Intense power struggle between BJP and SP


 Narendra Modi

Hindi News: लखनऊ [राज बहादुर सिंह]। बीते महीने भाजपा, कांग्रेस और सपा के बीच त्रिकोणीय रैली युद्ध के बाद नवंबर में यह जंग द्विपक्षीय रहेगी। ऐसे संकेत हैं कि अक्टूबर में रैली युद्ध की शुरुआत करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी नवंबर में सूबाई रैली जंग से दूर रहेंगे और जोर आजमाइश भाजपा व सपा के बीच सिमट जाएगी।
सूत्रों के अनुसार पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव की व्यस्तता के चलते कांग्रेस नवंबर में राहुल गांधी की रैलियां उत्तर प्रदेश में नहीं करने पर विचार कर रही है। राहुल ने दस अक्टूबर को अलीगढ़, रामपुर के अलावा 30 अक्टूबर को हमीरपुर और सलेमपुर में भी रैलियों को संबोधित किया था। पार्टी ने उनकी रैली को धन्यवाद रैली की संज्ञा देते हुए इस बात की भरसक कोशिश की थी कि इसकी तुलना भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी अथवा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की रैलियों से न की जाए। इसके पीछे पार्टी का तर्क था कि राहुल की रैलियां चुनावी नहीं अपितु खाद्य सुरक्षा बिल पारित कराने पर धन्यवाद देने के मकसद से आयोजित की गई थी।
बहरहाल, बात जब बंद कमरों से निकल कर बाहर खुले मैदान में आ जाए तो ऐसे तर्क गले नहीं उतरते और कांग्रेस के न चाहने पर भी राहुल की रैलियों की तुलना भाजपा और सपा की रैलियों से हुई और तुलना के निष्कर्ष कांग्रेस के लिए तसल्लीबख्श नहीं रहे। रामपुर और सलेमपुर में तो गनीमत रही, लेकिन अलीगढ़ और हमीरपुर की रैलियों ने निराश किया। आठ नवंबर को नरेन्द्र मोदी बहराइच में रैली कर रहे हैं। पिछले महीने उन्होंने कानपुर और झांसी में रैलियां की थी और जनता की भागीदारी के लिहाज से दोनों ही बेहद कामयाब रहीं। इसी तरह सपा की आजमगढ़ रैली भी हिट रही। अब 21 नवंबर को नरेंद्र मोदी आगरा और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव बरेली में अपने-अपने दलों की रैली के मुख्य आकर्षण होंगे।
Source- News in Hindi 
Related-

No comments:

Post a Comment