Hindi News: अमृतसर, [रमेश शुक्ला सफर], करवाचौथ के दिन सुहागिनें चांद का दीदार कर ही पति के हाथों जल ग्रहण करती हैं, मगर प्रवासी पंजाबियों द्वारा छली गई सुहागिनों के लिए करवाचौथ हर साल दर्द लेकर आता है।
सुल्तानविंड की आरती की शादी तीन साल पहले रोहन से हुई थी। रोहन मारीशस में रहता है। रिश्ता जान-पहचान वालों ने करवाया। रोहन के मां-बाप ने बताया कि रोहन का मारीशस में बड़ा शोरूम है और वह तलाकशुदा है। एमए पास आरती ने परिवार वालों के दबाव में शादी कर ली। शादी के एक माह बाद रोहन मारीशस लौट गया और आरती से वादा कर गया कि जल्द ही वीजा भेज कर उसे बुला लेगा। कुछ माह बाद आरती भी मारीशस पहुंच गई। वहां जाकर पता चला कि रोहन ने पहले भी तीन शादियां की थीं, जिनमें दो तलाक हो चुके थे। तीसरी शादी वाली औरत अलग रह रही थी। आरती ने रोहन सेच्सच्चाई पूछी तो उसे मारा-पीटा गया। रोहन ने कहा कि अगर वह घर में रहना चाहती है तो नौकरानी बनकर रहे। मारीशस में नौकर महंगे हैं, इसलिए उसने चौथी शादी रचाई थी। आरती ने वहां की पुलिस में शिकायत की तो मारीशस पुलिस ने उसे भारत भेज दिया। आरती ने अमृतसर पुलिस में रोहन व उसके परिवार वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाई। अब अदालत ने रोहन व उसके परिवार को भगोड़ा करार दे दिया। अब आरती का समय अदालत की सीढि़यां चढ़ने में गुजर रहा है। आरती के लिए करवाचौथ सिर्फ दर्द लेकर आता है।
आरती का अदालत में केस लड़ने वाली एडवोकेट किरपाल कौर व नवदीप कौर बताया कि अदालती प्रक्रिया लंबी है। इसी वजह से एनआरआइज दूल्हों को जल्दी सजा नहीं हो पाती।
Source- News in Hindi
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