Hindi News: पटना। भाजपा और जदयू के दिग्गज नेताओं ने बिहार की भूमि पर वाक युद्ध छेड़ा। एक के बाद एक वाक्यों के बाण चलाए जा रहे थे। भाजपा की ओर से नरेंद्र मोदी और जदयू प्रमुख नीतीश कुमार से एक-दूसरे के खिलाफ आलोचनाओं की झड़ी लगा दी। आइये हम भी देखें इन दोनों ने बिहार के इतिहास और स्थानीय लोगों पर कैसे खेली राजनीति।
नरेंद्र मोदी
- बिहार का इतिहास गौरवशाली रहा है। . गुप्तकाल में चंद्रगुप्त की राजनीति से भारत का साम्राज्य निर्मित हुआ।
- ज्ञान युग का सूत्रपात करने वाले नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय .।
- बिहार में हुंकार रैली। हुंकार किसका ., हुंकार किसका? यह हुंकार करोड़ों-करोड़ गरीबों का है।
- सीता माता की धरती है यह। सीता माता का अपहरण हुआ था। वानर उन्हें खोजने निकले। उपाय नहीं सूझ रहा था। हनुमान की नजर जामवंत पर पड़ी। बोले-'पवन तनय बल पवन समाना,. का चुप साध रहा बलवाना।'
- . सिकंदर भी गंगा तट (पाटलिपुत्र) पर हारा।
- जो जेपी को छोड़ सकता है, वह बीजेपी को छोड़ सकता है।
- लोग खुद को लोहिया का शिष्य कहते हैं। लोहिया ने गैर कांग्रेसवाद का नारा दिया था। लेकिन लोहिया के चेले ने लोहिया की पीठ में खंजर भोंक कांग्रेस की गोद में जा बैठे हैं। लोहिया-जेपी की आत्मा इन्हें कभी माफ नहीं करेगी।
- एक कथा सुनोगे। (उन्होंने भोज के दो मौकों के हवाले नीतीश को हिप्पोक्रेट यानी ढोंगी करार दिया।)
- बिहार के सीएम, मेरे मित्र गुजरात आए थे। एक शादी में। हम भी थे। मित्र मेहमान थे। हमने उन्हें भांति -भांति के पकवान खिलाये। अतिथि देवो भव: का भारतीय संस्कार निभाया। मगर मेरे मित्र ने तो हमें भोज का निमंत्रण देकर उसे रद्द कर दिया।
- पीएम की मीटिंग थी। लंच भी था। एक टेबल पर चार-पांच सीएम बैठ कर खाते हैं। मैंने देखा मेरे मित्र (नीतीश) खाना नहीं खा रहे हैं। इधर-उधर देख रहे हैं। मैंने मित्र से कहा-कोई कैमरा वाला नहीं है, खा लो। हिप्पोक्रेसी (ढोंग) की भी हद होती है।
Source- News in Hindi
No comments:
Post a Comment