Soon, uniform road tax to make cars cheaper


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Hindi News: जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकार दोपहिया, कार व एलएमवी जैसे गैर व्यावसायिक वाहनों पर वसूले जाने वाले एकमुश्त रोड टैक्स की न्यूनतम सीमा तय करने और इसे बढ़ाकर बिक्री मूल्य के छह फीसद तक करने पर विचार कर रही है। अभी विभिन्न राज्यों में एकमुश्त रोड टैक्स की दर अलग-अलग चार फीसद तक है।
परिवहन विकास परिषद की बुधवार को होने वाली 35वीं बैठक में इस पर विचार होगा। एक राज्य में वाहन खरीदने और दूसरे में पंजीकृत कराने के चलन से राज्यों को होने वाले राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए ऐसा जरूरी माना जा रहा है। मोटर वाहनों से संबंधित टैक्सों को युक्तिसंगत बनाने के लिए गठित समिति ने इसकी सिफारिश की थी।
समिति के अनुसार दोपहियों, कारों और हल्के मोटर वाहनों (एलएमवी) के पंजीकरण के वक्त उन पर वैट से पहले छह फीसद की दर से आजीवन टैक्स लगाया जाना चाहिए। हालांकि, परिवहन क्षेत्र के विशेषाों ने दोपहियों के लिए इस दर को ऊंचा बताते हुए इसका विरोध किया है। उनके अनुसार एलएमवी पर छह फीसद का फ्लोर रेट ठीक हो सकता है। मगर दोपहियों के लिए यह ज्यादा है। इसलिए दोपहियों, कारों और एलएमवी के लिए क्रमश: तीन, पांच व छह फीसद की दरें रखी जा सकती है।
परिषद की बैठक में टैक्सियों और मैक्सियों पर वाहन कर को युक्तिसंगत बनाने पर भी विचार किया जाना है। अभी इन वाहनों पर यात्री क्षमता और तय की जाने वाली दूरी के हिसाब से टैक्स लगता है। एक अन्य मुद्दा बसों के लिए नेशनल परमिट शुरू करने का भी है। निजी वाहनों के बढ़ते प्रयोग पर अंकुश लगाने के लिए इसे जरूरी माना गया है।
Source- News in Hindi 
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