लखनऊ [जागरण ब्यूरो]। निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह के लिए वक्त का पहिया फिर घूमता लग रहा है। जिन आजम खां चलते उन्हें मंत्री की कुर्सी गंवानी पड़ी थी, उन्ही की वजह से फिर सपा को उनकी वापसी का रास्ता खोलना पड़ रहा है।
मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर चौतरफा विवादों और आरोपों से घिरे मोहम्मद आजम खां को बचाना सपा की मजबूरी है, इसलिए बाहुबली राजा भैया की ताजपोशी की तैयारी की गई है। राजा भैया की वापसी का यह रास्ता भी आजम के साथ उनकी मुलाकात के बाद खुला है, जो पिछले शनिवार को हुई थी।
सपा नेतृत्व ने इस साल दो मार्च को कुण्डा के पुलिस क्षेत्राधिकारी जियाउल हक की हत्या के बाद रघुराज प्रताप सिंह को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था। सीओ की पत्नी ने उन पर षड्यंत्र का आरोप लगया था। हालांकि बाद में इस हत्या के मामले की जांच में सीबीआई को राजा भैया के खिलाफ सबूत नहीं मिले। अलबत्ता सीओ हत्याकांड के बाद मंत्रिमंडल से राजा भैया की विदाई में आजम का दबाव प्रमुख वजह रहा था। अब जबकि आजम मुश्किल में है तो सरकार खुद को न्याय संगत और मुंसिफाना दिखाने के लिए रघुराज को दोबारा मंत्री की कुर्सी देने की तैयारी में है।
सपा नेतृत्व को उम्मीद है कि राजा भैया छिटक रहे ठाकुर वोट को लोकसभा चुनाव में सपा की झोली में लाने में मदद करेंगे। रघुराज के समर्थकों का दावा भी है कि कौशाम्बी व प्रतापगढ़ सहित चार लोकसभा सीटों पर रघुराज का रसूख असर करेगा।
Source- News in Hindi
No comments:
Post a Comment