Inquiry panel finds merit in charges against Justice Ganguly



Top Hindi Newsनई दिल्ली। यौन शोषण मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए के गांगुली की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी द्वारा प्रथम दृष्टि में जस्टिस गांगुली पर लगे आरोपों को सही मानते हुए उनका व्यवहार आपत्तिजनक माना है। अब इस मामले में पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए उससे समय मांगा है। इस विषय पर दिल्ली पुलिस कानूनी राय भी ले रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोर्ट इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि घटना के वक्त जस्टिस गांगुली सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी सदाशिवम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके निष्कर्ष पर कमेटी इस नतीजे पर पहुंची है कि पीड़िता और जस्टिस गांगुली 24 दिसंबर 2012 को एक पांच सितारा होटल में रात 8 और 10.30 बजे के बीच मिले। पीड़िता के बयान से प्रथम दृष्टि में ये लगता है कि जस्टिस गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक था। उसे यौन शोषण कहा जा सकता है।
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह का कहना है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा से जुड़ा है लिहाजा कोर्ट को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देकर मुकदमा चलाना चाहिए था। आरोप साबित होने पर जस्टिस गांगुली को दो साल तक की सजा हो सकती है।

Source- News in Hindi

नई दिल्ली। यौन शोषण मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए के गांगुली की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी द्वारा प्रथम दृष्टि में जस्टिस गांगुली पर लगे आरोपों को सही मानते हुए उनका व्यवहार आपत्तिजनक माना है। अब इस मामले में पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए उससे समय मांगा है। इस विषय पर दिल्ली पुलिस कानूनी राय भी ले रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोर्ट इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि घटना के वक्त जस्टिस गांगुली सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी सदाशिवम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके निष्कर्ष पर कमेटी इस नतीजे पर पहुंची है कि पीड़िता और जस्टिस गांगुली 24 दिसंबर 2012 को एक पांच सितारा होटल में रात 8 और 10.30 बजे के बीच मिले। पीड़िता के बयान से प्रथम दृष्टि में ये लगता है कि जस्टिस गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक था। उसे यौन शोषण कहा जा सकता है।
गांगुली पर मामला दर्ज, तृणमूल कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
समिति ने जस्टिस गांगुली को मांगा दोषी
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह का कहना है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा से जुड़ा है लिहाजा कोर्ट को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देकर मुकदमा चलाना चाहिए था। आरोप साबित होने पर जस्टिस गांगुली को दो साल तक की सजा हो सकती है।
- See more at: http://www.jagran.com/news/national-inquiry-panel-finds-merit-in-charges-against-justice-ganguly-10915513.html?src=p1#sthash.80newOpm.dpufनई दिल्ली। यौन शोषण मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए के गांगुली की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी द्वारा प्रथम दृष्टि में जस्टिस गांगुली पर लगे आरोपों को सही मानते हुए उनका व्यवहार आपत्तिजनक माना है। अब इस मामले में पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए उससे समय मांगा है। इस विषय पर दिल्ली पुलिस कानूनी राय भी ले रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोर्ट इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि घटना के वक्त जस्टिस गांगुली सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी सदाशिवम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके निष्कर्ष पर कमेटी इस नतीजे पर पहुंची है कि पीड़िता और जस्टिस गांगुली 24 दिसंबर 2012 को एक पांच सितारा होटल में रात 8 और 10.30 बजे के बीच मिले। पीड़िता के बयान से प्रथम दृष्टि में ये लगता है कि जस्टिस गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक था। उसे यौन शोषण कहा जा सकता है।
गांगुली पर मामला दर्ज, तृणमूल कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
समिति ने जस्टिस गांगुली को मांगा दोषी
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह का कहना है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा से जुड़ा है लिहाजा कोर्ट को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देकर मुकदमा चलाना चाहिए था। आरोप साबित होने पर जस्टिस गांगुली को दो साल तक की सजा हो सकती है।
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नई दिल्ली। यौन शोषण मामले में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए के गांगुली की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी द्वारा प्रथम दृष्टि में जस्टिस गांगुली पर लगे आरोपों को सही मानते हुए उनका व्यवहार आपत्तिजनक माना है। अब इस मामले में पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज करने के लिए उससे समय मांगा है। इस विषय पर दिल्ली पुलिस कानूनी राय भी ले रही है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोर्ट इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर सकता क्योंकि घटना के वक्त जस्टिस गांगुली सुप्रीम कोर्ट से रिटायर हो चुके थे।
सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी ने मुख्य न्यायाधीश जस्टिस पी सदाशिवम को अपनी रिपोर्ट सौंपी। इसके निष्कर्ष पर कमेटी इस नतीजे पर पहुंची है कि पीड़िता और जस्टिस गांगुली 24 दिसंबर 2012 को एक पांच सितारा होटल में रात 8 और 10.30 बजे के बीच मिले। पीड़िता के बयान से प्रथम दृष्टि में ये लगता है कि जस्टिस गांगुली का व्यवहार आपत्तिजनक था। उसे यौन शोषण कहा जा सकता है।
गांगुली पर मामला दर्ज, तृणमूल कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
समिति ने जस्टिस गांगुली को मांगा दोषी
एडिशनल सॉलिसिटर जनरल इंदिरा जयसिंह का कहना है कि ये मामला सुप्रीम कोर्ट की प्रतिष्ठा से जुड़ा है लिहाजा कोर्ट को एफआईआर दर्ज करने का आदेश देकर मुकदमा चलाना चाहिए था। आरोप साबित होने पर जस्टिस गांगुली को दो साल तक की सजा हो सकती है।
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