ना हुआ..क्योंकिसचिन तेंदुलकर ने सभी खिलाड़ियों को ऐसा करने से मना कर दिया था। सचिन के मुताबिक यह 'जेंटलमैन गेम' यानी क्रिकेट का अपमान होता। शुक्ला के मुताबिक सचिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते, फिर चाहे वो आमने-सामने हो या फिर फोन पर क्योंकि उनका ज्यादा ध्यान अपने काम पर ही रहता है और शायद इसीलिए जूनियर खिलाड़ी आज भी उनकी इतनी इज्जत करते हैं और करते रहेंगे।
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