Tauqeer raza khan resigns from his post


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Hindi News:लखनऊ। मौलाना तौकीर रजा ने मुख्यमंत्री को बुधवार रात इस्तीफा सौंप दिया है। मौलाना ने मुख्यमंत्री अखिलेश से कहा कि समाजवादी पाटी के साथ कार्य कर पाना अब मुश्किल हो गया है। समाजवादी पार्टी मुस्लिमों के बेहतरी और हित के लिए कुछ नहीं कर रही है। मौलाना तौकीर रजा के इस्तीफे की खबर से सपा में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री ने तौकीर रजा को अपने आवास पर बुलवाया है। मौलाना अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हो चुके हैं। सपा ने सुलह की कोशिशे शुरू कर दी हैं। इत्तेहाद मिल्लत काउंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर ने राज्य मंत्री का पद छोड़ दिया है। पिछले दिनों 21 नवंबर को बरेली में हुई समाजवादी पार्टी के देश बचाओ देश बनाओ रैली में मौलाना ने सपा सुप्रीमों के साथ मंच साझा किया था।
इससे पहले 9 नवंबर को संभल के काल्की महोत्सव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के साथ मंच पर मौजूद रहे। कांग्रेस नेता ने मंच से तौकीर रजा की खूब तारीफ की इससे लगा कि कांग्रेस एक बार फिर तौकीर के लिए बैकफुट पर आने को तैयार है। बरेली में एक नवंबर को अरविंद केजरीवाल के तौकीर रजा से मिलने पर राजनीति काफी गरमा गई थी। इधर तौकीर रजा ने केजरीवाल के लिए चुनाव प्रचार करने की बात कह कर और भी राजनीतिक आग को हवा दे दिया था।
बरेली में सपा के मंच पर मौजूद थे तौकीर :-
सांप्रदायिक उपद्रव को लेकर बरेली से सपा सरकार पर कई बार वार कर चुके इत्तेहाद ए मिल्लत काउंसिल के मुखिया मौलाना तौकीर रजा सपा के मंच पर सत्ता के खासमखास थे। रैली शुरू होने से तकरीबन एक घटे पहले ही मंच पर पहुंचे तौकीर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का स्वागत करने वालों में भी शुमार थे। बाद में भाषण के दौरान उन्होंने कहा था कि इस वक्त कुछ ताकतें देश को बाटने में जुट गई हैं। इसलिए मुलायम सिंह यादव को समर्थन देने की जरूरत है।
बरेली में तौकीर से मिलने पहुंचे थे केजरीवाल :-
आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी विवादों में फंसते नजर आ रहे हैं। सबसे पहले उन्होंने विवादित मौलाना तौकीर रजा खान से मुलाकात की जिस कारण उन्हें बीजेपी और काग्रेस की आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था।उन पर सांप्रदायिकता का कार्ड खेलने का भी आरोप लगा। दरअसल अभी कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल मौलाना तौकीर रजा से बरेली में मिले थे। मौलाना बाग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के खिलाफ फतवा जारी करने को लेकर काफी विवादों में रहे हैं। इस पर आप प्रमुख का कहना था कि वे इन सभी से अवगत नहीं थे। केजरीवाल ने कहा कि वह एक धार्मिक यात्रा पर बरेली गए थे और इस मुस्लिम नेता से मुलाकात की थी क्योंकि वह शहर में एक सम्मानित व्यक्ति हैं।
Source- News in Hindi

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