Hindi News: नई दिल्ली। दिल्ली में विधानसभा की 70 सीटों के लिए बुधवार को तय समय से चार मिनट की देरी से मतदान शुरू हुआ। शाम चार बजे तक 55 फीसदी मतदान हुआ। वहीं, नई दिल्ली में 56 फीसदी व कृष्णा नगर में 43 फीसदी और मुंडका सीट के लाडपुर गांव में अब तक 72 फीसदी मतदान हो चुका है। यहां निगम चुनाव में लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया था। विभन्न मतदान केंद्रों पर ईवीएम में गड़बड़ी के कारण दोपहर दो बजे तक 112 मशीनें बदली गई।
आज दिल्ली के करीब एक करोड़ उन्नीस लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। दिल्ली में कुल 810 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। कांग्रेस व भाजपा के बीच होने वाली पारंपरिक लड़ाई के बीच 'आप' के आने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।
सुबह आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी डॉ. हर्षवर्धन ने वोट डाला। उसके बाद नई दिल्ली सीट के एक मतदान केंद्र पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपना वोट डाला। दोनों कुछ देर आम लोगों की तरह वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। बाद में उन्हें पुलिस के जवानों ने अलग से ले जाकर मतदान कराया। यहां भाजपा सांसद मेनका गांधी भी मतदान करने पहुंची, लेकिन उन्हें तवज्जो नहीं मिली और उन्होंने आम मतदाता की तरह ही वोट डाला।
इसी सीट पर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने भी अपना वोट डाला। औरंगजेब रोड स्थिति मतदान केंद्र पर आधे घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने करीब ग्यारह बजे मतदान किया। यहां 11:45 बजे तक 22 फीसद मतदान हुआ है। अब तक यहां 28 फीसद पुरुषों व 16 फीसद महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है।
दिल्ली चुनाव के मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय देव ने भी अपनी पत्नी के साथ नई दिल्ली विधानसभा में हनुमान रोड मतदान केंद्र पर मतदान किया। उन्होंने दिल्लीवासियों से अनिवार्य रूप से वोट डालने की अपील की।
इससे पहले, सुबह मतदान शुरू होने के आधे घंटे बाद कुछ स्थानों से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों में गड़बड़ी कि शिकायत मिली। रजोकरी में पंद्रह नंबर बूथ पर एवं मुनीरका के मतदान केंद्र नंबर 127 में मशीन में खराबी आई। वहीं पंडारा रोड स्थित मतदान केंद्र में भी ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत मिली। कागज फंसने और बैटरी ढीली होने के कारण मशीन को जब्त कर लिया गया। उधर, आदर्श नगर स्टेशन के मतदान केंद्र पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गड़बड़ी का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं के मुताबिक उन्हें मतदान केंद्र के पास उन्हें यहां टेबल लगाने से मना किया गया।
इस बीच, पूर्वी दिल्ली के मिली खबर के अनुसार यहां के पॉश इलाकों में मतदान प्रतिशत दोपहर 12 बजे तक कम रहा। खासतौर पर निर्माण विहार, प्रीत विहार, लक्ष्मी नगर और डिफेंस इन्क्लेव जैसे इलाकों में मतदान प्रतिशत कम रहा। वहीं अनाधिकृत कॉलोनियों और झुग्गी क्लस्टर का मतदान प्रतिशत ज्यादा रहा। पूर्वी दिल्ली में 12 बजे तक 15 फीसद मतदान रिकॉर्ड किया गया। विश्वास नगर स्थित मतदान केंद्र संख्या 161 में ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत मिली। इसके चलते यहां से भाजपा प्रत्याशी ओम प्रकाश शर्मा को मतदान के लिए आधा घंटा इंतजार करना पड़ा। पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में मतदान सूची में मतदाताओं के नाम गायब होने की शिकायत मिली। लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र में बनाए गए मॉडल मतदान केंद्र में बुजुर्ग एवं शारीरिक रूप से अक्षम मतदाताओं को काफी सुविधा हो रही है। यहां व्हील चेयर और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है।
उधर, सबसे हॉट सीट मानी जा रही नई दिल्ली पर सबकी निगाहें टिकी हैं। यहां मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ अरविंद केजरीवाल और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता चुनाव लड़ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि इस बार दिल्ली में भारी मतदान होने की संभावना है। अन्य राज्यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और मिजोरम में भी रिकॉर्ड तोड़ वोट पड़े हैं।
अतिसंवेदनशील बूथ अर्द्धसैनिक बलों के हवाले
राजधानी में शांतिपूर्ण मतदान के लिए बूथ के बाहर पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है। चुनाव आयोग के निर्देश पर आला पुलिस अधिकारी सुबह से ही मतदान केंद्रों की सुरक्षा का जायजा ले रहे हैं। चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा इंतजामों से मतदाताओं को कोई असुविधा ना हो।
अभी तक आयोग की तरफ से पुलिस को मतदान केंद्र के अंदर जाने वाले लोगों की चेकिंग के आदेश नहीं थे। अंतिम समय में चुनाव आयोग ने पुलिस को इसकी मंजूरी दे दी। अब मतदान केंद्र के अंदर जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों की पुलिस चेकिंग कर कर रही है। पहले आयोग का तर्क था कि पुलिस जांच से मतदाता भयभीत हो सकता है। पुलिस की तरफ से आयोग से पूछा गया कि मतदान केंद्र के अंदर जाने वाला कोई व्यक्ति चाकू, पिस्टल या बारूद छिपाकर ले जा रहा है इसका पता बिना चेकिंग कैसे लग सकता है? शहर के सभी संवदेनशील और अतिसंवेदनशील मतदान परिसरों के बाहर विशेष एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करने वालों से सख्ती से पेश आने के निर्देश हैं। मतदान केंद्रों के बाहर अफवाह फैलाने वालों पर भी पुलिस की पैनी नजर है। इस काम में खुफिया तंत्र को भी लगाया गया है। उत्तर पूर्वी दिल्ली तथा बाहरी दिल्ली इलाका खासा संवेदनशील है। यहां पुलिस की कड़ी चौकसी है। मतदान प्रक्रिया के दौरान रेलवे स्टेशन, मेट्रो तथा बस अड्डों पर भी कड़ी चौकसी बरती जा रही है। सीमाओं पर वाहनों की कड़ी जांच की जा रही है।
सुरक्षा कर्मियों की तैनाती
दिल्ली पुलिस 35,000
अर्द्धसैनिक बल 8500
होमगार्ड 18,500
कुल 62,000
मतदान परिसर 2608
मतदान बूथ 1763
संवेदनशील परिसर 543
अतिसंवेदनशील परिसर 139
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