Hindi News: मुंगेर, [प्रशांत]। फातिमा फिरदौसी ने दहेज लोभियों को औकात दिखा दी। फातिमा का रविवार को ही निकाह होना था। लड़के वालों ने ऐन वक्त पर 10 लाख रुपये मांग लिए। इस पर दिलेर युवती ने निकाह से ही इन्कार कर दिया। बुजुर्गो व युवाओं ने उसके फैसले को सलाम करते हुए गांव को देशभर में मिसाल बनाने की ठान ली। चकहासिम गांव के दर्जनों बुजुर्गो और युवाओं ने समवेत स्वर में बेटियों की शादी में दहेज न देने का प्रण लिया है।
निकाह टलते ही फातिमा के घर पर लोगों का तांता लग गया। जितने मुंह उतनी बातें। आनन-फानन में गांव वालों ने बैठक की। बेटी के हौसले की दाद दी। उसके फैसले से रजामंदी भी जता दी। फिर क्या था, बहादुर बेटी के सगे-संबंधियों के चेहरे दमक उठे। कुछ देर पहले तक कानाफूसी करने वाले भी फातिमा के निर्णय पर खुशी जताने लगे।
फातिमा के पिता अब्दुल अहद, भाई मु. चांद कैसर, चाचा मु. इम्तियाज, अब्दुल वाहब, मु. शाहबउद्दीन बोले, बच्ची ने सिर फº से ऊंचा कर दिया। हमें अपनी बेटी पर नाज है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कहकशां परवीन ने इस बाबत कहा कि मैं खुद फातिमा से बात कर उसे बधाई दूंगी। कहा कि अगर फातिमा के परिजनों ने थाने में मामला दर्ज नहीं कराया होता तो राज्य महिला आयोग इसकी सुनवाई करता। अन्य लड़कियां भी फातिमा से सीख लें। जब तक लड़कियां स्वयं दहेज लोभियों का बहिष्कार नहीं करेंगी तब तक दहेज प्रथा समाप्त नहीं होगी।
Source- News in Hindi
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