Hindi News: नई दिल्ली। प्रकाश का पर्व दीपावली शुभ और आयुष्मान योग में मनेगा। शुभ मुहूर्त में धन की अधिष्ठात्री देवी महालक्ष्मी का पूजन कर दीपावली का संकल्प लेंगे। विभिन्न राशि वाले व्यक्ति अलग अलग पूजन कर धन दौलत व सुख समृद्धि की कामना करेंगे।
दीपावली का त्योहार इस बार रविवार को मनाया जाएगा। सौरमंडल के राजा भगवान सूर्यदेव के दिन रविवार को मनाई जाने वाली दीपावली सभी के लिए शुभ होगी। कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या तीन नवंबर को सूर्योदय से लेकर सायं तक प्रदोष व्यापिनी होने पर दीपावली पर्व इस दिन रात्रि 11.03 बजे तक स्वाति नक्षत्र में विशेष रूप से प्रशस्त होगा। आयुष्मान योग व तुला राशि स्थित चंद्रमा कालीन अमावस्या पुण्यदायी रहेगी। वृष स्थित लगन व सह लगन भी लक्ष्मी पूजन के लिए अति उत्तम मानी जाती है। अमावस्या तिथि शनिवार को रात 8.12 बजे से शुरू होकर रविवार को 6.19 बजे तक रहेगी। महालक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल 5.30 बजे से 8.08 बजे तक विशेष शुभ माना जाएगा।
चौघड़िया रहेगी श्रेष्ठ
गंगाधाम मंदिर के पंडित निरंजन पराशर के मुताबिक रविवार को सुबह 9-12 बजे तक अमृत चौघड़िया व दोपहर 1.30-3 बजे तक शुभ व अमृत चौघड़िया रहेगा। अपरान्ह 2 बजे से 3.33 बजे तक स्थिर कुंभ लगन मुहूर्त रहेगा। सायं 6.12 बजे से 8.07 बजे तक स्थिर वृष लगन प्रदोष काल व अमृत चौघड़िया अति श्रेष्ठ रहेगी। गरुड़ पर बैठकर आने वाली लक्ष्मी सदैव सुख समृद्धि देने वाली होती है।
शुभ-लाभ मुहूर्त
प्रदोष व्यापिनी दीपावली रात्रि 11.03 मिनट तक स्वाति नक्षत्र में विशेष रूप से होगा प्रशस्त
महालक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोष काल 5.30 बजे से 8.08 बजे तक विशेष शुभ
राशिफल से करें पूजन
मेष : मेष राशि वाले व्यक्ति को श्रीयंत्र की पूजा व धनदा स्त्रोत के साथ सुंदरकांड व हनुमान चालीसा का पाठ।
वृष : कुबेर यंत्र का पूजन, कमल पुष्प के खिल बताशे सहित लक्ष्मी पूजन करें।
मिथुन : गणेश व शुभ लाभ के साथ महालक्ष्मी का पूजन करें। गणेश को लड्डू हरी दूब तथा लक्ष्मी केसर व अनार के फल चढ़ाएं।
कर्क : कमल के पुष्प, गोमती चक्र, केले के पत्ते व खीर सहित महालक्ष्मी यंत्र का पूजन कर कर्पूर से आरती उतारें।
सिंह : मेवे व सूर्य यंत्र के साथ महालक्ष्मी का पूजन करें।
कन्या : गणेश को हरी दूब, महालक्ष्मी को गुलाब के पुष्प, कस्तूरी व अष्टगंध सहित पान का बीड़ा चढ़ाएं।
तुला : देसी खांड़, पेड़े, पेठे की मिठाई व गन्ने से माता की पूजा करें।
वृश्चिक : अनार फल, मेवे, गरी गोला, केसर, गुड़ व सुपारी चढ़ाएं।
धनु : केले, कनेर के पुष्प, चंदन व बेसन के लड्डू से पूजन करें।
मकर : रात भर तेल के दीये जलाएं। कमल गट्टा से पूजन करें।
कुंभ : तिल के तेल से दीया जलाएं। गुलाब, लौंग, केसर, कस्तूरी व इत्र से पूजन करें।
मीन : गेंदे के फूल, पान का बीड़ा, इलायची, पीली सरसों, किशमिश व संतरे चढ़ाएं।
Source- Spiritual News in Hindi
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