Top Hindi News: नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति या यू कहें कि दक्षिण अफ्रीका के सबसे पसंदीदा नेता नेल्सन मंडेला के निधन से पूरी दुनिया में शोक की लहर फैल गई है। हिंसा और घृणा को प्यार और एकता के एक सूत्र में पिरोने वाले मंडेला भले ही इस दुनिया से चले गए हैं, लेकिन दक्षिणी लोगों को उन्होंने जिस सूत्र में मजबूती से बांधा है वह इतनी आसानी से टूट नहीं सकती है। संघर्ष और हिम्मत की मिसाल पैदा करने वाले मंडेला करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत रहे हैं। मंडेला ऐसे पहली व्यक्ति हैं जिन्होंने विश्वभर से नस्लभेद को मिटाया और लोगों को उनके अधिकारों से रू-ब-रू कराया। उनके जाने से जैसे एक युग का ही अंत हो गया है। रंगभेदी सरकार की जगह लोकतंत्र की स्थापना के लिए उन्होंने जबरदस्त संघर्ष किया। आज लाखों लोग सोशल नेटवर्किग साइट पर उनके इस संघर्ष को नमन कर रहे हैं।
-कुछ ट्वीट्स
-रतन टाटा ने कहा कि, विश्व ने आज एक महान नेता खो दिया, जिन्होंने दक्षिणी लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे विश्व को अपने अधिकारों के लिए लड़ना सिखाया,इन्हें भूल पाना आसान नहीं है।
- एड्रयू लिखते हैं कि मंडेला ने पूरी जिंदगी संघर्ष किया है लेकिन अब उनके आराम का समय है।
-जैसिका लिखती हैं कि आप तब तक संत नहीं बन सकते हैं, जब तक आप खुद को पापी न समझे,वो पापी जो कुछ करने की कोशिश करता रहता है। ऐसे थे मंडेला
-फरहान लिखते हैं कि मंडेला ने घृणा और हिंसा को प्यार और प्रेरणा में बदल दिया। वे मैत्री और विश्वास की मिसाल हैं।
-शोभना दे लिखती हैं कि विश्व के अपने पिता को खो दिया। इन्होंने लाखों लोगों को एक सूत्र में बांधा था। आज सिर्फ इन्सान नहीं बल्कि आसमान भी रो रहा है।
-अनुपन खैर लिखते हैं कि जेल में कई सालों तक अपना संघर्ष जारी रखने के बाद ही कोई भी बड़ा आदमी राष्ट्रपति बनता है, ये जैसे अफ्रीका की नीति में शामिल हो गया है
-हिम्मत, साहस,उम्मीद, प्यार, विश्वास, एकता, सपने और संघर्ष की जीती जागती मिसाल थे मंडेला
Source- World News
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