Hindi News: जागरण ब्यूरो, लखनऊ। दंगों से बैकफुट पर आई सपा और खाद्य सुरक्षा व भूमि अधिग्रहण कानूनों का सियासी दांव चल चुकी कांग्रेस के बरक्स नरेंद्र मोदी शनिवार को कानपुर में विजय शंखनाद रैली के जरिये सूबे में भाजपा के चुनावी अभियान का आगाज करेंगे। इससे पहले गांधीनगर में उन्होंने पेट्रोलियम यूनिवर्सिटी में भाषण देते हुए युवाओं को आहवान किया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश के घाटे को भर सकती है। इस मौके पर उनके साथ भारत के मुकेश अंबानी भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं के लिए कुछ नहीं किया।
दूसरी तरफ, कानपुर रैली के मंच से मोदी जहां विकास और सुशासन के मुद्दे पर भाजपा के सियासी विरोधियों को कठघरे में खड़ा करेंगे, वहीं पश्चिमी उप्र में हुई सांप्रदायिक हिंसा से बहुसंख्यक वर्ग विशेष में सरकार के प्रति उपजी नाराजगी को पार्टी के पक्ष में मोड़ने का मौका भी नहीं चूकेंगे।
चुनावी अभियान के शंखनाद के लिए कानपुर का चयन रणनीतिक कारणों से किया गया है। अगड़ों का ठप्पा लगी भाजपा के नये खेवनहार मोदी को यह बखूबी अहसास है कि पिछड़ों को लामबंद किये बिना उप्र में पार्टी के सियासी वनवास का अंत नहीं। यही वजह है कि मोदी के रणनीतिकारों ने उनके मुहिम के आगाज के लिए मध्य उप्र की पिछड़ा बाहुल्य उस बेल्ट को चुना है जो सपा का गढ़ होने के साथ कांग्रेस के दो केंद्रीय मंत्रियों-श्री प्रकाश जायसवाल और सलमान खुर्शीद का संसदीय क्षेत्र भी है। पिछड़ों और अति पिछड़ों को अपने पाले में खींचने की इस रस्साकशी में मोदी का साथ देने के लिए मंच पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह और उमा भारती जैसे कद्दावर नेता भी होंगे।
Source- News in Hindi
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