भोपाल। आचार संहिता को ठोकर मारने के बयान और ढोल वालों को नोट बांटने के मामले में चुनाव आयोग ने शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को नोटिस थमा दिया है। इसमें विजयवर्गीय से 18 अक्टूबर [शुक्रवार] शाम पांच बजे तक जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं देने पर यह माना जाएगा कि उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया है और आयोग एकतरफा कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
आयोग के सचिव बर्नाड जॉन की ओर से भेजे गए नोटिस में विजयवर्गीय से कहा गया है कि उनका यह आचरण पद की मर्यादा के खिलाफ है। आयोग ने नोट बांटने और आचार संहिता को ठोकर मारने संबंधी बयान को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना है। नोटिस जारी करते हुए यह भी कहा गया है कि क्यों न उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के तहत कार्रवाई की जाए।
आयोग ने विजयवर्गीय को दिए नोटिस में दोनों घटनाओं का सिलसिलेवार जिक्र करते हुए कहा कि उनको महू में एक संस्था द्वारा आयोजित माता की चुनरी यात्रा में ढोल वालों को नोट बांटते हुए दिखा गया है। इसी तरह इंदौर में दशहरा पर्व के दौरान शस्त्र पूजन कार्यक्रम में कहा कि हमने चुनाव आयोग को कह दिया है कि व्यवहारिक काम करो। कन्या भोजन के पैसे दिए, उनकी फोटो खींची और नगाड़े वालों को पैसे दिए, उसकी फोटो खींची। कन्या भोजन कराने हमारी परंपरा में शामिल है। हम नहीं छोड़ सकते। भजन गाना भी हमारी परंपरा है। चुनाव लड़ना छोड़ दूंगा पर भजन नहीं छोड़ सकता। हमें नहीं लड़ना चुनाव-वुनाव। ऐसी आचार संहिता को तुम अपने पास रखो। मैं इसकी ज्यादा चिंता नहीं करता। मैंने कह दिया चुनाव आयोग को जो करना हो करे, ऐसी आचार संहिता को ठोकर मारता हूं।
Source- News in Hindi
Related-
No comments:
Post a Comment