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Narayan Sai special assistant Ganga arrested in Udaipur


Narayan Sai

Hindi News: नई दिल्ली। दुष्कर्म मामले के आरोपी नारायण साईं की खास सहयोगी गंगा उर्फ धर्मिष्ठा को राजस्थान के उदयपुर में सूरत पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुजरात पुलिस गंगा को लेने उदयपुर पहुंच गई है। पुलिस को उम्मीद है कि गंगा की गिरफ्तारी के बाद कई और राज के खुलासे होंगे। गंगा पर पीड़िता को धमकाने का आरोप है।
गौरतलब है कि सूरत कोर्ट ने नारायण साई के साथ-साथ उसके तीन साथी हनुमान, गंगा और यमुना के खिलाफ भी वारंट जारी किया है। गौरतलब है कि नारायण साई ने कोर्ट में पहले से ही अग्रिम जमानती याचिका दाखिल की थी। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने साईं की ओर से दाखिल हलफनामे में किए दस्तखत पर सवाल उठाते हुए याचिका रद करने की मांग की थी। जिसे कोर्ट ने मंजूरी देते हुए मंगलवार को साई के खिलाफ कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया।
अभी तक पुलिस की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब रहे नारायण साई को पकड़ने के लिए पुलिस ने दिल्ली, गाजियाबाद, आगरा समेत कई जगहों पर छापेमारी भी की है, लेकिन वह अबतक हाथ नहीं लगा है। सूत्रों के मुताबिक पुलिस से भाग रहे नारायण साईं अलग-अलग सिम कार्डो से अपने साधकों व परिजनों के संपर्क में हैं। गिरफ्तारी से बचने के लिए साई ने अपना हुलिया भी बदल लिया है।
Source- News in Hindi 
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I am being introduced as Dracula : Asaram

 rape case

Hindi News: नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। यौन उत्पीड़न के आरोप में जेल में बंद आसाराम को शुक्रवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट से निराशा ही हाथ लगी। आसाराम की ओर से दलील दी गई मीडिया कवरेज में उन्हें बच्चों का रक्त पीने वाले ड्रैकुला के रूप में पेश किया जा रहा है, लेकिन अदालत ने मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की उनकी मांग खारिज कर दी।
मुख्य न्यायाधीश पी. सतशिवम की पीठ ने आसाराम के बारे में मीडिया को खबर चलाने से रोकने का आदेश देने से इन्कार करते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया में रिपोर्ट किए गये हर शब्द को देखा है और उन्हें उसमें दखल देने का कोई कारण नजर नहीं आता। पीठ का कहना था कि अदालत मीडिया को क्यों रोके? जब पुलिस और अन्य लोगों से वे सूचनाएं हासिल कर रहे हैं तो हम उन्हें कैसे रोक सकते हैं।
इससे पहले आसाराम के वकील ने मीडिया पर आरोप लगाया कि वह उनके बारे में बढ़ा-चढ़ा कर खबरें दिखा रहा है। देश में इतने अखबार और चैनल हैं। वे किस-किस के खिलाफ मामला दाखिल करें, लेकिन पीठ इन दलीलों से प्रभावित नहीं हुई और मामले में दखल देने से इन्कार करते हुए कहा कि उनके पास और भी विकल्प हैं। इससे पहले भी एक बार कोर्ट मीडिया कवरेज पर रोक लगाने की आसाराम की मांग ठुकरा चुका है
Source- News in Hindi