नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। भाजपा के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी का डर दिखाकर वोट मांगने पर धर्मनिरपेक्ष दलों को आड़े हाथ लेने वाले मौलाना महमूद मदनी के बयान पर सियासी घमासान शुरू हो गया है। जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद महासचिव के बयान से उत्साहित भाजपा ने कांग्रेस पर वोट के लिए समाज को मजहब के नाम पर बांटने का आरोप लगाया है। वहीं, कांग्रेस ने कहा है कि मोदी के खिलाफ समाज में खौफ पहले से ही है। माकपा ने धर्म के नाम पर राजनीतिक ध्रुवीकरण को घातक बताया है।
सोमवार को जयपुर में मौलाना महमूद मदनी ने धर्मनिरपेक्ष दलों पर मोदी का खौफ दिखाकर मुस्लिमों के वोट हासिल करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। मंगलवार को अपने बयान पर कायम मदनी ने दिल्ली में कहा कि धर्मनिरपेक्ष दलों को नकारात्मक प्रचार से वोट मांगने के बजाय अपने कार्यक्रमों और वायदों के आधार पर सकारात्मक तरीके से मतदाताओं के बीच जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्ष दलों को बताना होगा कि विभिन्न राज्यों में उनकी सरकारों ने क्या किया है। उन्होंने कितने वायदे पूरे किए हैं और कितने अधूरे हैं। केवल किसी का डर दिखाकर वोट मांगना सही नहीं होगा। मदनी के अनुसार, देश में धर्मनिरपेक्षता की जड़ें बहुत गहरी हैं और मुस्लिमों को मोदी के डर से किसी को वोट देने की जरूरत नहीं है।
Source- News in Hindi
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