Administration on back foot on transparency


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 Hindi News: जागरण संवाददाता, उन्नाव। डौंडियाखेड़ास्थित किले में खोदाई स्थल तक जाने को लेकर कई दिन की ना-नुकुर के बाद आखिर शुक्रवार को प्रशासन संत शोभन सरकार के सामने झुक ही गया। उपजिलाधिकारी समेत कई अफसर सुबह छह बजे उनसे मिलने पहुंचे और बातचीत के बाद संत के चार प्रतिनिधियों को खोदाई की प्रगति दिखाई और उनके लिए स्थाई पास जारी करने पर सहमति दी। शोभन सरकार यही दोहराते रहे कि खजाना तभी निकलेगा, जब सब-कुछ पारदर्शी होगा। मीडिया को भी खोदाई स्थल देखने की अनुमति दी जाए। इस मांग के चलते शुक्रवार को आश्रम में संत समर्थकों का जमावड़ा लगा रहा और बक्सर बाजार पूरी तरह बंद रखा गया।

खजाना होने का दावा करने वाले संत शोभन सरकार को गुरुवार को खोदाई स्थल तक नहीं जाने देने पर शुक्रवार को डौंडियाखेड़ा में माहौल गर्म रहा। उन्नाव, फतेहपुर, रायबरेली और कानपुर जिलों से बड़ी संख्या में संत समर्थक रात में ही बक्सर पहुंच गए। प्रशासन के रवैये के प्रति गुस्साए समर्थकों और व्यापारियों ने रैली निकालने की तैयारी शुरू कर दी, तो प्रशासन बैकफुट पर आ गया। सुबह छह बजे एसडीएम और तहसीलदार बक्सर आश्रम पहुंचे। शोभन सरकार ने कहा कि आखिर पारदर्शी काम करने में क्या हर्ज है? वहां क्या हो रहा दुनिया इसे कैसे जानेगी ? एसडीएम ने डीएम से बात करानी चाही तो संत ने मोबाइल पर बात करने से इन्कार कर दिया। बाद में उनके बताए चार लोगों को एसडीएम और सुरक्षा में लगे दो डीएसपी अपने साथ लेकर खोदाई स्थल दिखाने गए। उनको खोदाई स्थल पर जाने के लिए पास जारी करने के लिए प्रार्थना पत्र ले लिया गया है। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि डीएम से पास जारी कराए जाएंगे।
धनतेरस बीती, नहीं मिला सोना
संत शोभन सरकार ने दावा किया था कि धनतेरस के दिन उन्नाव के डौंडियाखेड़ा में किले से देश को सोने खजाना मिलेगा। धनतेरस बीत गई, लेकिन यह करिश्मा नहीं हुआ। हालांकि, खोदाई स्थल पर तेरहवें दिन को काफी गहमागहमी रही। खजाना खोजने के लिए पुरातत्व सर्वेक्षण व भूगर्भ सर्वेक्षण विभाग की टीमें चट्टान पर ही इस आस में मशक्कत करती रहीं कि इसके नीचे ही खजाना मिल जाए।
दो दिन पहले मिली इस चट्टान का कोना खोजने में शुक्रवार को भी सफलता नहीं मिली। दरअसल यह कहा जा रहा था कि इसी चट्टान के नीचे एक हजार टन सोना छिपा है।
Source- News in Hindi 

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