Even tea vendor can be PM: Digvijay;BJP welcomes Modi 'praise'



Top Hindi Newsनई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी के सबसे मुखर आलोचकों में एक कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अचानक सबको चौंका दिया है। उनका मानना है कि मोदी अब अटल बिहारी वाजपेयी की विचारधारा के नजदीक आ रहे हैं। हालांकि, वह यह जोड़ना नहीं भूले कि खुदा न करे कि भाजपा सत्ता में आए और अगर आई तो लोग मोदी नहीं सुषमा को प्रधानमंत्री देखना पसंद करेंगे। वहीं, दिग्विजय की इस टिप्पणी पर खुशी जताते हुए भाजपा ने कहा कि कांग्रेस को अब मोदी में कुछ तो अच्छा दिखने लगा है।
एक मीडिया समूह के कार्यक्रम में दिग्विजय ने कहा कहा, 'मोदी कट्टरपंथी विचारों को छोड़ रहे हैं। मैं इसकी प्रशंसा करता हूं। अब उन्हें भी समझ में आ रहा है कि इस देश में कट्टरपंथी विचारों के साथ आप आगे नहीं जा सकते।' चायवाले के प्रधानमंत्री बनने के सवाल दिग्विजय ने कहा कि लोकतंत्र में यदि केरल का कोई गरड़िया राष्ट्रपति बन सकता है तो एक चायवाला भी पीएम बन सकता है। गौरतलब है कि पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन गरड़िया वर्ग से आते थे।
दिग्विजय के इन बोलों पर स्मृति ईरानी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस महासचिव के मुंह से मोदी की तारीफ सुनकर खुशी हुई। जिंदगी में पहली बार मैंने दिग्विजय सिंह के मुंह से मोदी की तारीफ सुनी। इस पर दिग्विजय सिंह ने मजाकिया लहजे में कहा कि 'मोदी पर आपकी संगत का ही असर पड़ा है। आप बधाई की पात्र हैं।' एक सवाल के जवाब में दिग्विजय ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को धर्मनिरपेक्षता का प्रमाण देने की जरूरत नहीं है। वह धर्मनिरपेक्षता के संस्कारों के साथ ही बड़े हुए हैं।
मोदी की तारीफ तो दिग्विजय ने की, लेकिन यह जोड़ना नहीं भूले कि गुजरात के मुख्यमंत्री को 2002 दंगों के पीड़ितों को इंसाफ दिलाने की दिशा में भी कुछ करना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा, 'भारत की जनता को वाजपेयी और सुषमा मंजूर हो सकते हैं लेकिन मोदी स्वीकार्य नहीं होंगे।'
Source- News in Hindi

No comments:

Post a Comment