Top Hindi News: नई दिल्ली। देश में सीबीआई को लेकर लगातार बयानबाजी चल रही है। अब तक सीबीआई पर लोग बयान दे रहे थे और अब सीबीआई प्रमुख खुद विवादित बयान देने लगे हैं। सीबीआई के निदेशक रंजीत सिन्हा एक बयान देकर मुश्किल में फंस गए हैं। खेल में सट्टेबाजी को कानूनी मान्यता देने की वकालत करते वक्त सीबीआई के निदेशक ने एक विवादास्पद बयान दे दिया। उन्होंने उदाहरण देते हुए यहां तक कह डाला, 'अगर आप सट्टेबाजी पर प्रतिबंध नहीं लगा सकते तो इसका मतलब यही हुआ जैसे आप बलात्कार को रोक नहीं सकते तो उसे आनंद करते हैं।'
सिन्हा ने यह बयान दिल्ली में जारी सीबीआई सम्मेलन के दूसरे दिन के कार्यक्रम के दौरान दिया। सिन्हा ने सट्टेबाजी की तुलना रेप से की और कहा कि रेप पर रोक नहीं लगा सकते तो इसे 'इंज्वॉय' करते हैं। अगर सट्टेबाजी नहीं रोकी सकती तो उसे कानूनी रूप दे देना चाहिए। सिन्हा के इस बयान की जबर्दस्त आलोचना हो रही है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किरन बेदी ने कहा कि रंजीत सिन्हा का यह बयान किसी भी तरह मंजूर करने लायक नहीं है। उन्होंने हैरानी जताई कि इतने बड़े पद पर बैठा व्यक्ति इस तरह का बयान कैसे दे सकता है। बीजेपी की स्मृति ईरानी ने भी रंजीत सिन्हा के इस बयान की आलोचना की।
सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने के बारे में उनके विचार पूछे जाने पर सिन्हा ने वरिष्ठ संपादक शेखर गुप्ता से कहा कि देश में सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने में कोई नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि राच्यों में लॉटरी चल सकती है, यदि हमारे होलीडे रिसार्ट में कसीनो हो सकते हैं यदि सरकार काला धन के स्वैच्छिक खुलासे की योजना की घोषणा कर सकती है तो सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने में क्या नुकसान है। जबकि आपके पास इस पर नजर रखने के लिए प्रवर्तन एजेंसियां हैं। बाद में सीबीआई प्रवक्ता ने एक स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि सिन्हा ने जिस संदर्भ में बयान दिया है वह सट्टेबाजी को कानूनी रूप देने का विचार है।
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