News in Hindi: जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोल्ड ड्रिंक व स्नैक्स निर्माता पेप्सिको ने साफ कर दिया है कि भारत जैसे विशाल विकासशील देश ही उसके खेवनहार होंगे। अमेरिका सहित तमाम विकसित देशों में स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों की वजह से कई तरह के विरोध झेल रही कंपनी ने अगले सात वर्षो के भीतर भारत में 33,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने का एलान किया है। यह किसी भी देश में पेप्सिको की तरफ से एकमुश्त सबसे बड़ा निवेश होगा।
पेप्सिको की सीईओ इंदिरा नूई की तरफ से जारी बयान में इसका खुलासा किया गया है। इसमें यह भी बताया गया है कि कंपनी की नजर भारत के ग्रामीण बाजार पर है। भारत जैसे विशाल बाजार में अपनी संभावनाएं तलाश रही इस कंपनी ने किसानों से आलू, टमाटर, मिर्ची सहित तमाम अन्य कृषि उत्पाद बड़े पैमाने पर खरीदने के संकेत दिए हैं। कंपनी भारत में ढांचागत सुविधा से लेकर प्लांट लगाने, आपूर्ति पक्ष को सुदृढ़ करने की अपनी क्षमता को कई गुना बढ़ाएगी। इससे कंपनी का सालाना कारोबार भी काफी बढ़ेगा। यह फिलहाल लगभग एक हजार करोड़ रुपये के करीब है।
पेप्सिको की प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कोका कोला ने एक वर्ष पहले ही भारत में पांच अरब डॉलर की राशि निवेश करने की अपनी योजना का खुलासा किया था। उसके बाद से ही यह उम्मीद लगाई जा रही थी कि पेप्सिको भी जल्द घोषणा करेगी। इसके साथ ही यह भी साफ हो गया कि जिस तरह से एक समय इन दोनों कंपनियों के बीच अमेरिका और दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के बाजार पर कब्जा जमाने के लिए मुकाबला हुआ है, वैसा ही भारत में भी देखने को मिलेगा।
माना जा रहा है कि अब ये दोनों कंपनियां भारत के ग्रामीण इलाकों में कोल्ड ड्रिंक्स बाजार को विस्तार देने में लगेंगी। वहीं, शहरों में स्नैक्स कारोबार को बढ़ावा देंगी। पिछले कुछ वर्षो से कंपनियों ने चिप्स जैसे स्नैक्स बाजार पर काफी ध्यान भी दिया है। बहरहाल, पेप्सिको की तरफ से इतने भारी-भरकम निवेश का असर भारतीय कृषि बाजार पर भी देखने को मिल सकता है। कृषि उत्पादों को खरीदने के लिए कोका कोला व पेप्सिको में मुकाबला होगा। इससे किसानों को अच्छी कीमत मिल सकती है। बहरहाल, विदेशी निवेश आमंत्रित करने में जुटे वित्त मंत्री पी चिदंबरम को भी पेप्सिको की इस निवेश योजना से
Source- Business News in Hindi
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