Daddy's darling daughters in bollywood

Bollywood actresses
पापा की ये दुलारी बेटियां
मुंबई। किसी पापा के लिए इससे बड़ी बात क्या होगी कि उनकी बेटी के कदम सफलता चूम रही हो? बॉलीवुड की स्टार हीरोइनें इन दिनों अपने झंडे गाड़े हुई हैं। लोग उनके दीवाने हैं। उन्हें पसंद कर रहे हैं और उनकी आने वाली फिल्मों का इंतजार कर रहे हैं। ऐसी कई दुलारी बिटिया हैं, जो सौ करोड़ी फिल्मों की हीरोइन बन चुकी हैं। दीपिका पादुकोण, सोनाक्षी सिन्हा, असिन आदि ऐसी ही बिटिया हैं। हाल की बात करें, तो शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर ने भी 'आशिकी 2' से सफलता का स्वाद चख लिया। दूसरी ओर अपने करियर से अभी तक उम्मीदें बांधे चल रहीं अनिल कपूर की लाडली सोनम कपूर की भी किस्मत ने सुन ली। उनकी हालिया रिलीज फिल्म 'रांझना' ने उन्हें कामयाब बना दिया।
सोनम कपूर तो साफ-साफ कहती हैं, 'मेरे ऐक्ट्रेस बनने के पीछे मेरे पापा का हाथ है। दरअसल, मम्मी नहीं चाहती थीं कि मैं एक्टिंग की दुनिया में आऊं, लेकिन पापा ही थे, जिन्होंने मेरा हौसला बढ़ाया। वे अक्सर मुझे यह कहकर चिढ़ाते थे कि मुझे पता है कि तुम लोगों का खूब एंटरटेनमेंट करोगी। एक सफल ऐक्टर होने के बाद भी पापा ने कभी अपना फैसला मुझ पर नहीं थोपा और हमेशा अपने फैसले मुझे लेने दिए। मेरे काम में उन्होंने कभी टांग नहीं अड़ाई, बल्कि हमेशा यही कहा कि जो तुम्हें ठीक लगे, वही करो। पापा से मुझे परफेक्शनिस्ट और वर्कोहलिक जैसी क्वालिटी मिली है। करियर और पर्सनल लाइफ को मैनेज करने के लिए मैं हमेशा उनसे टिप्स लेती रहती हूं।'
दूसरी ओर खूबसूरत श्रद्धा कपूर का मानना है, 'इस दुनिया में यदि मेरा सबसे बड़ा कोई क्रिटिक है, तो वो बॉप्स यानी पापा हैं। मैं उन्हें बॉप्स बुलाती हूं। मेरी हेल्थ और एक्टिंग सब पर उनकी नजर रहती है। उन्होंने मुझे यह कभी नहीं कहा कि यह मत करो, वो मत करो। उन्होंने मुझे सिखाया कि जैसी हो, वैसी ही रहना और जो भी करना, दिल से करना।'
अभिनेत्री मिनिषा लांबा भी कहती हैं, 'मेरे पापा यानी केवल लांबा ने मेरे और मेरे भाई की ख्वाहिशों के पर कतरने की कभी कोशिश नहीं की। उन्होंने हमें कभी भी किसी बात के लिए रोका-टोका नहीं। उनका मानना था कि जब हम गिरेंगे, तो अपनी गलतियों से कहीं बेहतर तरीके से सबक ले सकेंगे। पापा के विश्वास की बदौलत ही आज हम इस मुकाम पर हैं।
खूबसूरत और चुलबुली अभिनेत्री शाजान पदमसी भी यह स्वीकार करती हैं कि वे जो भी करती हैं, उसमें पापा का हाथ होता है। वे कहती हैं, 'वैसे तो मैं अपने डिसीजन खुद ही लेती हूं, लेकिन जब मुश्किल में फंसती हूं, तो सबसे पहले पापा के पास ही भागती हूं। मुझे पता है कि मेरी हर प्रॉब्लम का हल पापा (एलिक पद्मसी) के पास है और वे वाकई उसे चुटकियों में हल कर देते हैं। उनका स्वभाव कुछ अलग है, फिर भी वे मेरे अच्छे दोस्त हैं।'
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