Hindi News: नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने पिछले दिनों निर्वाचन आयोग से मांग की थी कि जनमत सर्वेक्षण पर बैन लगनी चाहिए। जनमत सर्वेक्षण पर बैन लगाने को लेकर चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से राय मांगी थी। इस मसले पर एक राय नहीं बन पाने के कारण चुनाव आयोग ने कोई निर्देश जारी नहीं किया। चुनाव आयोग से कोई निर्देश पारित नहीं होने पर अंत में हारकर कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया है कि जनमत सर्वेक्षण की चर्चा में पार्टी का कोई भी नेता शामिल नहीं होगा।
इससे पहले ओपिनियन पोल [जनमत सर्वेक्षण] पर प्रतिबंध लगाने संबंधी चुनाव आयोग के प्रस्ताव को भाजपा ने खारिज कर दिया। उसका कहना है कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन होगा।
भाजपा ने आयोग के भेजे जवाब में कहा है कि ओपीनियन पोल पर रोक लगाने के लिए चुनाव आयोग ने जो आधार दिए हैं वे संविधान के अनुच्छेद 19 [2] में निहित तत्वों में शामिल नहीं हैं। भाजपा का कहना है कि ओपीनियन पोल एक्जिट पोल से अलग हैं। ओपीनियन पोल में जहां ऐसे लोगों के विचार लिए जाते हैं जो मतदान कर सकते हैं और नहीं भी। जबकि एक्जिट पोल में सिर्फ मतदान में शामिल लोगों की राय ली जाती है। इसी वजह से मतदान के दौरान एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाया गया।
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