Politics over cremation of rape victim's body



Hindi Newsकोलकाता, जागरण ब्यूरो। सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की शहर के अस्पताल में मौत के बाद वामपंथी दल और कोलकाता पुलिस उसका अंतिम संस्कार करने के मुद्दे पर उलझ गए। परिजनों ने पुलिस पर जबरन अंतिम संस्कार करने की कोशिश का आरोप लगाया। माकपा की सेंट्रल ट्रेड यूनियन सीटू द्वारा बुधवार को शोक रैली आयोजित करने के बाद शाम पांच बजे पीड़िता का नीमतल्ला श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले की निवासी पीड़िता के पिता टैक्सी चालक हैं व सीटू से जुड़े हैं। सायंकाल परिजनों ने राज्यपाल एमके नारायण से मुलाकात करके सुरक्षा की मांग की।
सूत्रों ने बताया कि मंगलवार देर रात शव को शवगृह में ले जाया जा रहा था। इसी दौरान बिना परिवार की अनुमति के पुलिस ने शव को अंतिम संस्कार के लिए ले लिया था। माकपा के राज्य सचिवालय के सदस्य रॉबिन देब ने बताया कि पुलिस ने बलपूर्वक शव लेकर नीमतल्ला शवदाह गृह में अंतिम संस्कार करने की कोशिश की। लेकिन पीड़िता का मृत्यु प्रमाणपत्र पिता के पास होने के कारण पुलिस ऐसा करने में विफल रही। इसके बाद वाम दलों के कार्यकर्ताओं ने विरोध जताकर पुलिस को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इन्कार किया है। पुलिस मुख्यालय में संयुक्त आयुक्त राजीव मिश्रा ने कहा कि यह झूठा आरोप है। पुलिस ने पीड़िता के परिजनों से सलाह के मुताबिक काम किया।
अंतिम संस्कार से पहले युवती का शव सीटू मुख्यालय लाया गया। जहां वाममोर्चा के चेयरमैन बिमान बोस और वरिष्ठ माकपा नेता श्यामल चक्रवर्ती सहित अन्य कामरेडों ने शव पर फूल-माला चढ़ाई व उसके परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। गौरतलब है कि 16 वर्षीया किशोरी के साथ पिछले साल अक्टूबर में दो बार दुष्कर्म हुआ था, जिसके बाद वह 23 दिसंबर को खुद को आग लगा ली थी। मंगलवार शाम अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसके बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अधीक्षक के खिलाफ हत्या और एयरपोर्ट थाना प्रभारी के खिलाफ कार्य में लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया है।
Source- News in Hindi

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