Hindi News: पटना। आवश्यकता अविष्कार की जननी होती है इसे एक बार फिर से साबित किया है पटना साहिब गुरुद्वारे के 32 वर्षीय ग्रंथी जरनैल सिंह ने। जरनैल की मोबाइल और टीवी रिपेयरिंग की दुकान है, मगर हार्डवेयर इंजीनियरिंग के अपने शौक और लगाव के कारण वे हमेशा मोबाइल की कोई-न-कोई नई प्राविधि [डिवाइस] बनाने में लगे रहते हैं।
जागरण से खास बातचीत के दौरान जरनैल ने बताया कि एक दिन उनके सामने वाली दुकान का शटर तोड़कर चोरों ने चोरी की। इस पर उनके दोस्त ने उनसे बातों ही बातों में कहा कि काश, कोई ऐसी चीज होती जिससे चोरों के दुकान में घुसते ही हमें खबर लग जाती तो मेरे दुकान में यह घटना न होती। जरनैल सिंह को यह आइडिया पसंद आ गया और वे जुट गए मोबाइल के जरिए चोरों को पकड़ने की प्राविधि बनाने में ।
अनोखी प्राविधि
हमेशा कुछ नया करने की सोच और करीब आठ महीने की मेहनत के बाद उन्होंने मोबाइल के जरिए चोर पकड़ने की ऐसी एक अनोखी प्राविधि तैयार भी कर ली और नाम दिया- थीफ इंफॉर्मर। इस डिवाइस को पेटेंट कराने के लिए वे प्रयासरत हैं। उन्होंने बताया कि इस डिवाइस में एक सेंसर लगा है, जिसे दुकान बंद करने से पहले ऑन कर दिया जाता है और यदि कोई दुकान में घुसने की कोशिश करता है, तो इसमें लगे मोबाइल द्वारा आपके मोबाईल नम्बर पर रिंग आने लगेगा और इसे रिसीव करने पर आप अपने दुकान में मौजूद चोरों की बातचीत भी सुन सकेंगे। इस डिवाइस को तैयार करने के लिए उन्हें सेंसर दिल्ली से मंगाना पड़ा था। पहली बार बनाने के क्रम में सेंसर टूट गया। दूसरी बार जब मंगाया तो खराब ही निकला। अंत में तीसरी बार इस डिवाइस को बनाने में उन्हें सफलता मिली।
आर्थिक तंगी से पढ़ाई छूटी
जरनैल सिंह ने बताया कि वे जब सिर्फ 7-8 साल के थे, तभी उनके पिता की मृत्यु हो गई थी। आर्थिक तंगी के कारण उनकी मां गुरुद्वारे आ गई । बचपन से ही उन्हें ग्रंथी बनने का प्रशिक्षण मिला। वे मैटिक तक की पढ़ाई भी पूरी न कर सके। शुरू से ही इंजीनियरिंग में रुझान के कारण उन्होंने टीवी और मोबाइल रिपेयरिंग का काम सीखा। बाद में कृष्णा मोहन इंस्टीट्यूट से उन्होंने हार्डवेयर मैकेनिक का कोर्स किया। गुरुद्वारे में वे गुरु ग्रंथ साहिब की सेवा करने के साथ गुरमुखी भी पढ़ाते हैं। करीब 9 सालों से वे ग्रंथी हैं। अपने काम के बीच समय मिलने पर कल- पुर्जे में दिमाग खपाना उनका पसंदीदा काम है।
बिन पानी के चलेगा कूलर
एक साल पहले भी उन्होंने मोबाइल से एक डिवाइस तैयार की थी जिससे मिस्ड कॉल मारकर कहीं से भी अपने घर के बल्ब, पंखे या एसी को ऑफ किया जा सकता है। जरनैल कहते हैं कि वे इस बार गर्मियों में बिना पानी वाले कूलर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। वो भी मात्र तीन से साढ़े तीन हजार रुपये के खर्च में।
Source- News in Hindi