Coming soon: Drugs without side effects!


 Drugs

मेलबर्न। अब जल्द ऐसी दवाओं का निर्माण संभव हो सकेगा जिसका कोई दुष्प्रभाव या साइड इफेक्ट नहीं होगा। नेचर पत्रिका में प्रकाशित खबरों के मुताबिक मोनाश इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल्स साइंसेज (एमआइपीएस) के शोधकर्ताओं ने इस दिशा में महत्वपूर्ण सफलता पाई है।
शोधकर्ताओं ने जी प्रोटीन-कपल्ड रिसेप्टर्स (जीपीसीआर) का पता लगाया है जो मानव शरीर में सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण प्रोटीन ग्राह्य है। जीपीसीआर प्रत्येक जैविक क्रिया और बीमारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मधुमेह, मोटापा, दिल संबंधी बीमारी और कैंसर जैसी बीमारियों में इसकी भूमिका अहम होती है।
फिलहाल इस्तेमाल की जा रहीं तकरीबन आधी दवाइयों में जीपीसीआर का प्रयोग किया जा रहा है। जीपीसीआर की कार्यशैली पर नए शोध से इस तथ्य का खुलासा हुआ है कि दवाइयां ग्राह्य प्रोटीन परिवार के साथ किस तरह व्यवहार करती हैं। इसका मतलब यह है कि भविष्य में ऐसी दवाओं का निर्माण संभव हो सकेगा जो सीधे बीमारी पर प्रहार करने में सक्षम हो।
एमआइपीएस के प्रोफेसर ऑर्थर क्रिस्टोपोलस ने उम्मीद जताई है कि इस शोध से ज्यादा से ज्यादा लक्ष्य निर्धारित दवाओं का निर्माण संभव हो सकेगा, जिससे न के बराबर दुष्प्रभाव होने की संभावना होगी।
Source- News in Hindi

No comments:

Post a Comment