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AAP will form the delhi government


 

Hindi News: नई दिल्ली। कई दिनों की उठापठक के बाद आम आदमी पार्टी में सरकार बनाने के स्वर उठते दिखाई दे रहे हैं। पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा है कि आज दो बजे पार्टी की अहम बैठक होगी, जिसमें पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहेंगे और उनके सामने हम अपनी स्थिति और कांग्रेस के समर्थन की चिट्ठी को रखकर विचार करेंगे। जानकारी के मुताबिक पार्टी के कई नेता इस पक्ष में हैं कि कांग्रेस से मिले समर्थन के बाद आप को आगे बढ़कर दिल्ली में सरकार बना लेनी चाहिए। उम्मीद है कि इसकी आधिकारिक घोषणा आज ही कर दी जाए। ऐसे में दिल्ली से सियासी संकट का पटाक्षेप होने की उम्मीद भी बढ़ गई है।
दरअसल कांग्रेस द्वारा उसकी मांगों को मान लेने के बाद आम आदमी पार्टी के पास अब पीछे हटने का कोई चारा नहीं रह गया है। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह केजरीवाल द्वारा उसे लिखी चिट्ठी में शामिल मुद्दों का समर्थन करने को तैयार है। इसके बाद भी यदि आप सरकार बनाने से पीछे हटती है तो यह आने वाले दिनों में उसके लिए मुश्किलें पैदा कर सकती है।
गौरतलब है कि चुनाव के बाद सबसे बड़े दल के रूप में उभरी भाजपा ने बहुमत न होने की सूरत में सरकार बनाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद ही उप-राज्यपाल ने आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। इसके साथ ही कांग्रेस ने भी आप को अपने समर्थन की घोषणा करते हुए एक पत्र उपराज्यपाल को भेज दिया था।
इसके जवाब में केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा दोनों को ही पत्र लिखकर समर्थन की वजह और 18 मुद्दों पर उनके विचार मांगे थे।
Source- News in Hindi
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Delhi election: नई दिल्ली। जुमा-जुमा चार दिन पहले अस्तित्व में आई आम आदमी पार्टी को राजनीति के तपे खिलाड़ियों ने 'नौसिखुआ' कह कर खिल्ली उड़ाई थी। लेकिन आठ दिसंबर की सुबह ईवीएम खुलीं तो राजनीति के बड़े-बड़े सूरमा धूल चाटते नजर आए और पार्टी के अनाम से प्रत्याशी, जिन्हें चार आदमियों की भीड़ में भी उन्हें पहचान पाना मुश्किल होता था, शाम ढलते-ढलते नए सितारे बन चुके थे। दिल्ली विधानसभा के इन 28 नए सदस्यों का संक्षिप्त परिचय आप भी जान लीजिए:
संजीव झा, बुराड़ी:
स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त संजीव झा अपने साथियों के साथ पिछले 12 सालों से दिल्ली के पिछड़े इलाकों से आने वाले बच्चों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। संजीव ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर नवपल्लव नाम से एक संस्था की शुरुआत की और लोगों को शिक्षित करने का काम शुरू किया। संजीव इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं को जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
हरीश खन्ना, तिमारपुर:
एमए, पीएचडी कर चुके हरीश समाज सेवा में विशेष रुचि होने के कारण लोगों की मदद करते रहे हैं। हरीश दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ चुनाव (डूटा) के चुनावों में आठ बार विजय हासिल कर चुके हैं और वर्तमान में इसके सचिव हैं। जनलोकपाल आंदोलन में बढ़-चढ़कर भागीदारी करने वाले हरीश गरीबों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए संघर्ष करते रहे हैं।
राखी बिड़ला, मंगोलपुरी:
पत्रकारिता व जनसंचार में एमए की शिक्षा प्राप्त राखी एक निजी समाचार चैनल में पत्रकार हैं। राखी इसके अलावा कुछ सामाजिक संस्थाओं के साथ वाल्मीकि समुदाय की समस्याओं के समाधान के लिए भी काम करती हैं। वाल्मीकि समुदाय से संबंध रखने वाली राखी के पिता लंबे समय तक कांग्रेस में रहे, लेकिन जनलोकपाल आंदोलन के दौरान उन्होंने कांग्रेस को अलविदा कह दिया।
राजेश गर्ग, रोहिणी:
अपनी साफ और स्वच्छ छवि के लिए जाने जाने वाले राजेश अंडर ग्रेजुएट हैं और सामाजिक आंदोलनों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं। जनलोकपाल आंदोलन के दौरान भी उन्होंने लोगों को भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक करने में अहम भूमिका निभाई। समाज के कमजोर वर्ग के लिए काम करने की इच्छा ही उन्हें राजनीति में ले आई।
बंदना कुमारी, शालीमार बाग:
स्नातक तक की शिक्षा प्राप्त बंदना गरीब महिलाओं के अधिकारों के लिए और उन्हें घरेलू अत्याचारों से बचाने के लिए संघर्ष करती रही हैं। बंदना नई पहल नामक एक सामाजिक संस्था की संयोजक भी हैं जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में बेहतर काम कर रही है। बंदना जनलोकपाल आंदोलन और उसके बाद हुए सामाजिक आंदोलनों में खासी सक्रिय रहीं।
सत्येंद्र कुमार जैन, शकूर बस्ती:
बैचलर ऑफ आर्किटेक्टचर की शिक्षा प्राप्त सत्येंद्र सीपीडब्ल्यूडी में कार्यरत थे लेकिन अपने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार से परेशान सत्येंद्र ने नौकरी छोड़ दी और कंसल्टेंसी शुरू की। जनलोकपाल आंदोलन के दौरान बेहद सक्रिय रहे सत्येंद्र ने सामाजिक मुद्दों पर भी संघर्ष किया है। सत्येंद्र स्पर्श नामक संस्था से जु्ड़े हैं जो मानसिक रूप से विक्षिप्त बच्चों के लिए काम करती हैं।
Source- News in Hindi