Hindi News: अहमदाबाद। गुजरात दंगों में मारे गए पूर्व कांग्रेसी सांसद एहसान जाफरी की पत्नी जकिया जाफरी की याचिका पर मेट्रोपोलिटन कोर्ट बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगी। अदालत ने 3 दिसंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। जकिया ने याचिका दायर कर एसआइटी द्वारा दंगों में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को क्लीनचिट दिए जाने को चुनौती दी है। जकिया का कहना है कि दंगों में मोदी व अन्य की भूमिका के पर्याप्त सुबूत हैं।
गौरतलब है कि जकिया के पति और कांग्रेस सांसद अहसान जाफरी को वर्ष 2002 के गुजरात दंगों के दौरान जिंदा जला दिया गया था। अहसान जाफरी 2002 के दंगे में गुलबर्ग सोसायटी में हुई हिंसा में मारे गए 69 लोगों में शामिल थे। गुजरात में साल 2002 के दंगों में 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए थे, जिनमें ज्यादातर मुसलमान थे। इस मामले की शुरुआत में नरेंद्र मोदी समेत कुल 62 लोगों, जिनमें राजनेता, ब्यूरोक्रेट्स और पुलिस ऑफिसर शामिल थे के खिलाफ केस फाइल किया गया था। लेकिन अब इस लिस्ट 56 लोगों के नाम शामिल हैं। एसआइटी ने सितंबर 2011 में इस मामले में यह कहते हुए क्लोजर रिपोर्ट फाइल की थी कि मोदी को इस मामले में आरोपी बनाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं है। इसके एक साल बाद जकिया ने एसआइटी की रिपोर्ट को चुनौती देते हुए याचिका दायर की थी।
Source- News in Hindi
bahut achhi post likhi hai aapne bhai
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