TCS plans to hire 5,000 employees more than initial target


 Tata Consultancy Services

मुंबई। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी टीसीएस (टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज) ने प्रारंभिक लक्ष्य से 5,000 ज्यादा लोगों को इस साल नौकरी देने का फैसला किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष की शुरुआत में बताया था कि वह इस साल करीब 45 हजार लोगों को नौकरी देगी। हालांकि, आउटसोर्सिग सेवाओं की जबरदस्त मांग से उत्साहित कंपनी ने इस लक्ष्य को बढ़ाने का फैसला किया है।
टीसीएस के मानव संसाधन ग्लोबल हेड अजॉय मुखर्जी ने बताया कि वित्त वर्ष 2013-14 में कंपनी की मांग बढ़ रही है। उसी मुताबिक, हमने नौकरियों की संख्या में भी इजाफे का फैसला लिया है। अब हम 50 हजार नौकरियां देंगे। कंपनी ने पहली तिमाही में 10,611 और दूसरी में 17,362 लोगों को नौकरी दी। मंगलवार को तिमाही नतीजों की घोषणा करते हुए कंपनी के सीईओ और एमडी एन. चंद्रशेखरन ने नियुक्तियों में इजाफे के संकेत दिए थे। कंपनी को दूसरी तिमाही में 4,702 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 34 फीसद ज्यादा है। आर्थिक सुस्ती के बावजूद टीसीएस की यह घोषणा उत्साहित करने वाली है। कई बड़ी कंपनियों ने अपनी विस्तार और नियुक्ति योजनाओं को रोका हुआ है।
हालांकि, मुखर्जी ने कहा कि बाजार की स्थिति ठीक नहीं। मगर हमारा प्रदर्शन मजबूत होता जा रहा है। कंपनी से जुड़ने वालों का आंकड़ा भी 69 फीसद से बढ़कर 74 फीसद पर पहुंच गया है। लगभग 6,300 ट्रेनी कंपनी से जुड़े चुके हैं। इसके अलावा करीब 25 हजार और चालू वित्त वर्ष में कंपनी के साथ आएंगे। हमने कॉलेजों में प्रतिभाओं की खोज करना शुरू कर दिया है। हालांकि, उन्होंने वेतन बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा कि अभी कंपनी 3.15 से 3.25 लाख रुपये का पैकेज दे रही है। हम आगे भी इतना ही पैकेज देते रहेंगे। मीडिया रिपोर्टो को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि टीसीएस ने जिन लोगों को ऑफर दिया है, उन्हें कंपनी में लिया जाएगा। हम अपना वादा नहीं तोड़ेंगे। अमेरिका में रोजगार के मुद्दे पर मुखर्जी ने बताया कि दूसरी तिमाही के बाद हम अब तक अपने साथ 600 कर्मचारी जोड़ चुके हैं। इनमें से 150 ट्रेनी हैं।
उन्होंने अमेरिका के अप्रवास कानून पर कुछ बोलने से इनकार कर दिया। इसके जरिये अमेरिका सरकार वीजा की कीमत और एच-1बी वीजा धारकों के लिए ज्यादा वेतन का प्रावधान करने जा रही है। इससे भारतीय सॉफ्टवेयर निर्यातकों पर दुष्प्रभाव पड़ेगा। टीसीएस छोड़ने वालों की संख्या में हुए 0.40 फीसद इजाफे पर मुखर्जी ने कहा कि यह सामान्य बात है। कुछ पढ़ाई और कुछ ज्यादा वेतन के लिए नौकरी छोड़ते ही हैं।
Source- News in Hindi
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