Asaram sexual assault case in new horizon


 Asaram sexual assault case

शाहजहांपुर, जागरण संवाददाता। नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के लिए आसाराम बापूतरह-तरह के हथकंडे अपनाते थे। इसके लिए धार्मिक कर्मकांड का भी सहारा लेते। रुपयों के 'प्रसाद' से आबरू का आकलन होता और हैसियत के मुताबिक 'शिकार' के परिजनों को रुपये सौंप दिए जाते। इस हिदायत के साथ कि दिए गए रुपये तिजोरी आदि में रखें, समृद्धि कदम चूमेगी। दरिद्रता दूर हो जाएगी। अनजान साधक आसाराम की चाल को समझ नहीं पाते और बापू का आशीर्वाद समझकर बेटी को दांव पर लगा बैठते.
आसाराम के एक पूर्व साधक ने बताया कि दुष्कर्म के आरोप में फंसे आसाराम बापू की करतूत में जितना साथ उनके गुर्गे देते थे, उससज् ज्यादा बेटियों के परिजनों को साधने की कोशिश की जाती। सत्संग के बहाने आसाराम अभिभावकों के सामने उनकी बेटियों की तारीफ कर एकांतवास के कथित अनुष्ठान की भूमिका तैयार करते थे। बेटियों के परिवार की हैसियत पर नजर रखी जाती। गरीब और निम्न मध्यमवर्गीय परिवार होने पर उन्हें प्रसाद स्वरूप मोटी रकम दी जाती। यह कहकर इसे तिजोरी में संभालकर रखें। समृद्धि आएगी।
Source- News in Hindi
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