वाशिंगटन। अमेरिका में सरकारी शटडाउनऔर कर्ज नहीं चुका पाने के संकट का अब भी समाधान होता नहीं दिख रहा है। राष्ट्रपति बराक ओबामा ने मंगलवार को हाउस रिपब्लिकन के प्रस्ताव को एक तरह की 'फिरौती' करार देते हुए खारिज कर दिया है।
व्हाइट हाउस की प्रवक्ता एमी ब्रुंडेज के मुताबिक, राष्ट्रपति बार-बार कह चुके हैं कि देश का कर्ज चुकाने के लिए बजट पारित करने की जिम्मेदारी निभाने के लिए सांसद फिरौती न मांगे। दुर्भाग्यवश हाउस रिपब्लिकन का ताजा प्रस्ताव वैसा ही है।
गौरतलब है कि अगर अमेरिका 17 अक्टूबर तक कर्ज नहीं चुका पाया, तो दुनिया का सबसे ताकतवर देश डिफाल्टर घोषित हो जाएगा।
ब्रुंडेज ने कहा कि इसमें रिपब्लिकन के एक छोटे गुट को खुश करने की कोशिश की गई है, जिसने सरकार को शटडाउन के लिए मजबूर किया है। इससे पहले अमेरिकी सांसदों ने व्यापक विचार-विमर्श किया और उम्मीद जताई कि सरकारी कामबंदी (शटडाउन) समाप्त करने के लिए शीघ्र ही समझौता हो जाएगा। इससे संभावित वैश्विक आर्थिक संकट को टालने में भी मदद मिलेगी।
अमेरिकी सीनेटरों का कहना था कि वे समझौते के करीब पहुंच गए हैं और इससे संभावित संकट को कई महीने के लिए टाला जा सकेगा। हालांकि, उनका यह भी मानना है कि इस राह में अभी बहुत बाधाएं हैं। सीनेट में बहुमत दल के नेता हैरी रीड ने कहा कि उनके और रिपब्लिकन समकक्ष मिक मैक्कोनेल के बीच बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बुधवार का दिन हमारे लिए उजाले भरा होगा। रीड और मैक्कोनेल 14 दिन से चली आ रही कामबंदी को समाप्त करने के लिए समझौते का प्रयास कर रहे हैं।
Source- News in Hindi
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