UPA cabinet approves inquiry commission on alleged snooping of a woman by gujarat police



Hindi Newsनई दिल्ली। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने नई मुश्किल खड़ी होती दिख रही है। गुजरात जासूसी कांड की जांच कराए जाने के लिए कैबिनेट ने जांच आयोग को मंजूरी दे दी है। इस मामले की जांच के लिए एक आयोग बनाया जाएगा। फिलहाल इसकी कोई समय सीमा तय नहीं की गई है कि जांच आयोग कब तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबी और गुजरात के पूर्व गृह राज्यमंत्री अमित शाह पर वर्ष 2009 में पुलिस तंत्र का दुरुपयोग करके एक युवती की जासूसी कराने का आरोप लगाया गया था। कोबरा पोस्ट और गुलैल द्वारा जारी किए गए टेप में अमित शाह किसी साहेब के कहने पर लड़की के फोन टेपिंग से लेकर मिलने वालों पर नजर रखने का आदेश दे रहे थे। जिस मामले में मोदी को भी घसीटने की कोशिश की गई है।
दो खोजी पोर्टलों कोबरा पोस्ट और गुलैल ने दावा किया था कि उन्होंने इस टेप को इशरत जहां हत्याकांड में सीबीआइ के पास जमा कर दिया गया है। इनका दावा है कि मोदी इस युवती से मिले थे, जो बेंगलूर की एक आर्टिटेक्ट थी, जबकि युवती के पिता ने इस छोटी घटना को मीडिया में ले जाने के निहित स्वार्थी तत्वों के प्रयास पर दुख जताया था।
युवती के पिता ने अपने बयान में कहा था कि उनकी बेटी मां के ऑपरेशन के समय अहमदाबाद आई थी। उसे देर रात अस्पताल और जिस होटल में ठहरी थी वहां आना-जाना पड़ता था। इसलिए उन्होंने मोदी से उसकी देखरेख का आग्रह किया था।
वहीं, दूसरी तरफ केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी कोर्ट में जाने का विचार कर रही है। पार्टी के नेता अरुण जेटली ने कहा कि वे इस फैसले को कोर्ट में चुनौती देंगे। साथ ही रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस मोदी को निशाना बना रही है।
Source- News in Hindi

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