नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले में देश के प्रमुख उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला के खिलाफ भी सीबीआइ का शिकंजा कस गया है। घोटाले की 14वीं एफआइआर में जांच एजेंसी ने आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम के साथ-साथ पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख को भी आरोपी बनाया है। पारेख और बिड़ला पर आपराधिक साजिश कर 2005 में हिंडाल्को के लिए कोयला ब्लाक का आवंटन करने का आरोप है। एफआइआर के बाद सीबीआइ ने बिड़ला, हिंडाल्को और पारेख के छह ठिकानों पर छापा भी मारा। सूत्रों ने बताया कि बिड़ला और पारेख को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। एफआइआर में बिड़ला का नाम आदित्य बिड़ला समूह के प्रतिनिधि के तौर पर दर्ज है। जबकि हिंडाल्को इसी समूह की एक कंपनी है।
सीबीआइ की एफआइआर के अनुसार ओडिशा के तालाबीरा-एक और तालाबीरा-दो कोयला ब्लाक तमिलनाडु स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम निवेली लिगनाइट के लिए आरक्षित रखे गए थे। स्क्रीनिंग कमेटी की 25वीं बैठक में भी इस पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद कुमार मंगलम बिड़ला और तत्कालीन कोयला सचिव पीसी पारेख की दिल्ली में मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद पारेख ने स्क्रीनिंग कमेटी के फैसले को बदलते हुए तालाबीरा-एक और तालाबीरा-दो कोयला ब्लाकों में निवेली लिगनाइट के हिस्से में से आधा हिंडाल्को को आवंटित कर दिया।
Source- News in Hindi
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