Hindi News: वाशिंगटन। मुंबई में वर्ष 2008 में हुए 26/11 के आतंकी हमलों के पहले भारत को अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआइए समेत विभिन्न एजेंसियों से कम से कम 26 बार खुफिया चेतावनी मिली थी। उनमें कहा गया था कि पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) मुंबई में एक बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहा है।
'द सीज : 68 आवर्स इनसाइड द ताज होटल' नामक पुस्तक को महिला पत्रकार कैथी स्कॉट क्लार्क और एंडियन लेवी ने अपनी छानबीन के आधार पर लिखा है। इसमें दावा किया गया है कि 11 चेतावनी ऐसी थी जिनमें कहा गया था कि ये हमले एक साथ कई जगह किए जाएंगे। पेंगविन, यूएसए द्वारा प्रकाशित 300 पृष्ठों की इस पुस्तक में यह भी कहा गया है कि छह बार ऐसी चेतावनी मिली थीं जिनमें स्पष्ट किया गया था कि मुंबई में आतंकी घुसपैठ समुद्र के रास्ते होगी।
तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश के एक कर्मचारी को यूरोप से वर्ष 2007 में एक चेतावनी मिली थी जिसमें कहा गया था कि एलईटी अपनी गतिविधियां अपने क्षेत्र से बाहर फैलाने की साजिश रच रहा है लेकिन उसकी अमेरिका ने भी अनदेखी कर दी।
पहली खुफिया चेतावनी वर्ष 2006 में तब मिली थी जब पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकी डेविड हेडली और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ के उसके संचालकों को एलईटी ने मुंबई में आतंकी हमले के लिए संभावित ठिकानों की रेकी का काम सौंपा था। पत्रकारों ने लिखा है कि अगस्त 2006 में पहली खुफिया सूचना जो मिली थी उसमें कहा गया था कि कश्मीर में भारतीय सुरक्षा दलों से लड़ने के लिए विद्रोही मुस्लिम युवकों को भेजने वाला एलईटी मुंबई में हमले की तैयारियां कर रहा है। ट्राइडेंट, ओबेराय और ताज समेत कई पांच सितारा होटल निशाने पर हैं। उसके बाद से 25 और अलर्ट जारी किए गए। उनमें से बहुत सारे सीआइए ने भारत सरकार के बाहरी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) को दिए गए थे और उसने इन सूचनाओं को भारत की घरेलू खुफिया ब्यूरो (आइबी) को सौंपे थे।
Source- World News in Hindi
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