कांकेर के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के दो बूथों चितरम व छोटे पखांजूर में नक्सली उत्पात के कारण पोलिंग पार्टी नहीं पहुंच पाई। इस वजह से यहां मतदान स्थगित करना पड़ा। चितरम बूथ की पोलिंग व पुलिस पार्टी पर नदी पार करने के समय नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बस्तर के कोलेंगे और बीजापुर के मनकेली बूथों पर भी नक्सलियों ने गोलीबारी की। सुरक्षा बल के जवानों की जवाबी कार्रवाई के बाद नक्सली भाग निकले। नारायणपुर और दंतेवाड़ा में कुछ स्थानों से टिफिन बम मिले। नुकनपाल में दस किलो इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आइईडी) बरामद किया गया।। नारायणपुर के सुलेंगी गांव में भी सुरक्षा बल पर नक्सलियों ने गोलीबारी की।
राजनांदगांव जिले से मुख्यमंत्री रमन सिंह के अलावा तीन मंत्री लता उसेंडी, केदार कश्यप और विक्रम उसेंडी भी चुनाव मैदान में थे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार कुजूर ने बताया कि कोंटा, दंतवाड़ा और बीजापुर विधानसभा क्षेत्र के करीब एक दर्जन बूथों में शून्य मतदान की जानकारी प्राप्त हुई है। नक्सलियों के भय से कोई यहां वोट देने नहीं पहुंचा। बस्तर संभाग में सुबह मतदाताओं में वोट डालने के लिए उत्साह कम देखा गया, लेकिन नौ बजे के बाद भीड़ बढ़ने लगी। महिला मतदाताओं ने जमकर उत्साह दिखाया। यहां करीब 50 फीसद मतदान हुआ। बीजापुर में इस बार भी सबसे कम 24 फीसद वोटिंग हुई। राजनांदगांव की छह विधानसभा सीटों में शुरुआत से ही केंद्रों में मतदाताओं की लंबी कतार लग गई। यहां सबसे ज्यादा 82 फीसद से अधिक वोट पड़े।
दरभा घाटी में जीता लोकतंत्र
रायपुर। नक्सली हमले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की हत्या के बाद सुर्खियों में आई दरभा घाटी में लोकतंत्र की जीत हुई है। घाटी के मतदाताओं ने 80 फीसद तक मतदान कर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों को चौंका दिया। दरभा घाटी के 25 मतदान केंद्र जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में और 34 मतदान केंद्र चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में हैं।
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