Hindi News: भारतीय टीम कोलकाता टेस्ट पर शिकंजा कसने को तैयार है। इसका आधार तैयार किया रोहित शर्मा और उनका अच्छा साथ देने वाले अन्य कुछ खिलाड़ियों ने। वेस्टइंडीज ने संभवत: इस टेस्ट में अपना सबसे बेहतरीन मौका खो दिया है। दूसरे दिन के पहले घंटे के खेल में डेरेन सैमी और उनकी टीम ने पूरी तरह भारतीयों पर शिकंजा कस दिया था।
शेन शिलिंगफोर्ड की ऑफ स्पिन और दूसरा मेजबान टीम की परीक्षा ले रही थी। हालांकि अंपायर नाइजल लांग की वजह से पहली पारी में सचिन तेंदुलकर की निराशाजनक विदाई हुई। और जब खेल गेंद दर गेंद बदल रहा था तो भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने अपने आक्रमण और रक्षण के मेल व विकेटों के बीच दौड़ से मेहमान टीम को परेशान करना शुरू कर दिया। वहीं रोहित शर्मा इस दौरान अपना विकेट बचाए रखने पर जोर देते रहे और किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं दिखे। वह छह साल के इंतजार के बाद मिले मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे। अगर धौनी ने टीम को स्थायित्व दिया तो अश्विन ने पारी को संवारने का काम किया। उन्होंने कोई गलत शॉट नहीं खेला और न ही रोहित को ऐसा करने की कोई वजह दी। दिन का खेल खत्म होने तक वेस्टइंडीज की टीम बेहद मुश्किल हालात में नजर आ रही है।
रोहित तो असाधारण रहे। इस बेमिसाल पारी की सबसे खास बात रोहित का आत्मविश्वास रही। उन्होंने खुद को पूरी तरह हालात के हिसाब से ढाल लिया। उन्होंने सिर्फ विकेट पर टिकने के बारे में सोचा और यह सुनिश्चित किया कि दिन का खेल खत्म होने पर भारत मजबूत स्थिति में हो। वनडे में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे रोहित ने दिखाया कि उनमें टेस्ट क्रिकेट के लिए आवश्यक एकाग्रता, धैर्य और शक्तिभी है।
गेंदबाजी आक्रमण के मामले में मेहमान टीम की सीमितताएं उजागर हुईं। हालांकि क्रिस गेल और सैमुअल्स से भी कुछ ओवर कराए जा सकते थे। कुल मिलाकर खेल समाप्ति तक आते-आते वेस्टइंडीज का गेंदबाजी आक्रमण एक्सपोज हो चुका था। टीम इंडिया निश्चित रूप से तीसरे दिन अधिक से अधिक समय तक बल्लेबाजी करना चाहेगी। बल्लेबाजों ने अभी तक कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई है। यह एक अच्छी टीम की निशानी है जो मुश्किल हालात से वापसी करने में सक्षम है। वेस्टइंडीज के सामने अब पहाड़ जैसी चुनौती है।
Source- Cricket News in Hindi
No comments:
Post a Comment