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Student leader molestaed in party



Hindi Newsलखनऊ। केंद्र तथा प्रदेश सरकार के साथ ही न्यायालय महिलाओं के प्रति अपराध पर कानून को कितना भी कड़ा कर ले लेकिन शोहदों पर लगाम नहीं लग पा रही है। डिग्री कालेज में छात्रों के हित में संघर्ष करने वाली एक छात्रनेता के साथ कल बरेली में एक शोहदे ने दुस्साहस की हद लांघते हुए शादी समारोह में छेडख़ानी की। युवती के साथ उसके परिवारवालों ने विरोध किया तो जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता ने बारादरी थाने में नामजद एफआइआर दर्ज कराई है।
युवती बरेली कॉलेज में बी.कॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा है। वह वहां के छात्र संगठन की पदाधिकारी भी है। उसके पिता एक सरकारी विभाग में कार्यरत हैं। वह अपने परिवारवालों के साथ शहर के एक बैंकेट हॉल में आयोजित शादी समारोह में शिरकत करने गई थी। उसने बताया कि शादी समारोह में बंटी नामक लड़का उसके साथ छेडख़ानी करने लगा। पहले उसने टाल दिया लेकिन जब वह हद से गुजर गया तो छात्र नेता ने परिवारवालों को जानकारी दी। जब छात्रा के परिवारवाले बंटी के पास पहुंचे तो वह अभद्र व्यवहार करने लगा। साथ ही तीन-चार साथी को बुला लाया। विवाद बढऩे पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इसके बाद सभी लड़के जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए। घटना के बाद से पीड़ित छात्रा खौफ में है। घर से बाहर निकलने तक में उसे डर लग रहा है। उसने अपनी सुरक्षा की भी मांग की है।
Source- News in Hindi

Narayan sai's meerut connection


narayan sai

Hindi News: मेरठ। कुरुक्षेत्र के पीपली में गिरफ्तार पांच लाख के इनामी नारायण साई का कनेक्शन मेरठ से भी जुड़ गया है। जिस फोर्ड इको स्पो‌र्ट्स गाड़ी से नारायण साई और उसके साथियों को दबोचा गया है वह मेरठ में पंजीकृत है और उस गाड़ी की मालकिन उद्योगपति दीवान घराने की बहू नेहा दीवान पत्नी अजय दीवान है।
नेहा मेरठ के 70 'ए' साकेत में परिवार के साथ रहती हैं। इस गाड़ी (यूपी 15 बीएच 0033) का पंजीकरण इसी वर्ष 17 अक्टूबर को किया गया है। नेहा के पति अजय दीवान उद्योगपति हैं और दीवान रबर इंडस्ट्री समेत कई अन्य व्यवसायों से जुड़े हैं। नारायण साई की गिरफ्तारी के बाद दीवान परिवार घर से गायब हो गया। कोठी पर मीडिया व स्थानीय लोगों का जमावड़ा होने पर जमकर हंगामा हुआ। चर्चा तो यहां तक है कि फरारी के दौरान नारायण साई अपनी मित्र मंडली के साथ मेरठ में दीवान परिवार के साथ रहा था और उसकी उनके घर पर खूब आवभगत हुई थी। हालांकि यहां की पुलिस कुंभकर्णी नींद सोती रही और उसे भनक तक नहीं लगी।
दीवान परिवार की गाड़ी आसाराम के बेटे नारायण साई के पास कैसे पहुंची? इसके बारे में अभी परिवार का कोई व्यक्ति मुंह नहीं खोल रहा है। बताया जाता है कि दीवान परिवार आसाराम बापू व नारायण साई का भक्त है। मेरठ में जब कभी आसाराम का कार्यक्रम होता था तब यही परिवार उसके आयोजन का जिम्मा संभालता था। परिवार के ही किसी सदस्य के माध्यम से यह गाड़ी नारायण साई तक पहुंचाई गई है। चर्चा यह भी है कि दीवान परिवार ने यह गाड़ी नारायण साई को गिफ्ट में दी है। नारायण साईं की गिरफ्तारी होते ही अजय दीवान, उनकी पत्नी नेहा व परिवार के अन्य लोग साकेत कालोनी स्थिति कोठी से गायब हो गए हैं और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए हैं। अजय के भाई सचिन दीवान जरूर कोठी पर मिले लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इन्कार करते हुए मीडिया व स्थानीय लोगों पर ही रोब झाड़ने की कोशिश की।
वहीं, मेरठ में नारायण साई के आने की चर्चा पर यहां की पुलिस सक्रियता पर भी तमाम सवाल खड़े होने लगे हैं। उधर, अजय दीवान के अधिवक्ता विकास सैनी ने फोन पर सिर्फ इतनी ही जानकारी दी कि यह गाड़ी एक सप्ताह पूर्व हरियाणा निवासी रमेश नामक व्यक्ति मांगकर ले गया था। दीवान घराना शहर के बड़े उद्यमी घरानों में से एक है। इस घराने की चीनी मिलें, रबर फैक्ट्री और जाने-माने शिक्षण संस्थान हैं। पिछले दिनों में इस परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद भी रहा है। कई वाद न्यायालय में चल रहे हैं। अजय दीवान और नेहा दीवान से उनका पक्ष जानने के लिए अभी तक संपर्क नहीं हुआ है।
Source- News in Hindi 

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Delhi Police disclosed, how Narayan Sai arrest


Narayan Sai

Hindi News: नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के लिए रेप के आरोपी नारायण साई को पकड़ना कतई आसान नहीं रहा। दिल्ली पुलिस ने प्रेस कांफ्रेंस करके बताया कि वह अक्टूबर से नारायण सार्ई के पीछे लगी हुई थी और उसे लगभग दो महीने बाद जाकर सफलता मिली। नारायण साई को पकड़वाने में उसका ड्राइवर रमेश पुलिस के सबसे अहम कड़ी साबित हुआ। नारायण के साथ पकड़े गए चार लोगों में से उसका एक साथी नाबालिग बताया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के पुलिस कमिश्नर बीपी सिंह ने बताया कि सूरत पुलिस ने उनसे अक्टूबर में नारायण साई को पकड़ने के लिए मदद मांगी थी। सूरत पुलिस के साथ लंबी बातचीत के पास दिल्ली पुलिस ने कई जगह दबिश दी, लेकिन नारायण उसके हाथ नहीं आया। सिंह ने बताया कि उसके तीन साथी को ही गिरफ्तार किया गया है। हमें जो भी सूचनाएं मिली हैं, उसे वैरिफाई किया जाएगा।
बीपी सिंह ने बताया कि पुलिस की टीम ने अंबाला में गाड़ी को बहुत तेज स्पीड से जाते हुए देखा। हमें गाड़ी को कुरुक्षेत्र के पास पीपली में पकड़ा। नारायण साई और साथियों की पहचान होने के बाद बाकी टीमें वहां पहुंची और उन्हें यहां लेकर आई। पहले दिल्ली पुलिस को सूचना मिली कि नारायण साई पंजाब में छिपा है। फिर हरियाणा में छिपे होने की जानकारी मिली। लेकिन नारायण वहां से भाग गया।
साई के ड्राइवर रमेश के जरिए उसका पता चला, जो दूसरे ड्राइवर विष्णु के संपर्क में था। दिल्ली पुलिस ने नारायण साई का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद उसे दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में पेश कर दिया है। माना जा रहा है कि कोर्ट साई की ट्रांजिट रिमांड देकर उसे सूरत पुलिस के हवाले कर देगा। सूरत पुलिस की टीम उसे लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी है।
Source- News in Hindi 

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Narayan sai wants to grab property of asaram


Narayan sai

Hindi News: अहमदाबाद। सूरत की महिला से रेप मामले में आरोपी नारायण साई को लेकर नया खुलासा हुआ है और यह खुलासा किया है कि उस महिला ने जिसने साई के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया है। महिला ने आरोप लगाया है कि नारायण साई और आसाराम के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। दोनों बाप-बेटे के बीच लड़कियों को लेकर अक्सर झगड़ा होता था। एक बार तो नौबत यहां तक आ गई थी कि नारायण साई ने आसाराम पर पिस्तौल लक तक तान दी थी।
पीड़िता ने खुलासा किया है कि नारायण साई की आसाराम की संपत्ति पर नजर थी। वह इस हद तक गिर चुका था कि इसके लिए वह अपने पिता की सेक्स सीडी तैयार करना चाहता था, ताकि वह आसाराम का भयादोहन कर सारी संपत्ति पर कब्जा कर सके।
एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में पीड़िता ने बताया कि उसने नारायण साई को यह कहते सुना था कि वह अपने पिता की सीडी बनाना चाहता है। इसके लिए उसने आसाराम की कुटिया में एक लड़की को भेजने की योजना भी बनाई थी। रेप पीड़िता ने यह भी खुलासा किया है कि नारायण साई नहाते वक्त लड़कियों के साथ नाचता था।
इसके साथ ही उसने कहा कि नारायण साई अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था और किसी से उसे बात नहीं करने देता था। पीड़िता ने कहा कि उसकी एक अवैध बेटी भी है जो अहमदाबाद में रहती है।
Source- News in Hindi 
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Gang raped victim left the college


hisar gangrape

Hindi News: हिसार, जागरण संवाददाता। डाबड़ा सामूहिक दुष्कर्म कांड की पीड़िता ने कुछ छात्राओं के भद्दे कटाक्ष से आजिज आकर कॉलेज छोड़ दिया है। वह चार सप्ताह से कॉलेज नहीं जा रही है। आरोप है कि उसकी सहपाठी लड़कियां जातिसूचक शब्दों से ताना दे कर उसे मानसिक तौर पर परेशान कर रही हैं। पीड़िता ने कॉलेज प्रशासन से शिकायत करने के अलावा राष्ट्रीय एससी, एसटी आयोग को भी पत्र भेजा है।
आयोग के जोनल डायरेक्टर चंडीगढ़ को भेजी शिकायत में पीड़िता ने लिखा कि 9 सितंबर 2012 को उसके साथ गांव के ही दबंग युवकों ने डाबड़ा गांव के समीप नहर के पास सामूहिक दुष्कर्म किया था। इससे आहत होकर उसके पिता ने आत्महत्या कर ली थी। वह राजकीय महिला महाविद्यालय हिसार में बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। कक्षा में उसे कुछ छात्राएं दुष्कर्म पीड़िता व दलित होने के कारण फब्तियां कसती हैं। उसने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रवि शर्मा से शिकायत भी की, लेकिन कोई गौर नहीं किया गया। मजबूर होकर कॉलेज छोड़ना पड़ा। अब वह तीन सप्ताह से कॉलेज नहीं जा रही है।
अधिवक्ता रजत कल्सन ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर कार्रवाई के लिए प्रशासन सीधा जवाबदेह है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग चंडीगढ़ के जोनल डायरेक्टर का कहना है कि उन्हें पीड़िता की शिकायत मिली है तथा वे इस बारे में कार्रवाई करने के लिए जिला प्रशासन से बात करेंगे।
जबकि राजकीय महिला महाविद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि छात्रा ने शिकायत की थी किंतु किसी का नाम नहीं बताया।
Source- News in Hindi 
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Narayan Sai special assistant Ganga arrested in Udaipur


Narayan Sai

Hindi News: नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले के आरोपी नारायण साईं की खास सहयोगी गंगा उर्फ धर्मिष्ठा को राजस्थान के उदयपुर में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात पुलिस गंगा को लेने उदयपुर पहुंच गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गंगा की गिरफ्तारी के बाद कई और राज के खुलासे होंगे। गंगा पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है।
गौरतलब है कि सूरत कोर्ट ने नारायण साई के साथ-साथ उसके तीन साथी हनुमान, गंगा और यमुना के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि नारायण साई ने कोर्ट में पहले से ही अग्रिम जमानती याचिका दाखिल की थी। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूरी देते हुए मंगलवार को साई के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया।
अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी भी की है, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस से भाग रहे नारायण साईं अलग-अलग सिम कार्डो से अपने साधकों व परिजनों के संपर्क में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए साई ने अपना हुलिया भी बदल लिया है।
Source- News in Hindi 
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I am being introduced as Dracula : Asaram

 rape case

Hindi News: नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम को शुक्रवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही हाथ लगी। आसाराम की ओर से दलील दी गई मीडिया कवरेज में उन्हें बच्चों का रक्त पीने वाले ड्रैकुला के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन अदालत ने मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की उनकी मांग खारिज कर दी।
मुख्य न्यायाधीश पी. सतशिवम की पीठ ने आसाराम के बारे में मीडिया को खबर चलाने से रोकने का आदेश देने से इन्कार करते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया में रिपोर्ट किए गये हर शब्द को देखा है और उन्हें उसमें दखल देने का कोई कारण नजर नहीं आता। पीठ का कहना था कि अदालत मीडिया को क्यों रोके? जब पुलिस और अन्य लोगों से वे सूचनाएं हासिल कर रहे हैं तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं।
इससे पहले आसाराम के वकील ने मीडिया पर आरोप लगाया कि वह उनके बारे में बढ़ा-चढ़ा कर खबरें दिखा रहा है। देश में इतने अखबार और चैनल हैं। वे किस-किस के खिलाफ मामला दाखिल करें, लेकिन पीठ इन दलीलों से प्रभावित नहीं हुई और मामले में दखल देने से इन्कार करते हुए कहा कि उनके पास और भी विकल्प हैं। इससे पहले भी एक बार कोर्ट मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की आसाराम की मांग ठुकरा चुका है
Source- News in Hindi 

Come home at night!

छुट्टी चाहिए तो रात को घर आना!

sexual assault

अलीगढ़, जागरण संवाददाता। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) पर एक टीचर ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा है, मातृत्व अवकाश को मंजूर कराने के लिए 'साहब' ने उन्हें आवास पर बुला लिया। नहीं गई तो फाइल महीनेभर उनके यहां पड़ी रही और छुट्टी मंजूर नहीं की गई। बात उर्दू टीचर्स एसोसिएशन तक गई तो सोमवार को टीचर ने बीएसए कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। फिर, खलबली मचनी ही थी। सपा के शहर विधायक जफर आलम के नाराज होने पर सीडीओ ने आरोपों की जांच कराने का निर्देश दिया है।
यह सनसनीखेज आरोप लगाया है, जवां ब्लाक स्थित छेरत प्राइमरी विद्यालय की सहायक अध्यापक शाहिद परवीन ने। बकौल शाहिदा, तीन महीने के बेटे की तबियत खराब होने के कारण एक सितंबर को खंड शिक्षा अधिकारी के यहां मातृत्व अवकाश के लिए आवेदन किया था। उनकी संस्तुति के बाद पत्रावली नौ सितंबर को बीएसए कार्यालय आ गई। तब से अक्सर बीएसए कार्यालय पर जाती रहीं, लेकिन अवकाश स्वीकृत नहीं हुआ। आरोप है कि बीएसए ने रात नौ बजे घर आने को कहा। यह सूचना उसने यूपी उर्दू टीचर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष गुलजार अहमद को दी।
Source- News in Hindi
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