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Winter Session Likely to be Stormy


winter session

Hindi News: नई दिल्ली। दो दिन बाद शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र का हश्र भी पिछले दो सत्रों की तरह हो सकता है। एक तो इस बार संसद की बैठकों के दिन कम हैं। उस पर कई विवादित विधेयकों को लेकर विपक्ष ही नहीं, सरकार के समर्थक दलों ने भी आंखे तरेर दी हैं। सपा ने दो टूक कह दिया है कि एससी, एसटी को पदोन्नति में आरक्षण और महिला आरक्षण विधेयक फिर से लाया गया तो वह संसद नहीं चलने देगी। 5 से 20 दिसंबर तक के सत्र की महज 12 बैठकों में संसद की कार्यवाही को सुचारू रखने के लिए संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने सोमवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई।
सर्वदलीय बैठक में सरकार की तरफ से वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला मौजूद थे। इस दौरान राज्यसभा में सपा संसदीय दल के नेता प्रो. रामगोपाल यादव ने कहा कि देश में आंतरिक सुरक्षा, सीमाओं की सुरक्षा, चीन और महंगाई पर चर्चा जरूरी है।
पार्टी संसद को चलाने में पूरा सहयोग करेगी, लेकिन महिला आरक्षण और सरकारी नौकरियों में पदोन्नति में भी एससी, एसटी को आरक्षण जैसे विवादित विधेयकों को लाया गया तो सपा सदस्य संसद नहीं चलने देंगे। उन्होंने कहा कि एक तो समय कम है, उस पर सरकार विवादित विधेयकों को क्यों लाना चाहती है।
लोकसभा में नेता विपक्ष सुषमा स्वराज, लालकृष्ण आडवाणी, राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली व उपनेता रविशंकर प्रसाद ने बैठक में पार्टी का रुख साफ कर दिया। उन्होंने सरकार से पूछा कि सत्र के लिए 28-30 विधेयकों को सूचीबद्ध तो कर दिया, लेकिन अलग तेलंगाना का भी विधेयक आना चाहिए। गृह मंत्री ने उंन्हें भरोसा दिया कि सरकार उसे राष्ट्रपति के पास ले जाएगी। फिर विधेयक लाया जाएगा।
सुषमा स्वराज ने मुजफ्फरनगर दंगे पर चर्चा कराने पर जोर दिया। जदयू अध्यक्ष शरद यादव ने भी उनका समर्थन किया। सपा ने कहा कि वह इसके लिए तैयार है। सुषमा ने लोकपाल बिल, पटना बम धमाके व आंतरिक सुरक्षा पर भी चर्चा कराने की बात कही है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक मे बसपा के सतीशचंद्र मिश्र ने यह कहकर सरकार को घेरा कि जब विधेयकों के पारित होने के आसार ही नहीं हैं, तो सरकार उन्हें सूचीबद्ध क्यों करती है। माकपा के सीताराम येचुरी ने सांप्रदायिक हिंसा निरोधक विधेयक, लोकपाल और महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने पर जोर दिया।
Source- News in Hindi 
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Dispute in congress on modi


narendra modi

Hindi News:जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्य विपक्षी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस का असमंजस सतह पर आ गया है। पार्टी में खास मुकाम रखने वाले सरकार के मंत्री मोदी पर आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस कोर ग्रुप के सदस्य और वित्त मंत्री पी चिदंबरम मोदी को अगले आम चुनाव के लिए बड़ी चुनौती मान रहे हैं तो गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे इसे सिरे से खारिज कर रहे हैं। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री के रहमान खान ने भी चिदंबरम के बयान को काटते हुए कहा कि मोदी को मसीहा के तौर पर पेश किया जा रहा है, जो वे हैं नहीं।
सूत्रों के मुताबिक पीएम पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद मोदी को लेकर देश में बन रहे माहौल के चलते अंदरूनी तौर पर कांग्रेस भी उन्हें चुनौती मान रही है, लेकिन वह इसे सार्वजनिक नहीं करना चाहती। चिदंबरम के उन्हें चुनौती मानने और एक पार्टी के तौर पर नजरअंदाज न करने की नसीहत से कांग्रेस का यह असमंजस सामने आ गया है। इतना ही नहीं, वित्त मंत्री के यह कहने से कि भाजपा नेताओं को एकजुट करने में मोदी कामयाब रहे हैं, कांग्रेस मोदी की इस तारीफ से खुद को असहज महसूस कर रही है। लिहाजा, सोमवार को पार्टी ने चिदंबरम के बयान से नुकसान की भरपाई की भरपूर कोशिश की।
पत्रकारों से रू-ब-रू शिंदे ने स्पष्ट लफ्जों में कहा, 'कांग्रेस के लिए मोदी कोई चुनौती नहीं है।' यह कहने पर कि चिदंबरम ने तो उन्हें चुनौती माना है, शिंदे ने कहा, 'मैं दूसरों के बारे में नहीं कह सकता, लेकिन अपनी और पार्टी की तरफ से यह बात कह रहा हूं।' इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा, कांग्रेस बहुत बड़ी और पुरानी पार्टी है। 120 साल की इस पार्टी के सामने बहुत बड़ी-बड़ी चुनौतियां आती रही हैं। वह हर बार उनसे पार पाती रही है। 2004 में राजग का 'इंडिया शाइनिंग' भी बड़ी चुनौती थी, फिर भी कांग्रेस जीती और नौ साल से सरकार में है।
मोदी पर कांग्रेस की इस दुविधा ने पार्टी में पहली बार खुली बहस का रूप नहीं लिया है। इससे पहले गत जून में केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भी प्रबंधन क्षमता और विचारधारा को लेकर मोदी को कांग्रेस के लिए चुनौती माना था। जिसे पार्टी महासचिव शकील अहमद ने खारिज किया था। वरिष्ठ नेता सत्यव्रत चतुर्वेदी ने तो जयराम को गुजरात जाकर भाजपा में शामिल होने की नसीहत तक दे दी दी थी। पिछले दिनों कानून मंत्री कपिल सिब्बल भी मोदी को राहुल गांधी के बजाय उनसे बहस की चुनौती दे चुके हैं।
Source- News in Hindi 


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Congress leader will not attend Opinion Poll



Hindi News: नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने पिछले दिनों निर्वाचन आयोग से मांग की थी कि जनमत सर्वेक्षण पर बैन लगनी चाहिए। जनमत सर्वेक्षण पर बैन लगाने को लेकर चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से राय मांगी थी। इस मसले पर एक राय नहीं बन पाने के कारण चुनाव आयोग ने कोई निर्देश जारी नहीं किया। चुनाव आयोग से कोई निर्देश पारित नहीं होने पर अंत में हारकर कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया है कि जनमत सर्वेक्षण की चर्चा में पार्टी का कोई भी नेता शामिल नहीं होगा।
इससे पहले ओपिनियन पोल [जनमत सर्वेक्षण] पर प्रतिबंध लगाने संबंधी चुनाव आयोग के प्रस्ताव को भाजपा ने खारिज कर दिया। उसका कहना है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन होगा।
भाजपा ने आयोग के भेजे जवाब में कहा है कि ओपीनियन पोल पर रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग ने जो आधार दिए हैं वे संविधान के अनुच्छेद 19 [2] में निहित तत्वों में शामिल नहीं हैं। भाजपा का कहना है कि ओपीनियन पोल एक्जिट पोल से अलग हैं। ओपीनियन पोल में जहां ऐसे लोगों के विचार लिए जाते हैं जो मतदान कर सकते हैं और नहीं भी। जबकि एक्जिट पोल में सिर्फ मतदान में शामिल लोगों की राय ली जाती है। इसी वजह से मतदान के दौरान एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाया गया।
Source- News in Hindi 
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'Sweetie' catches online predators, 100 Indians among them


webcam sex

Hindi News: लंदन। दुनिया भर में बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं का सच एक बार फिर सामने आया है। हाल में कंप्यूटर निर्मित फर्जी बच्ची 'स्वीटी' के फेर में 103 भारतीय फंस गए। इस दस वर्षीय बच्ची से 10 हफ्ते में दुनिया भर के करीब 20 हजार लोगों ने संपर्क साधा। इनमें 1000 लोगों ने वेबकैम के सामने कपड़े उतारने के लिए पैसे देने की पेशकश भी की। इनमें सबसे ज्यादा 254 अमेरिकी थे, जबकि 110 ब्रिटिश भी शामिल थे।
बच्चों के ऑनलाइन यौन उत्पीड़न के मामले में भारत तीसरे नंबर पर है। इन सभी लोगों के नाम पुलिस को सौंप दिए गए हैं। बच्चों के लिए काम करनी वाली डच संस्था टेरे डेस होमेज ने एक बच्ची का फर्जी प्रोफाइल बनाकर बच्चों के ऑनलाइन यौन उत्पीड़न की पड़ताल की। इसी के बाद हैरान कर देने वाला यह सच सामने आया है। शोधकर्ताओं ने साक्ष्य के तौर पर संदिग्धों की स्काइप और दूसरी सोशल साइट्स पर बने प्रोफाइल को पेश किया है। इस प्रोजेक्ट के निदेशक हंस गुयट ने कहा कि इससे निपटने के लिए हमें नए तरीके की जरूरत है। ऐसे मामले में पीड़ित और यौन उत्पीड़क सामने नहीं आते हैं। हमने अपनी फर्जी पहचान फिलीपींस की दस वर्षीय लड़की के रूप में जाहिर की थी। हमने कुछ भी नहीं कहा, लेकिन लोग हमें पैसे की पेशकश करने लगे थे। टेरे डेस होमेज ने ऑनलाइन सेक्स टूरिज्म को रोकने के लिए एक वैश्विक अभियान भी चला रखा है।
Source- News in Hindi 
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Daddy's darling daughters in bollywood

Bollywood actresses
पापा की ये दुलारी बेटियां
मुंबई। किसी पापा के लिए इससे बड़ी बात क्या होगी कि उनकी बेटी के कदम सफलता चूम रही हो? बॉलीवुड की स्टार हीरोइनें इन दिनों अपने झंडे गाड़े हुई हैं। लोग उनके दीवाने हैं। उन्हें पसंद कर रहे हैं और उनकी आने वाली फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसी कई दुलारी बिटिया हैं, जो सौ करोड़ी फिल्मों की हीरोइन बन चुकी हैं। दीपिका पादुकोण, सोनाक्षी सिन्हा, असिन आदि ऐसी ही बिटिया हैं। हाल की बात करें, तो शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर ने भी 'आशिकी 2' से सफलता का स्वाद चख लिया। दूसरी ओर अपने करियर से अभी तक उम्मीदें बांधे चल रहीं अनिल कपूर की लाडली सोनम कपूर की भी किस्मत ने सुन ली। उनकी हालिया रिलीज फिल्म 'रांझना' ने उन्हें कामयाब बना दिया।
सोनम कपूर तो साफ-साफ कहती हैं, 'मेरे ऐक्ट्रेस बनने के पीछे मेरे पापा का हाथ है। दरअसल, मम्मी नहीं चाहती थीं कि मैं एक्टिंग की दुनिया में आऊं, लेकिन पापा ही थे, जिन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया। वे अक्सर मुझे यह कहकर चिढ़ाते थे कि मुझे पता है कि तुम लोगों का खूब एंटरटेनमेंट करोगी। एक सफल ऐक्टर होने के बाद भी पापा ने कभी अपना फैसला मुझ पर नहीं थोपा और हमेशा अपने फैसले मुझे लेने दिए। मेरे काम में उन्होंने कभी टांग नहीं अड़ाई, बल्कि हमेशा यही कहा कि जो तुम्हें ठीक लगे, वही करो। पापा से मुझे परफेक्शनिस्ट और वर्कोहलिक जैसी क्वालिटी मिली है। करियर और पर्सनल लाइफ को मैनेज करने के लिए मैं हमेशा उनसे टिप्स लेती रहती हूं।'
दूसरी ओर खूबसूरत श्रद्धा कपूर का मानना है, 'इस दुनिया में यदि मेरा सबसे बड़ा कोई क्रिटिक है, तो वो बॉप्स यानी पापा हैं। मैं उन्हें बॉप्स बुलाती हूं। मेरी हेल्थ और एक्टिंग सब पर उनकी नजर रहती है। उन्होंने मुझे यह कभी नहीं कहा कि यह मत करो, वो मत करो। उन्होंने मुझे सिखाया कि जैसी हो, वैसी ही रहना और जो भी करना, दिल से करना।'
अभिनेत्री मिनिषा लांबा भी कहती हैं, 'मेरे पापा यानी केवल लांबा ने मेरे और मेरे भाई की ख्वाहिशों के पर कतरने की कभी कोशिश नहीं की। उन्होंने हमें कभी भी किसी बात के लिए रोका-टोका नहीं। उनका मानना था कि जब हम गिरेंगे, तो अपनी गलतियों से कहीं बेहतर तरीके से सबक ले सकेंगे। पापा के विश्वास की बदौलत ही आज हम इस मुकाम पर हैं।
खूबसूरत और चुलबुली अभिनेत्री शाजान पदमसी भी यह स्वीकार करती हैं कि वे जो भी करती हैं, उसमें पापा का हाथ होता है। वे कहती हैं, 'वैसे तो मैं अपने डिसीजन खुद ही लेती हूं, लेकिन जब मुश्किल में फंसती हूं, तो सबसे पहले पापा के पास ही भागती हूं। मुझे पता है कि मेरी हर प्रॉब्लम का हल पापा (एलिक पद्मसी) के पास है और वे वाकई उसे चुटकियों में हल कर देते हैं। उनका स्वभाव कुछ अलग है, फिर भी वे मेरे अच्छे दोस्त हैं।'
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Administration on back foot on transparency


unnao

 Hindi News: जागरण संवाददाता, उन्नाव। डौंडियाखेड़ास्थित किले में खोदाई स्थल तक जाने को लेकर कई दिन की ना-नुकुर के बाद आखिर शुक्रवार को प्रशासन संत शोभन सरकार के सामने झुक ही गया। उपजिलाधिकारी समेत कई अफसर सुबह छह बजे उनसे मिलने पहुंचे और बातचीत के बाद संत के चार प्रतिनिधियों को खोदाई की प्रगति दिखाई और उनके लिए स्थाई पास जारी करने पर सहमति दी। शोभन सरकार यही दोहराते रहे कि खजाना तभी निकलेगा, जब सब-कुछ पारदर्शी होगा। मीडिया को भी खोदाई स्थल देखने की अनुमति दी जाए। इस मांग के चलते शुक्रवार को आश्रम में संत समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा और बक्सर बाजार पूरी तरह बंद रखा गया।

खजाना होने का दावा करने वाले संत शोभन सरकार को गुरुवार को खोदाई स्थल तक नहीं जाने देने पर शुक्रवार को डौंडियाखेड़ा में माहौल गर्म रहा। उन्नाव, फतेहपुर, रायबरेली और कानपुर जिलों से बड़ी संख्या में संत समर्थक रात में ही बक्सर पहुंच गए। प्रशासन के रवैये के प्रति गुस्साए समर्थकों और व्यापारियों ने रैली निकालने की तैयारी शुरू कर दी, तो प्रशासन बैकफुट पर आ गया। सुबह छह बजे एसडीएम और तहसीलदार बक्सर आश्रम पहुंचे। शोभन सरकार ने कहा कि आखिर पारदर्शी काम करने में क्या हर्ज है? वहां क्या हो रहा दुनिया इसे कैसे जानेगी ? एसडीएम ने डीएम से बात करानी चाही तो संत ने मोबाइल पर बात करने से इन्कार कर दिया। बाद में उनके बताए चार लोगों को एसडीएम और सुरक्षा में लगे दो डीएसपी अपने साथ लेकर खोदाई स्थल दिखाने गए। उनको खोदाई स्थल पर जाने के लिए पास जारी करने के लिए प्रार्थना पत्र ले लिया गया है। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि डीएम से पास जारी कराए जाएंगे।
धनतेरस बीती, नहीं मिला सोना
संत शोभन सरकार ने दावा किया था कि धनतेरस के दिन उन्नाव के डौंडियाखेड़ा में किले से देश को सोने खजाना मिलेगा। धनतेरस बीत गई, लेकिन यह करिश्मा नहीं हुआ। हालांकि, खोदाई स्थल पर तेरहवें दिन को काफी गहमागहमी रही। खजाना खोजने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण व भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग की टीमें चट्टान पर ही इस आस में मशक्कत करती रहीं कि इसके नीचे ही खजाना मिल जाए।
दो दिन पहले मिली इस चट्टान का कोना खोजने में शुक्रवार को भी सफलता नहीं मिली। दरअसल यह कहा जा रहा था कि इसी चट्टान के नीचे एक हजार टन सोना छिपा है।
Source- News in Hindi 

India's 100 richest includes only five women


 India

Hindi Newsन्यूयॉर्क। अमेरिकी बिजनेस पत्रिका फो‌र्ब्स द्वारा जारी सूची के अनुसार देश के सबसे रईस 100 लोगों में केवल पांच महिलाएं ही शामिल हो पाई हैं। इनकी कुल संपत्ति 8.83 अरब डॉलर (542 अरब रुपये) है। जो शीर्ष-100 की कुल संपत्ति का मात्र तीन फीसद ही है। यदि टॉप-50 पर नजर डाली जाए तो केवल दो महिला कारोबारी ही इसमें शामिल हैं। देश की सबसे रईस महिला का खिताब जिंदल समूह की चेयरपर्सन सावित्री जिंदल के पास गया है। वहीं, रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी लगातार छठी बार देश के सबसे बड़े धनकुबेर बने हैं।
पुरुषों और महिलाओं की साझा सूची में सावित्री 14वें नंबर पर हैं। उनके बाद 1.9 अरब डॉलर (116 अरब रुपये) संपत्ति के साथ इंदू जैन दूसरे नंबर पर रही हैं। संयुक्त सूची में वह 29वें पायदान पर हैं। थर्मेक्स की अनु आगा तीसरे बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ चौथे और शोभना भरतिया पांचवें स्थान पर रही हैं। संयुक्त सूची में इनका स्थान क्रमश: 86वां, 96वां और 98वां रहा है।
मुकेश की संपत्ति 21 अरब डॉलर (1,289 अरब रुपये) आंकी गई है। उनकी संपत्ति हर साल तीन फीसद की रफ्तार से बढ़ रही है। दुनिया में स्टील किंग कहलाने वाली लक्ष्मी निवास मित्तल 16 अरब डॉलर (982 अरब रुपये) संपत्ति के साथ दूसरे पायदान पर हैं। सन फार्मा के दिलीप सांघवी 13.9 अरब डॉलर (853 अरब रुपये) के साथ तीसरे नंबर पर रहे। इस साल की सूची में सबसे शानदार प्रदर्शन सांघवी का रहा। संपत्ति 50 फीसद का उछाल आया और उन्होंने तीसरे स्थान पर काबिज विप्रो के अजीम प्रेमजी (847 अरब रुपये) को चौथे स्थान पर धकेल दिया।
अमेरिकी पत्रिका की ओर से मंगलवार को जारी देश के 100 सबसे अमीर व्यक्तियों की सूची में शामिल हस्तियों की आय एक साल की तुलना में करीब तीन फीसद की बढ़ोतरी के साथ 259 अरब डॉलर (15,897 अरब रुपये) पर पहुंच गई। भारत की अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कारण अमीरों की संपत्ति में वृद्धि धीमी रही। ऊंची महंगाई दर और डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट के कारण भी इनकी दौलत बढ़ने की रफ्तार सुस्त पड़ी।
आर्थिक सुस्ती के चलते रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी और आर्सेलर मित्तल के प्रमुख लक्ष्मी मित्तल की निजी हैसियत में विशेष बढ़त नहीं हुई। प्रमुख दवा कारोबारी दिलीप सिंघवी की संपत्ति में 4.7 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। इस दौरान प्रेमजी की संपत्ति भी 1.6 अरब डॉलर बढ़ी। निर्माण क्षेत्र के शपूरजी पलोनजी समूह के पलोनजी मिस्त्री टाटा संस के बड़े शेयरधारक के रूप में उभरे हैं। लेकिन, उनकी संपत्ति घटकर 12.5 अरब डॉलर (767 अरब रुपये) रह गई। वह चौथे से खिसक पांचवें स्थान पर आ गए। उनके बेटे साइरस मिस्त्री को पिछले साल रतन टाटा ने अपना उत्तराधिकारी चुना था।
Source- News in Hindi 

Aamir Khan got a award in US for Satyamev jayate

 Aamir Khan
आमिर खान ने अमेरिका में भारत का डंका बजाया
News in Hindiवाशिंगटन। अभिनेता आमिर खान को सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अपने शो 'सत्यमेव जयते' के माध्यम से जागरुकता फैलाने के लिए 'अमेरिका अबरॉड मीडिया अवार्ड' से नवाजा गया है। आमतौर पर पुरस्कार समारोहों से दूर रहने वाले अभिनेता अवार्ड को ग्रहण करने पहुंचे।
इस मौके पर 47 वर्षीय आमिर ने कहा, 'मुझे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जो काम हमने अपने देश में शुरू किया था, वह विदेश में भी लोगों को प्रभावित करेगा। मैं और मेरी टीम इस शो को बड़े मनोयोग से कर रहे थे क्योंकि हम खुद इस समस्या का हिस्सा हैं और हमें खुद ही इन समस्याओं का समाधान निकालना होगा। बाहर किसी को जिम्मेदार ठहराने से पहले हमें खुद अपने अंदर झांकना होगा और खुद से सवाल पूछने होंगे।'
ऑस्कर विजेता फिल्म निर्देशक कैथरीन बिगेलो और अंतरराष्ट्रीय सेंटर ऑन नॉन वायलेंट कॉनफ्लिक्ट (आइसीएनसी) को भी इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर अमेरिकी विदेश विभाग, रक्षा विभाग के कई अधिकारी व राजनयिक मौजूद थे। आमिर की पत्नी किरण राव भी समारोह में मौजूद थी। उन्होंने बताया कि शो के अगले सीजन पर काम चल रहा है। बकौल आमिर, 'मैं भारत में काम करना चाहता हूं, लोगों को समस्याओं के प्रति संवेदनशील बनाना चाहता हूं। ताकि हम अपने घर में खुद ही अपनी समस्याओं का समाधान खोज सकें।'

Maulana tawqeer says, Narendra Modi not acceptable


 narendra modi

Hindi Newsजागरण संवाददाता, बरेली। राजकीय इंटर कॉलेज के सद्भावना सम्मेलन में आल इंडिया इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां भाजपा और उसके पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर खूब बरसे। उन्होंने कहा कि गुजरात में जो कुछ हुआ, उसके लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री पद पर उन्हें हरगिज कुबूल नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने संकल्प जताया कि सांप्रदायिक ताकतों के मंसूबे कामयाब नहीं होने देंगे।
सूबे में सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा देने के मकसद से बुलाए सम्मेलन में मौलाना तौकीर ने यह कहकर सनसनी फैलाई कि मुजफ्फरनगर के बाद फिर से दंगा कराने की साजिश हो रही है। ऐसा दंगा जो गुजरात और आसाम से बड़ा होगा। इन्हीं तमाम हालात को महसूस करते हुए सद्भावना सम्मेलन करने का फैसला लिया है। साथ ही, उन्होंने दंगों को लेकर प्रदेश सरकार का बचाव किया। यह भी कहा कि मुसलमान आतंकी नहीं हैं। हिंदुस्तान से बेपनाह लगाव और मुहब्बत करते हैं। मौलाना ने मोदी से जुड़े बयान पर सफाई भी दी। बताया कि महज इतना कहा था कि भाजपा तौर तरीका बदले तो मुसलमान बातचीत कर सकते हैं। मोदी किसी कीमत पर कुबूल नहीं हैं। उनसे हाथ मिलाने का तो सवाल पैदा नहीं होता। भाजपा ने मोदी को पीएम उम्मीदवार बनाकर साफ कर दिया है कि वह एक पक्षीय पार्टी है। हालांकि, इस दौरान मौलाना ने कांग्रेस को भाजपा से ज्यादा खतरनाक बताया।
कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह ने कहा कि मुसलमान भाइयों को भरोसा दिलाते हैं कि जिन्होंने मुजफ्फरनगर घटना को दंगे का रूप दिया है, उन ताकतों को सरकार बख्शेगी नहीं। आश्वस्त किया कि जहां भी दंगे हुए हैं, वहां निर्दोषों को जेल नहीं जाने देंगे। इससे पहले प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा को 'दंगा पार्टी' कहकर पुकारा। सम्मेलन में संत समाज के अध्यक्ष प्रमोद कृष्णन, संतोष भारती, शीतला सिंह ने भी विचार रखे।
Source- News in Hindi