Moily gets education qualification relaxed for his peon


 Union Minister

नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री एम. वीरप्पा मोइली ने चपरासी के लिए प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से सिफारिश कर शैक्षिक योग्यता में छूट दिलाई। सूचना का अधिकार कानून (आरटीआइ) के तहत सुभाष अग्रवाल द्वारा दाखिल अर्जी पर इसका खुलासा हुआ है।
पढ़ें: मोइली के तेल बचत अभियान को अन्य मंत्रालयों का ठेंगादरअसल, वीरप्पा मोइली जब कंपनी मामलों के मंत्री थे तो शुभ नंदन कुमार उनके कार्यालय में बतौर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी कार्यरत थे। अप्रैल, 2010 में कार्मिक मंत्रालय ने नियुक्ति संबंधी नियमों में बदलाव कर पर्सनल स्टाफ में चतुर्थ को तृतीय श्रेणी में तब्दील कर दिया। इसके लिए अब आठवीं की जगह दसवीं पास होना जरूरी हो गया। जब मोइली पेट्रोलियम मंत्री बने तो उन्होंने शुभ नंदन को अपने पर्सनल स्टाफ में रखने की इच्छा जताई, लेकिन नंदन की शैक्षणिक योग्यता तृतीय श्रेणी की नहीं थी।
शुभ नंदन का मामला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के समक्ष पहुंचा, जिसे उन्होंने अनुमोदित कर दिया। 23 अक्टूबर, 2001 को दिए गए आदेश के मुताबिक मंत्रियों के निजी कर्मचारियों की उम्रसीमा में ढील देने का अधिकार कैबिनेट सचिवालय को दिया गया है, जबकि शैक्षणिक योग्यता में छूट की शक्ति सिर्फ प्रधानमंत्री के पास है।
Source- News in Hindi

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